राज्यसभा चुनाव 2026 : 12 राज्यों की 26 सीटों पर सियासी संग्राम, कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर
NTN REPORT// नई दिल्ली। देश के 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून 2026 को चुनाव होने जा रहा है। इन चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इस चुनाव में कई बड़े नेताओं का राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जार्ज कुरियन समेत कई नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

इन चुनावों के नतीजे केवल राज्यसभा का गणित ही नहीं बदलेंगे, बल्कि कई वरिष्ठ नेताओं की संसदीय वापसी या विदाई भी तय करेंगे।
18 जून को होगा चुनाव, कई राज्यों में बदलेंगे समीकरण
राज्यसभा की जिन 26 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात की चार-चार सीटें शामिल हैं। इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश की तीन-तीन सीटों पर चुनाव होगा। झारखंड की दो सीटों तथा मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश की एक-एक सीट पर मतदान कराया जाएगा।
इसके साथ ही महाराष्ट्र और तमिलनाडु में एक-एक सीट पर उपचुनाव भी होंगे। महाराष्ट्र में एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने और तमिलनाडु में एआईएडीएमके नेता सीवी शणमुगम के विधायक चुने जाने के बाद सीटें रिक्त हुई हैं।
कर्नाटक में कांग्रेस को बढ़त, देवगौड़ा की राह कठिन
कर्नाटक की चार राज्यसभा सीटों पर मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में है। वर्तमान में यहां बीजेपी के पास दो, कांग्रेस और जेडीएस के पास एक-एक सीट है। लेकिन विधानसभा में कांग्रेस के मजबूत बहुमत के कारण समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
यहां बीजेपी के नारायण कोरगप्पा और इरन्ना कडाडी, जेडीएस से एचडी देवेगौड़ा तथा कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खड़गे का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
संख्या बल के आधार पर कांग्रेस तीन सीटें जीत सकती है, जबकि बीजेपी के हिस्से में एक सीट आने की संभावना है। ऐसे में मल्लिकार्जुन खड़गे की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि एचडी देवेगौड़ा की राह आसान नहीं दिख रही। यदि बीजेपी जेडीएस को समर्थन देती है, तभी उनकी राज्यसभा वापसी संभव मानी जा रही है।
आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस को बड़ा झटका संभव
आंध्र प्रदेश की चार सीटों में वर्तमान में तीन सीटें वाईएसआर कांग्रेस और एक सीट टीडीपी के पास है। लेकिन 2024 विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल चुकी है।
अब विधायकों की संख्या के आधार पर दो सीटें टीडीपी, एक सीट जनसेना और एक सीट बीजेपी के खाते में जाती दिखाई दे रही हैं। ऐसे में वाय एस जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस को सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
गुजरात में कांग्रेस का सफाया संभव
गुजरात की चार राज्यसभा सीटों में फिलहाल तीन सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास है। कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
विधानसभा में बीजेपी के मजबूत संख्या बल को देखते हुए पार्टी चारों सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। ऐसे में कांग्रेस गुजरात से अपनी एकमात्र राज्यसभा सीट भी गंवा सकती है और शक्ति सिंह गोहिल की संसद में वापसी मुश्किल मानी जा रही है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में पुराने समीकरण बरकरार
मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीटों पर चुनाव होना है। दोनों राज्यों में वर्तमान स्थिति के अनुसार बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में बीजेपी के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी जबकि कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं राजस्थान में कांग्रेस के नीरज डांगी तथा बीजेपी के राजेंद्र गहलोत और रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
इन दोनों राज्यों में मुख्य सवाल यह है कि बीजेपी और कांग्रेस अपने पुराने चेहरों को दोबारा मौका देंगी या नए नेताओं को राज्यसभा भेजेंगी। खास तौर पर दिग्विजय सिंह की वापसी पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में क्षेत्रीय दलों का दबदबा कायम रहने के आसार
पूर्वोत्तर के मिजोरम, मणिपुर और मेघालय में एक-एक सीट पर चुनाव होना है। मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट के के वनलालवेना, मणिपुर में बीजेपी के महाराजा सनाजाओबा लेइसेंबा और मेघालय में एनपीपी के वानवेइरोय खारलुखी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए मणिपुर में बीजेपी अपनी सीट बचाने में सफल हो सकती है, जबकि मेघालय और मिजोरम में क्षेत्रीय दलों का प्रभाव बरकरार रहने की संभावना है।
महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी दिलचस्प मुकाबला
महाराष्ट्र और तमिलनाडु की रिक्त सीटों पर भी चुनाव होना है। महाराष्ट्र में एनसीपी अपनी सीट बचाने की कोशिश करेगी, जबकि तमिलनाडु में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को फायदा मिलने की चर्चा तेज है।
एनडीए को बढ़त, विपक्ष को सीमित फायदा
राजनीतिक समीकरणों के अनुसार 26 सीटों में से एनडीए को लगभग 18 सीटें मिल सकती हैं, जबकि विपक्षी इंडिया गठबंधन के खाते में करीब 8 सीटें जाने की संभावना जताई जा रही है।
सबसे बड़ा नुकसान वाईएसआर कांग्रेस को हो सकता है। वहीं बीजेपी को सीटों का फायदा मिलता दिख रहा है। कांग्रेस को भी कुछ राज्यों में लाभ मिल सकता है, लेकिन पार्टी के भीतर दावेदारों की लंबी सूची नेतृत्व के लिए चुनौती बनी हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मल्लिकार्जुन खड़गे, एचडी देवेगौड़ा, दिग्विजय सिंह, रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन जैसे दिग्गज नेताओं में कौन दोबारा राज्यसभा पहुंच पाएगा और किसकी संसदीय पारी समाप्त होगी।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।