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राजनीति

NEET विवाद पर विपक्ष का बड़ा दांव! राहुल गांधी के आक्रामक अभियान से परिसीमन विधेयक की राह हुई मुश्किल?

पेपर लीक विवाद को सड़क से संसद तक ले गई कांग्रेस, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष, संसद ठप रहने से परिसीमन विधेयक पर फिलहाल अनिश्चितता।

NTN REPORT// नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस ने इस मुद्दे को छात्रों के भविष्य और सरकार की जवाबदेही से जोड़ते हुए संसद से लेकर सड़कों तक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। इसी राजनीतिक रणनीति के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक फिलहाल आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

फाइल फोटो

राहुल गांधी ने संभाला मोर्चा

पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद राहुल गांधी ने लगातार सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया। इसके साथ ही उन्होंने कई स्थानों पर छात्रों और अभिभावकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

छात्र आंदोलन को मिला नया मंच

इसी दौरान सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)” नाम से एक नया मंच सामने आया, जिसने दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन शुरू किया। आंदोलन को उस समय और गति मिली जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन से जुड़े और भूख हड़ताल शुरू की।

मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले प्रदर्शन तेज होते गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव, लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस जैसी घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुए, जिससे पूरे देश में इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई।

संसद सत्र में कांग्रेस का दूसरा चरण

मॉनसून सत्र शुरू होते ही कांग्रेस ने अपनी रणनीति का दूसरा चरण लागू किया। राहुल गांधी विपक्षी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। हिरासत के दौरान सामने आई तस्वीरें, जिनमें राहुल गांधी की मैली टी-शर्ट और एक जूता गायब दिखाई दिया, सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में व्यापक चर्चा का विषय बन गईं।

कांग्रेस ने इन तस्वीरों को छात्रों के समर्थन और सरकार के खिलाफ अपने संघर्ष के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया।

एक मांग पर केंद्रित रही कांग्रेस

इस पूरे आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने अपनी प्रमुख मांग स्पष्ट रखी—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। विपक्ष ने संसद में इसी मांग को लेकर लगातार हंगामा किया और कहा कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार जवाबदेही तय नहीं करती, तब तक सदन सामान्य रूप से नहीं चलने दिया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार कांग्रेस ने अपनी रणनीति को एक ही मुद्दे पर केंद्रित रखा, जिससे विपक्ष का संदेश अधिक स्पष्ट दिखाई दिया।

परिसीमन विधेयक पर बढ़ी राजनीतिक चर्चा

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि केंद्र सरकार मॉनसून सत्र के दौरान परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक लाने की तैयारी में थी। हालांकि संसद में लगातार जारी गतिरोध और NEET मुद्दे पर विपक्ष के आक्रामक रुख के कारण इस विधेयक पर आगे बढ़ना फिलहाल कठिन माना जा रहा है।

हालांकि, सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की गई है कि संसद में गतिरोध के कारण ही विधेयक को टाला गया है। यह आकलन राजनीतिक चर्चाओं और विश्लेषणों पर आधारित है।

राजनीतिक प्रभाव

NEET पेपर लीक विवाद ने शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित किया है। विपक्ष इस मुद्दे को सरकार की जवाबदेही से जोड़ रहा है, जबकि सरकार लगातार अपनी स्थिति स्पष्ट कर रही है। आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही और इस मुद्दे पर सरकार तथा विपक्ष की रणनीति भारतीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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