पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन: पीएम मोदी का सख्त संदेश, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी रोजाना सुनवाई
NTN REPORT// नई दिल्ली। देशभर में प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ पहले से चल रही कार्रवाई को और अधिक कठोर बनाया जाएगा तथा इस विषय पर शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी महत्वपूर्ण चर्चा की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को दोषियों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की है। इन अदालतों में मामलों की प्रतिदिन सुनवाई होगी, ताकि जांच और ट्रायल में अनावश्यक देरी न हो तथा दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस संबंध में संबंधित राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों से विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का अनुरोध करेगी।
NEET पेपर लीक के आरोपियों पर नए कानून के तहत चलेगा मुकदमा
सूत्रों के मुताबिक, NEET पेपर लीक मामले के आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और पेपर लीक, नकल, सॉल्वर गैंग तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाया गया है।
इस कानून के तहत दोषी पाए जाने वालों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है कानून
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। इसका उद्देश्य सरकारी भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना तथा परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास मजबूत करना है।
इन परीक्षाओं पर लागू होगा अधिनियम
यह कानून निम्न प्रमुख परीक्षाओं पर लागू होता है—
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाएं
- कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षाएं
- रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की परीक्षाएं
- बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) की परीक्षाएं
- केंद्र सरकार के मंत्रालयों एवं विभागों की भर्ती परीक्षाएं
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित सभी प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाएं
चूंकि NEET का आयोजन भी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है, इसलिए इससे जुड़े पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर भी इसी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
चार राज्यों में विशेष अदालतों की तैयारी
जानकारी के अनुसार, इस कानून के तहत अब तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इनमें से दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से संबंधित बताए जा रहे हैं।
सरकार का संदेश स्पष्ट: परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वालों पर होगी निर्णायक कार्रवाई
केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की धांधली, पेपर लीक या संगठित परीक्षा अपराध को अब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना और नए कानून के तहत सख्त कार्रवाई से ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।