सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक झटके में 8800 रुपये तक टूटे भाव; जानिए क्या है वजह!
NTN REPORT// नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) के ब्याज दरों को लेकर लिए गए फैसले के बाद कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा और घरेलू से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सोना-चांदी सस्ते हो गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX), इंटरनेशनल मार्केट और सर्राफा बाजार में दोनों धातुओं के भाव में तेज गिरावट दर्ज की गई।

चांदी में 8800 रुपये से ज्यादा की गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव 8800 रुपये से ज्यादा टूटकर 2.45 लाख रुपये प्रति किलो के नीचे आ गया।
चांदी की कीमत 3.51 फीसदी यानी करीब 8840 रुपये की गिरावट के साथ 2,42,967 रुपये प्रति किलो पर कारोबार करती नजर आई।
सोने के भाव में भी भारी गिरावट
सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। MCX पर सोना करीब 3200 रुपये यानी 2.12 फीसदी टूटकर 1,50,616 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
सर्राफा बाजार में भी सोने के भाव कमजोर हुए। 24 कैरेट सोने की कीमत 800 रुपये से ज्यादा गिरकर करीब 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। वहीं 22 कैरेट सोना करीब 1.36 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब 1.12 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
चांदी की कीमतों में भी गिरावट जारी रही और सर्राफा बाजार में चांदी करीब 4000 रुपये टूटकर 2.43 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर
वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 55 डॉलर यानी 1.28 फीसदी गिरकर 4,325.22 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
वहीं चांदी की कीमत में करीब 2.53 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 68.98 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई।
फेड के फैसले से क्यों गिरे सोने-चांदी के भाव?
सोने-चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को लेकर फैसला माना जा रहा है।
फेडरल रिजर्व ने जून 2026 की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और फेडरल फंड्स रेट को 3.50 फीसदी से 3.75 फीसदी के दायरे में बरकरार रखा।
हालांकि, फेड अधिकारियों ने संकेत दिए कि महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है और आने वाले समय में दरों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
निवेशकों की नजर अब आगे की रणनीति पर
फेड की सख्त नीति के संकेतों के बाद बाजार में यह धारणा मजबूत हुई कि ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कम हो सकती है। आमतौर पर ब्याज दरें ऊंची रहने से सोने जैसी सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ता है।
फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने भी महंगाई को लेकर चिंता जताई और संकेत दिया कि फिलहाल दरों में कटौती की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उनके रुख को महंगाई के खिलाफ सख्त माना जा रहा है।
इसी वजह से निवेशकों ने सोने और चांदी में बिकवाली की, जिससे दोनों कीमती धातुओं के भाव में तेज गिरावट आई।
नोट: किसी भी असेट में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।