बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों के अनुभवी आईपीएस सुंदरराज पी को NIA में मिली बड़ी जिम्मेदारी, IG पद पर नियुक्ति
NTN REPORT// रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में लंबे समय तक नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार को इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र भेजकर उनकी प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) की जानकारी दी है।

गृह मंत्रालय के पत्र के अनुसार, वर्ष 2003 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी सुंदरराज पी की नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद NIA में की गई है। मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार से उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने को कहा है, ताकि वह केंद्र सरकार में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकें।
बस्तर में 12 साल तक संभाली अहम जिम्मेदारियां
46 वर्षीय सुंदरराज पी को बस्तर क्षेत्र में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले पुलिस अधिकारियों में गिना जाता है। उन्होंने नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में करीब 12 वर्षों तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
इनमें लगभग सात वर्ष उन्होंने लगातार बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) और पुलिस प्रमुख के तौर पर बिताए। बस्तर रेंज में दक्षिण छत्तीसगढ़ के सात जिले शामिल हैं, जो लंबे समय तक देश में नक्सली गतिविधियों के सबसे बड़े केंद्रों में रहे हैं।
कई बड़े नक्सल विरोधी अभियानों की संभाली कमान
अपने कार्यकाल के दौरान सुंदरराज पी ने सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए कई बड़े नक्सल विरोधी अभियानों की निगरानी की। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, बस्तर क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने और कई बड़े नक्सली नेताओं के खिलाफ चलाए गए अभियानों में सुंदरराज पी का रणनीतिक योगदान महत्वपूर्ण रहा।
जब भी बस्तर में सुरक्षा बलों को किसी बड़े अभियान में सफलता मिली या किसी घटना में नुकसान हुआ, तब मीडिया के सामने सुरक्षा स्थिति और अभियान से जुड़ी जानकारी साझा करने में सुंदरराज पी प्रमुख चेहरा रहे।
नक्सलवाद के खिलाफ रणनीति में अहम भूमिका
केंद्र सरकार ने देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए समय सीमा तय करते हुए अभियान तेज किया है। अधिकारियों का मानना है कि बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को मिली सफलताओं में सुंदरराज पी के नेतृत्व, रणनीति और अनुभव की बड़ी भूमिका रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, गृह मंत्रालय ने सुंदरराज पी को NIA में भेजने के लिए विशेष सिफारिश की थी। यह निर्णय बस्तर में माओवादियों के खिलाफ अभियानों में उनके नेतृत्व, समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए लिया गया है।
NIA को मिलेगा नक्सल और आतंक विरोधी अनुभव का लाभ
सुंदरराज पी की नई जिम्मेदारी को राष्ट्रीय स्तर पर उनके अनुभव की पहचान के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि माओवादी नेटवर्क, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और जमीनी स्तर पर ऑपरेशन की उनकी समझ का लाभ अब NIA को मिलेगा।
NIA देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी है, जो आतंकी गतिविधियों, संगठित अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच करती है।
कोयंबटूर के रहने वाले हैं सुंदरराज पी
तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी सुंदरराज पी ने कृषि विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया।
IPS अधिकारी के रूप में उनके लंबे अनुभव, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने की विशेषज्ञता को देखते हुए NIA में उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।