
NTN NEWS REPORT// अंबिकापुर/सरगुजा। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के रिश्वत प्रकरण में विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, अंबिकापुर ने आरोपी लेखापाल सहायक ग्रेड-02 प्रमोद कुमार गुप्ता को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने 9 अप्रैल 2026 को यह फैसला सुनाया।
सेवानिवृत्त प्रधान पाठक से मांगी थी रिश्वत
प्रकरण के अनुसार, ग्राम शांतिपारा, विकासखंड बतौली, जिला सरगुजा निवासी बरनाबस मिंज (65 वर्ष) ने 17 सितंबर 2020 को एसीबी कार्यालय अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे 28 फरवरी 2017 को पूर्व माध्यमिक शाला घोघरा से प्रधान पाठक पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें केवल ग्रेच्युटी के रूप में 15 लाख रुपये प्राप्त हुए थे, लेकिन अवकाश नगदीकरण की 6 लाख रुपये की राशि और सातवें वेतनमान का लगभग 1 लाख रुपये एरियर्स लंबित था।
बिल बनाने के नाम पर की गई अवैध मांग
शिकायत में बताया गया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बतौली में पदस्थ लेखापाल सहायक ग्रेड-02 प्रमोद गुप्ता ने अवकाश नगदीकरण की राशि का बिल बनाने के लिए 60 हजार रुपये और सातवें वेतनमान के एरियर्स का बिल तैयार कर कोषालय में जमा कराने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी।
ट्रैप कार्रवाई में 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने 30 दिसंबर 2020 को ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी प्रमोद गुप्ता को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बतौली के स्थापना/लेखा शाखा में की गई।
न्यायालय ने सुनाई सजा
विवेचना पूर्ण होने के बाद 16 जुलाई 2021 को विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, अंबिकापुर में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में सुनवाई उपरांत न्यायालय ने 9 अप्रैल 2026 को आरोपी को दोषी करार देते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
यह फैसला भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख का संकेत माना जा रहा है।