
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के ‘साइलेंट मैच विनर’ बने शिवम दुबे
NTN NEWS REPORT// आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम की सफलता की बात जब भी होती है तो चर्चा अक्सर ईशान किशन, संजू सैमसन, सूर्यकुमार यादव या हार्दिक पंड्या जैसे बड़े नामों के इर्द-गिर्द घूमती है। लेकिन आंकड़ों और मैच परिस्थितियों पर नजर डालें तो एक नाम लगातार उभरकर सामने आता है — शिवम दुबे। कम सुर्खियों के बावजूद उन्होंने इस टूर्नामेंट में भारत के लिए बेहद अहम भूमिका निभाई है।
आंकड़े बता रहे कहानी

मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में शिवम दुबे भारत के उन चार बल्लेबाजों में शामिल हैं जिन्होंने 200 से ज्यादा रन बनाए हैं। इस सूची में उनके साथ संजू सैमसन, ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव भी हैं।
- कुल रन: 200+
- औसत: 34.83
- स्ट्राइक रेट: 159.54
- छक्के: 15
अगर भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज का नाम पूछा जाए तो ज्यादातर फैन्स संजू सैमसन (16 छक्के) या अन्य बड़े नामों का जिक्र करेंगे, लेकिन शिवम दुबे का योगदान भी लगभग उतना ही प्रभावी रहा है।
बदलती बैटिंग पोजीशन, हर रोल में फिट
शिवम दुबे की सबसे बड़ी खासियत रही है उनका लचीलापन। पूरे टूर्नामेंट में उनकी बल्लेबाजी पोजीशन तय नहीं रही।
- 3 बार नंबर 6 पर
- 2 बार नंबर 5 पर
- 1-1 बार नंबर 4 और नंबर 7 पर
लगातार बदलती भूमिका किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन दुबे ने हर स्थिति में खुद को ढाला और टीम की जरूरत के अनुसार योगदान दिया।
खराब शुरुआत से शानदार वापसी
टूर्नामेंट की शुरुआत उनके लिए निराशाजनक रही थी। पहले ही मैच में वे शून्य पर आउट हो गए। लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार उपयोगी पारियां खेलकर अपनी अहमियत साबित की।
मैच दर मैच अहम योगदान
नामीबिया के खिलाफ:
16 गेंदों में 23 रन बनाकर पारी को गति दी, जिससे हार्दिक पंड्या को खुलकर खेलने का मौका मिला।
पाकिस्तान के खिलाफ:
ईशान किशन के 77 रनों के बावजूद पारी की रफ्तार धीमी पड़ रही थी। ऐसे में दुबे ने 17 गेंदों में 27 रन बनाकर भारत को 175 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
नीदरलैंड्स के खिलाफ:
जब कोई भी बल्लेबाज 35 रन पार नहीं कर पाया, तब दुबे ने 31 गेंदों में 66 रन ठोककर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। यह उनकी सबसे यादगार पारी रही।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ:
188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 43/4 पर संघर्ष कर रहा था। दुबे ने 37 गेंदों में 42 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, हालांकि टीम जीत नहीं सकी।
वेस्टइंडीज के खिलाफ:
संजू सैमसन ने नाबाद 97 रन बनाए, लेकिन दबाव के समय दुबे के दो चौकों ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया।
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल:
नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए 25 गेंदों में 43 रन की तेज पारी खेली। खासकर लेग स्पिनर आदिल राशिद के खिलाफ लगाए गए तीन छक्कों ने इंग्लैंड की रणनीति बिगाड़ दी।
बल्ले के साथ गेंद से भी असरदार
शिवम दुबे ने इस टूर्नामेंट में सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, गेंदबाजी से भी योगदान दिया है।
- 5 विकेट टूर्नामेंट में
- अगस्त 2023 के बाद 50 टी20 इंटरनेशनल मैच
- 860 रन, औसत 33.07, स्ट्राइक रेट 154.12
- 55 छक्के
- 26 विकेट, गेंदबाजी औसत 24.53
यह आंकड़े उन्हें एक प्रभावी ऑलराउंडर के रूप में स्थापित करते हैं।
क्यों कहे जा रहे हैं ‘साइलेंट मैच विनर’?
टीम इंडिया में कई बड़े सितारे हैं और चर्चा अक्सर उन्हीं के इर्द-गिर्द रहती है। लेकिन हर मैच के बाद जब स्कोरकार्ड देखा जाता है तो शिवम दुबे का नाम जरूर नजर आता है। उन्होंने न केवल मुश्किल परिस्थितियों में रन बनाए, बल्कि तेजी से रन बनाकर मैच का रुख भी बदला।
कम सुर्खियों में रहकर लगातार असर छोड़ने की यही क्षमता उन्हें इस टी20 वर्ल्ड कप में भारत का ‘साइलेंट मैच विनर’ बनाती है।