
13 मार्च से शनि देव होंगे अस्त, साढ़ेसाती और ढैय्या से मिल सकती है राहत
NTN NEWS REPORT// वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि देव को कर्म, न्याय और अनुशासन का ग्रह माना जाता है। 13 मार्च 2026 से 21 अप्रैल 2026 तक शनि अस्त अवस्था में रहेंगे। ज्योतिष मान्यता है कि जब कोई ग्रह अस्त होता है तो उसका प्रभाव कुछ समय के लिए कमजोर पड़ जाता है। ऐसे में जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव चल रहा है, उन्हें इस अवधि में कुछ राहत मिल सकती है।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, यह समय कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों को मिल सकता है लाभ।
मेष राशि: खर्चों पर नियंत्रण और कार्यों में तेजी
मेष राशि के जातकों के लिए शनि का अस्त होना राहत देने वाला माना जा रहा है। साढ़ेसाती का दबाव कुछ कम महसूस हो सकता है।
- अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण संभव होगा।
- आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।
- लंबे समय से अटके कार्यों में गति आने की संभावना है।
- स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में कमी आ सकती है।
- विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता के संकेत मिल रहे हैं।
कुल मिलाकर यह अवधि मेष राशि वालों के लिए संतुलन और सुधार का समय साबित हो सकती है।
वृश्चिक राशि: करियर और कारोबार में प्रगति के संकेत
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है।
- लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे।
- नौकरी और व्यवसाय में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।
- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
- कार्यक्षेत्र में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है।
- किसी बड़े प्रोजेक्ट या डील की संभावना बन सकती है।
यह समय वृश्चिक राशि वालों के लिए नई शुरुआत और उपलब्धियों का संकेत दे रहा है।
धनु राशि: ढैय्या से राहत और आर्थिक सुधार
धनु राशि के लोगों को इस अवधि में शनि ढैय्या से कुछ राहत मिल सकती है।
- अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है।
- करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं।
- कार्यस्थल पर काम की सराहना होगी।
- आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।
धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव धनु राशि के जातकों के जीवन में स्थिरता ला सकते हैं।
कुंभ राशि: आय के नए स्रोत और संपत्ति लाभ के योग
कुंभ राशि वालों के लिए भी शनि का अस्त होना लाभकारी संकेत दे रहा है।
- साढ़ेसाती के प्रभाव से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
- मेहनत का उचित फल मिलने की संभावना है।
- आय के नए स्रोत बन सकते हैं।
- संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ के योग हैं।
- विदेश से संबंधित कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
यह समय कुंभ राशि के लिए योजनाओं को साकार करने का अवसर बन सकता है।
13 मार्च से 21 अप्रैल 2026 तक शनि के अस्त रहने की अवधि को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित राशियों को इस दौरान कुछ राहत और सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि ज्योतिषीय फलादेश व्यक्ति की कुंडली पर भी निर्भर करता है, इसलिए व्यक्तिगत सलाह के लिए विशेषज्ञ से परामर्श करना उचित रहेगा।