
एक ही कार्यालय, कई पद और सालों की पदस्थापना: क्या बिलासपुर हाउसिंग बोर्ड में सब कुछ संयोग है? कॉर्नर आवास, विशेष निगरानी और सालों की तैनाती—बिलासपुर हाउसिंग बोर्ड में उठे असहज सवाल!
जहां ट्रांसफर होते रहे अधिकारी, वहां एक नाम क्यों अडिग? भ्रष्टाचार विरोधी नीति के बीच वर्षों से एक ही संभाग में पदस्थ अधिकारी पर पारदर्शिता को लेकर चर्चा
NTN NEWS REPORT// बिलासपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के बिलासपुर संभाग अंतर्गत कार्यपालन अभियंता कार्यालय में वर्तमान में पदस्थ अधिकारी जूही श्रीवास्तव की पदस्थापना को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जूही श्रीवास्तव ने अपने सेवाकाल की शुरुआत सहायक अभियंता के रूप में इसी कार्यालय से की थी और उसके बाद संपदा अधिकारी कार्यालय से जुड़े विभिन्न पदों पर रहते हुए वर्तमान में कार्यपालन अभियंता के दायित्व का निर्वहन कर रही हैं।
एक ही स्थान पर वर्षों तक पदस्थापना पर उठे प्रश्न
गृह निर्माण मंडल जैसे संवेदनशील विभाग में सामान्यतः अधिकारियों का समय-समय पर स्थानांतरण किया जाता रहा है, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितताओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। इसके विपरीत, जूही श्रीवास्तव का लंबे समय तक एक ही संभाग एवं लगभग एक ही कार्यालय परिसर से जुड़े पदों पर पदस्थ रहना कई तरह के संदेह को जन्म दे रहा है।
भ्रष्टाचार विरोधी नीति की भावना के विपरीत?
राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाए जाने की बात सार्वजनिक रूप से कही जाती रही है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यदि कोई अधिकारी लंबे समय तक एक ही स्थान पर विभिन्न पदों पर बना रहता है, तो इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता पर असर पड़ सकता है। हालांकि, यह विषय जांच का है कि वर्तमान मामले में नियमों का पालन हुआ है या नहीं।
अभिलाषा परिसर में आवास आवंटन को लेकर सवाल
हाल ही में अभिलाषा परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान जूही श्रीवास्तव को कथित रूप से कॉर्नर आवास आवंटित होने की जानकारी सामने आई है। जबकि आम तौर पर ऐसे आवासों की मांग अधिक होती है और सभी आवेदकों को यह सुविधा नहीं मिल पाती। इसे महज संयोग माना जाए या कुछ और—यह भी जांच का विषय है।
रिश्तेदारों को आवास आवंटन की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, कार्यपालन अभियंता के कुछ रिश्तेदारों को भी आवास आवंटन की जानकारी मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसा हुआ है, तो यह नियमों के अनुरूप है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक मानी जा रही है।
विशेष गुणवत्ता और विशेष निगरानी का दावा
यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि जिस आवास का आवंटन जूही श्रीवास्तव को हुआ है, उसके निर्माण में विशेष गुणवत्ता और अतिरिक्त निगरानी बरती जा रही है, जबकि अन्य आवासों के निर्माण में समान स्तर की सुविधा नहीं दिखाई देती। यदि ऐसा है, तो यह समानता के सिद्धांत के विरुद्ध माना जा सकता है।
अन्य मामलों से जुड़ा संदर्भ
उल्लेखनीय है कि हाल ही में अंबिकापुर वृत्त में उपायुक्त पीसी अग्रवाल और उनके कर्मचारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटना ने गृह निर्माण मंडल में व्याप्त संभावित अनियमितताओं पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में बिलासपुर संभाग की कार्यप्रणाली पर भी वरिष्ठ अधिकारियों की नजर जाना आवश्यक बताया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
गृह निर्माण मंडल के वरिष्ठ अधिकारी ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराएं और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों का स्थानांतरण सुनिश्चित करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।