
अजगर समझकर न करें भूल! जांजगीर के वार्ड 12 में निकला दुनिया के सबसे खतरनाक सांपों में शामिल रसेल वाइपर
सतर्कता, साहस और मानवता की मिसाल बनी स्नेक रेस्क्यू टीम, टला बड़ा हादसा
NTN NEWS REPORT// जांजगीर। जिले के वार्ड क्रमांक 12 में मंगलवार की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मोहल्ले में एक बड़े सांप के दिखने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों ने प्रथम दृष्टया उसे अजगर समझा, लेकिन मौके पर पहुंची स्नेक रेस्क्यू टीम भी उस समय चौंक गई जब जांच में पता चला कि वह कोई साधारण अजगर नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे खतरनाक और जानलेवा जहरीले सांपों में से एक रसेल वाइपर (Russell’s Viper) है।
हेमोटॉक्सिन जहर से लैस, एक काट में जानलेवा
रेस्क्यू टीम के अनुसार रसेल वाइपर में हेमोटॉक्सिन नामक अत्यंत घातक जहर पाया जाता है, जो सीधे इंसान के खून और आंतरिक ऊतकों पर हमला करता है। समय पर इलाज न मिले तो यह सांप कुछ ही घंटों में जान ले सकता है। यही कारण है कि भारत में होने वाली सांप काटने से मौतों में रसेल वाइपर की भूमिका बेहद गंभीर मानी जाती है।
अंडा नहीं, सीधे बच्चों को देता है जन्म
इस सांप की एक और खतरनाक विशेषता इसकी अनोखी प्रजनन क्षमता है। अन्य सांपों की तरह यह अंडे नहीं देता, बल्कि सीधे बच्चों को जन्म देता है। एक बार में 40 से 50 तक बच्चे पैदा हो सकते हैं, जिससे इसके फैलाव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
शरीर पर बने छल्ले बनते हैं धोखे की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार इसके शरीर पर बने गोल छल्ले अक्सर लोगों को भ्रमित कर देते हैं और वे इसे अजगर का बच्चा समझ बैठते हैं। यही भ्रम कई बार जानलेवा साबित हो जाता है। इस घटना में भी यही स्थिति बनी, लेकिन समय रहते सच्चाई सामने आ गई।
बिना घबराए बुलाया गया रेस्क्यू दल
वार्ड वासियों की समझदारी और सतर्कता के चलते तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर टीम ने अत्यंत सावधानी और पेशेवर तरीके से इस जहरीले सांप को काबू में किया और शहर से दूर सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया, जिससे न तो किसी की जान गई और न ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचा।
ये हैं वो जांबाज जिन्होंने टाली अनहोनी
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में
अनुराग शुक्ला, सोनू राठौर, भोला राठौर, दादू भाई, शैल भाई, पप्पू और शिवा भाई शामिल रहे। इन सभी ने बिना किसी डर के अपनी जान जोखिम में डालकर एक बड़े हादसे को टाल दिया।
निःशुल्क सेवा, इंसानियत की मिसाल
विदित हो कि अनुराग टिंकू शुक्ला और उनकी पूरी टीम न सिर्फ जांजगीर नगर बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी जहरीले सांपों का निःशुल्क रेस्क्यू करती है। इनका उद्देश्य केवल और केवल आमजन की सुरक्षा है। हाल ही में टीम द्वारा घायल सांप का इलाज कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाना भी मानवता की एक दुर्लभ मिसाल माना जा रहा है।
जहां इंसानों से स्वार्थ जुड़ गया, वहां ये टीम जीवन बचा रही
आज के दौर में जहां इंसान-इंसान से बिना स्वार्थ नहीं जुड़ता, वहीं यह टीम बिना किसी शुल्क, बिना किसी प्रचार के लगातार जीवन बचाने का काम कर रही है—चाहे वह इंसान का हो या वन्य जीव का। यही वजह है कि जांजगीर सहित आसपास के क्षेत्रों में लोग इन्हें इंसानियत और परोपकारिता की जीवंत मिसाल मानते हैं।
अपील
यदि कहीं भी सांप दिखाई दे— उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें तुरंत विशेषज्ञ स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना देंआपकी एक सही सूचना, किसी की जान बचा सकती है।