
NTN NEWS REPORT// बिलासपुर (छत्तीसगढ़) बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले का पर्दाफाश करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मेडिकल व्यवसायी को प्रधानमंत्री समृद्धि योजना के नाम पर कम ब्याज में 50 लाख का लोन दिलाने तथा 30 प्रतिशत छूट देने का लालच देकर लगभग 73 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई थी।
यह महत्वपूर्ण कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज डॉ. संजीव शुक्ला (भा.पु.से.) के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में की गई। रेंज साइबर थाना टीम लगातार साइबर अपराधों के विरुद्ध अभियान चला रही है।
मामले का पूरा खुलासा
प्रार्थी राजेश पांडेय, निवासी नेचर सिटी, सकरी, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने स्वयं को श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस लिमिटेड, मुंबई का अधिकारी बताकर प्रधानमंत्री समृद्धि योजना के तहत कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा दिया।
12 फरवरी 2024 से 29 सितंबर 2025 के बीच विभिन्न मोबाइल नंबरों से स्वयं को ग्रिजेश त्रिवेदी तथा अन्य नामों से परिचय देकर कई बार कॉल किया गया और कुल 73,23,291 रुपए की ठगी कर ली गई।
जांच में सामने आया साइबर फ्रॉड नेटवर्क : रेंज साइबर थाना ने विस्तृत तकनीकी जांच की, जिसमें— ठगी में उपयोग किए गए बैंक खातों की पहचान फर्जी सिम कार्डों का उपयोग विभिन्न ऑनलाइन लेनदेन के प्रमाण साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त अद्यतन रिपोर्ट
जांच में पता चला कि आरोपी बिहार के जिला वैशाली, ग्राम गढ़वाल कनौली के निवासी हैं। इस आधार पर एक विशेष टीम निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में बिहार भेजी गई।
दो दिनों की निरंतर खोजबीन के बाद मिली सफलता
विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस की सहायता से क्षेत्र में लगातार दो दिनों तक पतासाजी की और अंततः दोनों मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी : 1. विकास कुमार उर्फ विक्रम सिंह, उम्र 28 वर्ष , 2. अमन कुमार सिंह उर्फ पीयूष दोनों निवासी – वार्ड क्रमांक 13, गढ़वाल कनौली, थाना महुआ, जिला वैशाली (बिहार)
पूछताछ में बड़े खुलासे : आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे दिल्ली में किराए के मकान में रहकर अपने अन्य साथियों के साथ साइबर ठगी का काम करते थे। प्रधानमंत्री समृद्धि योजना के नाम पर कम ब्याज में लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को फंसाया जाता था। ठगी की रकम निकालने के लिए फर्जी बैंक खाते व फर्जी सिम का उपयोग किया जाता था।
कई बैंक खाते अपने एवं अन्य लोगों के नाम पर बनवाए गए थे, जिन्हें ठगी की राशि ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
अगली कार्रवाई जारी : गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में उनके अन्य साथियों तथा ठगी की गई कुल रकम के उपयोग और नेटवर्क के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
मामला अपराध क्रमांक 718/2025, धारा 318(4), 111(4) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। साइबर थाना बिलासपुर रेंज आगे भी इस मामले में ठोस कार्रवाई कर रहा है।