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जांजगीर मुख्यालय की सड़कें बदहाल, धूल-कोयले और गड्ढों के बीच आमजन की राह मुश्किल; आखिर कब जागेगा प्रशासन?

NTN REPORT// जांजगीर-नैला। जांजगीर शहर की बदहाल सड़कों और उड़ती धूल ने नगर की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राखी के त्योहार के दिन भी शहर की सड़कों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सामने आई तस्वीर में सड़क पर भारी वाहन की आवाजाही के बीच उड़ती धूल और कोयले के कणों से राहगीरों को जूझते देखा जा सकता है।

प्रतीकात्मक एआई तस्वीर

नेताजी चौक से रेलवे स्टेशन तक सड़क की हालत बनी सवाल

जांजगीर मुख्यालय में नेताजी चौक से रेलवे स्टेशन तक जाने वाली सड़क की बदहाली शहर की लचर व्यवस्था को बयां करने के लिए काफी है। कहीं सड़क की सतह खराब है तो कहीं धूल और भारी वाहनों की आवाजाही से राहगीरों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ रही है।

एक ओर शहर में यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क की स्थिति आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। सड़क किनारे रहने वाले परिवारों और दुकानदारों को भी उड़ती धूल से परेशानी होने की बात सामने आ रही है।

मुख्यालय का यह हाल तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा सहज

जांजगीर जिला मुख्यालय है। ऐसे में यदि मुख्यालय की प्रमुख सड़कों की स्थिति ही बदहाल नजर आए तो जिले के अन्य क्षेत्रों की सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

आम नागरिकों का सवाल है कि जब प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का नियमित रूप से शहर में आवागमन होता है, तो क्या उन्हें इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इन बदहाल सड़कों और धूल की समस्या पर नहीं जाती?

समस्या नई नहीं, फिर समाधान का इंतजार क्यों?

शहरवासियों का कहना है कि सड़क और धूल की समस्या ऐसी नहीं है, जिसका समाधान संभव न हो। सड़क की मरम्मत, आवश्यक रखरखाव, धूल नियंत्रण और भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने जैसे उपायों पर समय रहते काम किया जाए तो लोगों को काफी राहत मिल सकती है।

सवाल यह भी है कि किसी सड़क पर बड़ी दुर्घटना होने या समस्या विकराल रूप लेने का इंतजार क्यों किया जाए? प्रशासन का मूल उद्देश्य ही यह होना चाहिए कि संभावित समस्याओं का समाधान समय रहते कर दिया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी और जोखिम से बचाया जा सके।

सरकार की योजनाएं और प्रशासन की जिम्मेदारी

सरकार द्वारा नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि प्राथमिकता वाली समस्याओं को चिन्हित कर उनका समयबद्ध निराकरण कराया जाए।

हालांकि, किस मद से और किस प्रक्रिया के तहत किसी विशेष सड़क का काम कराया जा सकता है, यह संबंधित विभाग के तकनीकी परीक्षण और उपलब्ध बजट पर निर्भर करता है। इसलिए आवश्यक है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करे और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करे।

आमजन पूछ रहा—आखिर कब मिलेगी राहत?

जांजगीर शहर की सड़कों की स्थिति अब केवल आवागमन का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह प्रशासनिक प्राथमिकताओं और व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है। लोगों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देगा और नेताजी चौक से रेलवे स्टेशन मार्ग सहित शहर की प्रमुख सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस पहल करेगा।

आम जनता को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं, बल्कि उससे पहले समाधान चाहिए। जिला मुख्यालय की सड़कें बेहतर होंगी, तभी शहर के विकास और सुचारु व्यवस्था का संदेश जमीन पर दिखाई देगा।

नोट: इस समाचार में सड़क की स्थिति एवं प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों/चिंताओं को आधार बनाया गया है। संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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