भाजपा नेता अमर सुल्तानिया के खिलाफ दर्ज मामला जांच में झूठा निकला, पुलिस ने किया खारिज
काउंटर केस दर्ज कराने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, एसपी विजय कुमार पांडेय ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
NTN REPORT// जांजगीर,21.05.26। जांजगीर-चांपा जिले के नैला चौकी क्षेत्र में भाजपा नेता अमर सुल्तानिया के खिलाफ दर्ज मारपीट और गाली-गलौज का मामला पुलिस जांच में झूठा पाए जाने के बाद खारिज कर दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ताओं द्वारा अपने विरुद्ध पहले से दर्ज अपराध से बचने के उद्देश्य से तथ्य छुपाकर काउंटर अपराध दर्ज कराया गया था। अब झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मामले की मॉनिटरिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप तथा नगर पुलिस अधीक्षक योगिता बाली खापर्डे कोतवाली के निर्देशन में की गई।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, चौकी नैला क्षेत्र के ग्राम मुड़पार में भाजपा नेता अमर सुल्तानिया का इथेनॉल प्लांट निर्माणाधीन है। प्लांट निर्माण के लिए ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित होने और सरपंच द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने के बाद रामसागर बांधा तालाब से मिट्टी उत्खनन का कार्य किया जा रहा था।
आरोप है कि गांव के प्रहलाद गिर गोस्वामी और अन्य लोग निजी स्वार्थ के चलते लगातार मिट्टी उत्खनन कार्य का विरोध कर रहे थे। इसी क्रम में 18 मई 2026 की रात करीब 10 बजे घटनास्थल पर पहुंचकर उत्खनन कार्य रुकवाया गया और वहां मौजूद अमर सुल्तानिया के कर्मचारी लोचन प्रसाद मिरी और लोकेश कुमार भैना के साथ हाथ-मुक्कों और डंडों से मारपीट की गई।
इस घटना के आधार पर पुलिस ने प्रहलाद गिर गोस्वामी एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
अगले दिन दर्ज कराया गया काउंटर केस
पुलिस जांच में सामने आया कि जब प्रहलाद गिर गोस्वामी और अन्य लोगों को अपने खिलाफ अपराध दर्ज होने की जानकारी मिली, तब उन्होंने 19 मई 2026 को चौकी नैला में अमर सुल्तानिया और उनके गार्डों के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज का काउंटर मामला दर्ज कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और वायरल वीडियो फुटेज का परीक्षण किया गया।
वीडियो और जांच में नहीं मिले मारपीट के सबूत
पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों में अमर सुल्तानिया अथवा उनके कर्मचारियों द्वारा किसी प्रकार की मारपीट या गाली-गलौज करना सामने नहीं आया। इसके अलावा विवेचना के दौरान यह भी पता चला कि 18 मई को ही प्रहलाद गिर गोस्वामी द्वारा चौकी नैला में एक लिखित आवेदन दिया गया था, जिसमें केवल मिट्टी उत्खनन और धमकी देने की बात कही गई थी। उस आवेदन में मारपीट या गाली-गलौज का कोई उल्लेख नहीं था।
इसी आधार पर पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि बाद में दर्ज कराया गया मामला झूठे तथ्यों पर आधारित था और इसे अपने विरुद्ध दर्ज अपराध से बचने के उद्देश्य से दर्ज कराया गया।
झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों पर होगी कार्रवाई
पुलिस ने अमर सुल्तानिया और उनके गार्डों के खिलाफ दर्ज अपराध को खारिज कर दिया है। साथ ही झूठी जानकारी देकर अपराध दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ताओं के खिलाफ भी पृथक से वैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।