
NTN REPORT// एसीबी ने दो अलग-अलग प्रकरण में लोकसेवक को रिश्वत लेते गिरफ्तार गिरफ्तार किया है। जिला कोण्डागांव में दृष्टिबाधित दिव्यांग से रिश्वत लेते लेखापाल को गिरफ्तार किया गया है। एसीबी के द्वारा लगातार रिश्वतखोर अधिकारी कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है पर रिश्वतखोरी में कमी नहीं आ रही है , पैसे की लालच में रिश्वतखोर अधिकारी इतना डूब चुके है कि उनको मिल रही सैलरी नहीं के बराबर लगती है उनका केवल एकमात्र उद्देश्य रहता है कैसे भी काली कमाई का जरिया बना रहे। इसी लालच में फंसकर रंगे हाथों पकड़े जा रहे है, नौकरी को दांव में लगा रहे है। एसीबी की कमान जब से पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने संभाली है तब से लगातार रिश्वतखोर अधिकारियों के विरुद्ध ताबड़तोड़ कार्यवाही की जा रही है, जिससे धीरे धीरे ही सही रिश्वतखोरों में खौफ पैदा तो हो रहा है।
प्राप्त जानकारी अनुसार दृष्टिबाधित दिव्यांग प्रार्थी दिलीप कुमार, निवासी दुर्ग द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो, जगदलपुर में शिकायत की गई थी कि उनका चयन जिला मिशन कार्यालय कोण्डागांव में स्पेशल एजुकेटर के पद पर हुआ है। जिस पर आरोपी अरूण सेठिया, लेखापाल (सूचना प्रबंधक समन्वयक), समग्र शिक्षा, जिला कोण्डगांव से मिलने पर पदस्थापना करवाने के लिये 30,000 रूपये रिश्वत की मांग की जा रही है।
आरोपी से बार-बार मिलने पर भी बगैर रिश्वत उसकी पदस्थापना नहीं की जा रही थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन पश्चात् आज दिनांक 29.01.2025 को ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से अरूण सेठिया, लेखापाल (सूचना प्रबंधक समन्वयक) को प्रथम किश्त 20,000 रू. रिश्वत लेते रंगे हाथो पकड़ा गया।
प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही