
लू के कहर पर सख्त एक्शन: बच्चों की सुरक्षा के लिए बदला आंगनबाड़ी का समय, 30 जून तक नई व्यवस्था लागू
NTN NEWS REPORT// रायपुर, 24 अप्रैल 2026। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री साय ने बड़ा और त्वरित फैसला लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव किया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र 30 जून 2026 तक प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इसमें बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे तेज गर्मी और लू के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में बच्चों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख (ECCE) और शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियां तय समय-सारिणी के अनुसार संचालित होती रहेंगी। साथ ही पूरक पोषण आहार का वितरण भी नियमित रूप से किया जाएगा, जिससे बच्चों के पोषण और शिक्षा पर कोई असर न पड़े।
निर्देशों के मुताबिक, आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 7 बजे खुलेंगे और बच्चों की उपस्थिति 9 बजे तक रहेगी, जबकि केंद्र अन्य सेवाओं के लिए 11 बजे तक संचालित रहेंगे। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने जॉब चार्ट के अनुसार अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी।
मुख्यमंत्री ने गृहभेंट के जरिए पोषण परामर्श सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया है। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी और लू की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
इधर,लक्ष्मी राजवाड़े ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस व्यवस्था की सतत निगरानी करें और नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 1 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक संचालित होंगे।
सरकार के इस फैसले को बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे भीषण गर्मी के बीच उन्हें राहत मिल सकेगी।