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राजनीति

16–18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र: 2029 से महिलाओं को 33% आरक्षण दिलाने की तैयारी, दक्षिण के राज्यों को सीटें घटने का डर नहीं

NTN NEWS REPORT// नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र का मुख्य एजेंडा लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में जरूरी कानूनी संशोधन करना है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने विशेष सत्र के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

फाइल फोटो

2029 से लागू करने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने ही लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया है। अब आवश्यकता है कि कानून में आवश्यक संशोधन कर इसे समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए।

उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले इस कानून पर संसद की मुहर लग जाए, ताकि महिलाओं को उनका अधिकार सुनिश्चित हो सके।”

‘नारी शक्ति वंदन कानून’ में संशोधन होगा मुख्य आकर्षण
विशेष सत्र का प्रमुख केंद्र बिंदु ‘नारी शक्ति वंदन कानून’ में संशोधन रहेगा। सरकार की मंशा है कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें अतिरिक्त रूप से जोड़ी जाएं, न कि मौजूदा सीटों में कटौती कर आरक्षण दिया जाए।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि संसद में ऐसा कानून लाया जाएगा जिससे देश के किसी भी राज्य की लोकसभा सीटें कम न हों और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें अलग से बढ़ाई जाएं।

दक्षिण भारत के राज्यों को भरोसा
परिसीमन और सीटों की संख्या को लेकर दक्षिण भारत के कई राज्यों में आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं। खासकर Kerala, Tamil Nadu, Karnataka, Andhra Pradesh, Goa और Telangana जैसे राज्यों में यह चर्चा थी कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के कारण उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा, “केरल हो या तमिलनाडु, दक्षिण भारत के किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी। महिलाओं के लिए जो सीटें होंगी, वे अतिरिक्त होंगी। इससे इन राज्यों को और अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा।”

विपक्ष से सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन के दलों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ-हानि से ऊपर उठकर देखें।

उन्होंने कहा, “संसद में कानून पर ठप्पा लगाना चाहते हैं कि कहीं भी लोकसभा की सीटें कम न हों। महिलाओं के लिए जो सीटें होंगी, वे अतिरिक्त बढ़ें। हमें आशा है कि विपक्ष इस ऐतिहासिक कदम में हमारा समर्थन करेगा।”

40 साल से लंबित है महिलाओं का अधिकार
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा पिछले चार दशकों से लंबित है और अब इसे और नहीं टाला जा सकता। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे कांग्रेस और LDF जैसे दलों से यह वादा लें कि महिलाओं के अधिकार से जुड़ा यह कानून निर्विरोध पारित हो।
“माताओं-बहनों का यह हक बीते 40 साल से लटका हुआ है, जिसे अब 2029 के लिए दोबारा नहीं लटकाया जा सकता,” प्रधानमंत्री ने कहा।

2029 में महिला प्रतिनिधित्व में ऐतिहासिक वृद्धि का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि 2029 के लोकसभा चुनाव में महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि सुनिश्चित की जाए। इससे देश की आधी आबादी को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी मिल सकेगी।
विशेष सत्र को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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