भूतों से परेशान मां के लिए बेटे ने मांगा अजीब वरदान, प्रेमानंद महाराज जी ने दिया अनोखा जवाब
NTN REPORT// जब जीवन में परेशानियां, मानसिक तनाव और उलझनें बढ़ जाती हैं, तब लोग समाधान और सही मार्गदर्शन की तलाश में संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की शरण लेते हैं। ऐसे ही एक प्रसंग में एक व्यक्ति अपनी मां की समस्या लेकर प्रेमानंद महाराज जी के पास पहुंचा, जहां उसकी बात सुनकर महाराज भी मुस्कुरा पड़े।

मां को भूतों से परेशान बताकर युवक ने रखी अनोखी इच्छा
दरअसल, युवक ने प्रेमानंद महाराज से कहा कि उसकी मां को भूत-प्रेत परेशान कर रहे हैं। इसके बाद उसने ऐसी इच्छा जताई, जिसने वहां मौजूद लोगों को भी हैरान कर दिया। युवक बोला कि वह उन भूतों पर शासन करना चाहता है, इसलिए उसे “शैतानों का राजा” बना दिया जाए।
यह बात सुनते ही प्रेमानंद महाराज मुस्कुराए और बड़े सहज भाव से युवक को समझाया।
“भूतों के राजा भगवान शंकर हैं” — प्रेमानंद महाराज
प्रेमानंद महाराज ने युवक से कहा कि भूतों के स्वामी स्वयं भगवान शिव हैं, जिन्हें भूतेश्वर कहा जाता है। उन्होंने कहा,
“भूतों के राजा तो भूतेश्वर भगवान शंकर हैं। इसलिए शैतानों का राजा बनने की इच्छा मत करो, बल्कि देवताओं के राजा बनने की कोशिश करो।”
महाराज ने आगे समझाया कि भगवान के नाम का जप ही सबसे बड़ा उपाय है और सच्चे मन से नाम स्मरण करने से भय और नकारात्मकता दूर हो जाती है।
“राम नाम से दूर हो जाते हैं भूत-प्रेत”
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान के नाम में अद्भुत शक्ति होती है। उन्होंने प्रसिद्ध चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा—
“भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे।”
उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति “राम-राम”, “राधे-राधे” या “कृष्ण” नाम का जप करता है, तो नकारात्मक शक्तियां स्वतः दूर हो जाती हैं। महाराज के अनुसार, भगवान का नाम सुनने से भूत-प्रेत जैसी योनि में भटक रही आत्माओं का भी कल्याण होता है।
“भूतों से डरने की जरूरत नहीं”
प्रेमानंद महाराज ने लोगों को डर से बाहर निकलने की सलाह देते हुए कहा कि भूत-प्रेत भी 84 लाख योनियों में से एक योनि हैं और वे भगवान की इच्छा के बिना किसी को नुकसान नहीं पहुंचा सकते।
उन्होंने कहा,
“कभी भूतों से डरना मत। वे तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। कई बार वे अपने कल्याण के लिए भी भगवान का नाम सुनने के उद्देश्य से मनुष्यों के पास आते हैं।”
श्मशान और गंगा किनारे के अनुभव भी बताए
महाराज ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं कई बार श्मशान और गंगा किनारे ऐसे अनुभव महसूस किए हैं, लेकिन कभी किसी प्रकार की हानि नहीं हुई।
उनके अनुसार, भगवान का स्मरण और सकारात्मक आस्था हर प्रकार के भय को समाप्त कर सकती है।
भूत-प्रेत के प्रभाव से बचने के बताए सरल उपाय
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर भूत-प्रेत या नकारात्मक प्रभाव महसूस हो, तो उसे भगवान का नाम सुनाना चाहिए। साथ ही उस पर जल छिड़कना या भगवान का स्मरण करके जल पिलाना भी लाभकारी माना गया है।
उन्होंने युवक को समझाते हुए अंत में कहा कि शैतानों का राजा बनने की इच्छा छोड़कर भगवान का सेवक बनने का प्रयास करना ही सबसे श्रेष्ठ मार्ग है।
आध्यात्मिक संदेश ने लोगों को किया प्रभावित
प्रेमानंद महाराज के इस संदेश को सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। सोशल मीडिया पर भी यह प्रसंग तेजी से चर्चा में है और लोग इसे भय के बजाय भक्ति और सकारात्मक सोच का संदेश बता रहे हैं।
डिस्क्लेमर: धार्मिक एवं आध्यात्मिक मान्यताएं व्यक्तिगत आस्था पर आधारित होती हैं। यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।