
गणेश चतुर्थी पर चूहा दिखना शुभ या अशुभ? जानें क्या कहता है शास्त्र!
Ganesh Chaturthi 2025: इस समय गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में उत्साह से मनाया जा रहा है. मान्यताओं के अनुसार गणेश उत्सव के समय यदि किसी को चूहा दिखाई दे तो इसे शुभ संकेत माना जाता है.
NTN NEWS REPORT : Ganesh Chaturthi 2025: देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे उत्साह से मनाया जा रहा है. यह त्योहार 10 दिन तक चलता है. इस साल यह उत्सव 27 अगस्त गणपति स्थापना से लेकर 6 सिंतबर मूर्ति विसर्जन तक रहेगा. कई लोगों भगवान गणेश की स्थापना कर उनका विसर्जन भी कर चुके हैं।
भक्त श्रद्धा अनुसार भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन डेढ़ दिन से लेकर तीन, पांच, सात और दस दिन तक कर सकते हैं. मान्यताओं के मुताबिक कहा जाता है कि इस अवधि के बीच अगर कहीं पर भी चूहा दिखता है तो उसे नजर अंदाज न करें. इसके पिछे एक बड़ा संकेत है।
चूहे को देखने का क्या होता है संकेत?
सनातन मान्यताओं के अनुसार अचानक दिखाई देने वाली हर वस्तु या जीव अपने साथ कोई न कोई संदेश लेकर आता है. इन्हें अनदेखा करना सही नहीं माना जाता. विशेषकर गणेश उत्सव के समय यदि किसी को चूहा दिखाई दे, तो इसे शुभ संकेत माना जाता है।
कहा जाता है कि गणेश चतुर्थी के दौरान चूहे के दर्शन होना इस बात का प्रतीक है कि आपके जीवन से कठिनाइयां दूर होने वाली है और भगवान गणेश ने आपको अपना आशीर्वाद दे दिया है. यदि सफेद चूहे का दर्शन हो जाए तो यह और भी मंगलकारी माना जाता है. इसका अर्थ है कि जीवन की रुकावटें जल्द ही समाप्त होंगी और सकारात्मक परिवर्तन आने वाले हैं।
चूहे का घर से बाहर जाना शुभ संकेत
यदि किसी व्यक्ति को यह दिखाई दे कि चूहा घर से बाहर निकल रहा है, तो इसे सकारात्मक प्रतीक माना जाता है. ऐसा दृश्य इस बात का संकेत देता है कि घर की परेशानियां और नकारात्मक ऊर्जा अब दूर होने वाली हैं।
मान्यता है कि चूहा अपने साथ समस्याओं को ले जाकर घर में खुशहाली और सुख-समृद्धि का मार्ग खोलता है और घर में नए अवसर और शांति के आने का भी संदेश देता है।
साथ ही, किस दिशा में चूहा जाता है. इसका भी विशेष महत्व होता है, क्योंकि दिशा के आधार पर परिणामों तय किया जाता है।
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि NTN NEWS REPORT किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.