
NEET पेपर लीक पर देशभर में बवाल: संसद से सड़क तक हंगामा, दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, सोनम वांगचुक ने रखीं अनशन खत्म करने की शर्तें
NTN REPORT// नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बुधवार को देशभर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज रही। संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। लोकसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, जबकि दिल्ली, पटना, चंडीगढ़, जयपुर और भोपाल समेत कई शहरों में छात्रों और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन किए। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से सकारात्मक आश्वासन मिलने पर अनशन समाप्त करने की बात कही है।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान बुधवार देर शाम टॉलस्टॉय मार्ग पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों पर पत्थर और बोतलें फेंकी, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में डंडे भी थे, जिनका इस्तेमाल सुरक्षाकर्मियों पर किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तथा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दो से तीन आंसू गैस के गोले भी छोड़े। पुलिस ने कहा कि पथराव की शुरुआत किस कारण से हुई, इसकी जांच की जा रही है।
पटना में छात्र-पुलिस भिड़ंत, थानाध्यक्ष सहित कई घायल
दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बिहार की राजधानी पटना में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) के कार्यकर्ताओं ने जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान गांधी मैदान थानाध्यक्ष के सिर में चोट लगी, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
चंडीगढ़ में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने
चंडीगढ़ में पंजाब भाजपा द्वारा कांग्रेस मुख्यालय के घेराव के ऐलान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। पुलिस ने सेक्टर-15 स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग कर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई। हालांकि पुलिस की मौजूदगी के चलते कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। जयपुर और भोपाल में भी विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और पुलिस से चार सप्ताह में मांगा जवाब
छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने याचिकाकर्ताओं को जवाब मिलने के बाद चार सप्ताह में प्रत्युत्तर (रिजॉइंडर) दाखिल करने की अनुमति भी दी है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। हाईकोर्ट ने घटना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध वीडियो सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है।
सोनम वांगचुक बोले— आश्वासन मिला तो आज ही खत्म होगा अनशन
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद कहा कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन देती है तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
उन्होंने सरकार के सामने पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने, संसद में जवाबदेही तय करने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करने तथा आंदोलनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने जैसी मांगें रखीं। वांगचुक ने बताया कि 65 सांसदों ने भी उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है।
बाद में जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों पर बल प्रयोग नहीं करने का स्पष्ट आश्वासन देती है तो वह अपना 25 दिन पुराना अनशन तत्काल समाप्त कर देंगे। अन्यथा उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अनशन के दौरान उनका लगभग 11 किलोग्राम वजन कम हो चुका है तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के संयम की सराहना करते हुए उन पर हुई कार्रवाई पर चिंता भी जताई।
संसद में भी गूंजा मुद्दा
लोकसभा में भी NEET पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। विपक्षी दलों ने सरकार से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इस मुद्दे पर सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।