वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियां तेज, 24 साल बाद अफ्रीकी धरती पर लौटेगा क्रिकेट का महाकुंभ
NTN REPORT// नई दिल्ली। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब आईसीसी वनडे विश्व कप 2027 पर टिक गई हैं। क्रिकेट का सबसे बड़ा वनडे टूर्नामेंट करीब 24 साल बाद एक बार फिर अफ्रीकी महाद्वीप में लौटने जा रहा है। साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नए फॉर्मेट, नए वेन्यू और ज्यादा टीमों की भागीदारी के साथ यह विश्व कप रोमांच से भरपूर होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक आईसीसी वनडे विश्व कप 2027 का आयोजन 4 अक्टूबर 2027 से 21 नवंबर 2027 तक किया जा सकता है। आईसीसी बोर्ड की अहमदाबाद में हुई बैठक में प्रस्तावित तारीखों पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। हालांकि अंतिम फैसला जुलाई में स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में होने वाली आईसीसी वार्षिक आम बैठक (AGM) में लिया जा सकता है।
2003 के बाद पहली बार अफ्रीका में लौटेगा वनडे विश्व कप
आखिरी बार अफ्रीकी धरती पर वनडे विश्व कप का आयोजन साल 2003 में हुआ था। उस समय साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने संयुक्त रूप से टूर्नामेंट की मेजबानी की थी। अब करीब ढाई दशक बाद क्रिकेट का यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट फिर से अफ्रीका में खेला जाएगा।
साउथ अफ्रीका इससे पहले 2007 टी20 विश्व कप, 2009 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी20 विश्व कप जैसे बड़े आईसीसी आयोजनों की मेजबानी कर चुका है। लेकिन वनडे विश्व कप की वापसी को लेकर क्रिकेट जगत में अलग उत्साह देखने को मिल रहा है।
14 टीमों का होगा नया फॉर्मेट, बढ़ेगा रोमांच
2027 विश्व कप में एक बार फिर 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले 2023 और 2025 के संस्करणों में केवल 10 टीमों को मौका मिला था। 14 टीमों की वापसी से टूर्नामेंट में ज्यादा मुकाबले, ज्यादा प्रतिस्पर्धा और बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।
प्रस्तावित फॉर्मेट के अनुसार 14 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप में 7-7 टीमें होंगी। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष तीन टीमें सुपर सिक्स चरण में प्रवेश करेंगी। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के जरिए विश्व चैंपियन का फैसला होगा।
इस फॉर्मेट में कुल 54 मुकाबले खेले जाने की संभावना है।
साउथ अफ्रीका में होंगे सबसे ज्यादा मुकाबले
टूर्नामेंट के दौरान कम से कम 41 मुकाबले साउथ अफ्रीका के आठ अलग-अलग स्टेडियमों में खेले जा सकते हैं। साउथ अफ्रीका के प्रमुख क्रिकेट मैदान इस ऐतिहासिक आयोजन के गवाह बनेंगे।
वहीं जिम्बाब्वे को भी 8 से 10 मैचों की मेजबानी मिलने की संभावना है। हरारे और बुलावायो के साथ इस बार विक्टोरिया फॉल्स भी विश्व कप आयोजन का हिस्सा बन सकता है।
विक्टोरिया फॉल्स में बन रहा शानदार क्रिकेट स्टेडियम
जिम्बाब्वे के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल विक्टोरिया फॉल्स के पास फाले मोसी-ओ-तुन्या इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। यह स्टेडियम इसी साल तैयार होने की उम्मीद है। विश्व कप से पहले यहां घरेलू क्रिकेट मुकाबले भी आयोजित किए जा सकते हैं।
यह मैदान क्रिकेट और पर्यटन के अनोखे संगम के रूप में दुनिया भर के दर्शकों को आकर्षित कर सकता है।
नामीबिया पहली बार बनेगा विश्व कप आयोजन का हिस्सा
वनडे विश्व कप 2027 में नामीबिया भी पहली बार मेजबान देश के रूप में शामिल होगा। हालांकि नामीबिया को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
वहीं मेजबान साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को पूर्ण सदस्य देश होने के कारण सीधे विश्व कप में खेलने का अधिकार मिल चुका है।
2027 विश्व कप के साथ शुरू होगा नया क्रिकेट चक्र
आईसीसी वनडे विश्व कप 2027 केवल एक टूर्नामेंट नहीं होगा, बल्कि यह 2027-31 फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) की शुरुआत भी करेगा। इसी दौरान आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के भविष्य को लेकर भी बड़े फैसले ले सकती है।
आईसीसी सभी 12 पूर्ण सदस्य देशों को WTC में शामिल करने पर विचार कर रही है। वर्तमान में जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान इसका हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा एकमात्र टेस्ट मैचों को भी WTC अंक प्रणाली में शामिल करने पर चर्चा जारी है।
अगर प्रस्तावित कार्यक्रम को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो अक्टूबर 2027 में दुनिया की 14 सर्वश्रेष्ठ टीमें अफ्रीकी मैदानों पर वनडे क्रिकेट के सबसे बड़े खिताब के लिए आमने-सामने होंगी।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।