
PM मोदी ने बनाया ऐसा प्लान, UNSC में 2026 तक तड़पता रहेगा पाकिस्तान, 5 देश शहबाज-मुनीर को सिखाएंगे सबक
Pakistan in UNSC: भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर सुरक्षा परिषद में घेरने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की रणनीति बनाई है।प्रतिनिधिमंडल 12 मौजूदा और 5 आगामी सदस्य देशों का दौरा करेगा।
नई दिल्ली. पाकिस्तान को आतंकवाद के मसले पर सुरक्षा परिषद में भी घेरने की रणनीति भारत ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के जरिए जोरदार तरीके से तैयार की है। पाकिस्तान मौजूदा में सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य है. भारत ने अपने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में उन 5 देशों के दौरे को भी शामिल किया है जो अगले साल सुरक्षा परिषद के सदस्य बनेंगे. ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान का कार्यकाल खत्म होने यानी 2026 के अंत तक आतंकवाद पर घेरा भी जा सके और आतंकवाद से पल्ला झाड़ने पाकिस्तान की चाल को बेनकाब किया जा सके।

पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ भारत के कुल 7 सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में से 3 प्रतिनिधिमंडल दुनिया की तीन दिशाओं में जा चुके हैं. पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की रणनीति का एक बड़ा फोकस सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को मजबूत तरीके से तब तक घेरे रखना है जब तक पाकिस्तान सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य है. और यही वजह है कि भारत का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षा परिषद के मौजूदा 15 सदस्य देशों में 12 देशों में तो जा ही रहा है, इसके अलावा 5 उन देशों में भी जा रहा है जो अभी सुरक्षा परिषद के सदस्य न हो लेकिन अगले साल की शुरुआत में दो साल के लिए बन जायेंगे. ये सदस्य देश होंगे – लातविया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, बहरीन, साइबेरिया और कोलंबिया।
ये पांच राष्ट्र एक जनवरी, 2026 से 31 दिसंबर, 2027 तक UNSC के अस्थाई सदस्य रहेंगे और मौजूदा में UNSC का अस्थाई सदस्य पाकिस्तान 31 दिसंबर 2026 तक UNSC का सदस्य रहेगा. ऐसे में लातविया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, बहरीन, लाइबेरिया और कोलंबिया में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का मकसद ये है कि आतंकवाद के बचाव में पाकिस्तान के तर्कों के खिलाफ इन देशों को सुरक्षा परिषद का सदस्य बनने से पहले से ही पूरी जानकारी हो।
गौर करने वाली बात है की सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान अपने सहयोगी देश चीन की मदद से आतंकवाद का बचाव हमेशा करता रहा है और यही वजह है कि पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ दुनिया भर में भारत की मुहिम में भारत ने चीन को भी अलग रखा है और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल चीन में नहीं भेजा है।
ऐसे में आतंकवाद के मसले पर सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के साथ-साथ चीन को अलग-अलग किया जा सके इसीलिए सुरक्षा परिषद के मौजूदा 12 सदस्य देशों के साथ अगले 5 सदस्य देशों को भी भारत ने अपनी सूची में रखा है ताकि इन देशों को पाकिस्तान के आतंकवाद पर सही और स्पष्ट जानकारी हो।