
26 जनवरी राष्ट्रीय पर्व पर शासन के आदेश की खुलेआम अनदेखी, जांजगीर में गृह निर्माण मंडल उप-संभाग कार्यालय ने नहीं की रोशनी
NTN NEWS REPORT// जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर जारी सर्वोच्च प्राथमिकता वाले आदेश (बिंदु क्रमांक-9) के अनुसार प्रदेश के सभी शासकीय/सार्वजनिक भवनों एवं राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को 25 एवं 26 जनवरी की रात रोशन किया जाना अनिवार्य था। इस आदेश का उद्देश्य राष्ट्रीय पर्व की गरिमा बनाए रखना और सार्वजनिक स्थलों को उत्सवमय स्वरूप देना था।
लेकिन जांजगीर-चांपा जिले के जिला मुख्यालय में स्थित कार्यालय सहायक अभियंता, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, उप-संभाग जांजगीर द्वारा शासन के इस स्पष्ट आदेश की अवहेलना करते हुए न तो 25 जनवरी की शाम और न ही 26 जनवरी की शाम को कार्यालय परिसर की रोशनी की गई। यह लापरवाही सीधे-सीधे शासनादेश की धज्जियां उड़ाने जैसा कृत्य है।
पक्ष जानने का प्रयास, फोन नहीं उठाया
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप-संभाग जांजगीर में पदस्थ अधिकारियों से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, परंतु संबंधित अधिकारियों द्वारा कॉल रिसीव नहीं की गई। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े होते हैं।
महात्मा गांधी उद्यान में सिर्फ औपचारिकता
इतना ही नहीं, 26 जनवरी के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के गार्डन में केवल एक माला पहनाकर औपचारिकता निभा दी गई। गांधी प्रतिमा कई स्थानों पर टूट-फूट की स्थिति में है, जिसकी मरम्मत की आवश्यकता को भी नजरअंदाज किया गया। उद्यान परिसर में कूड़े-कचरे और गंदगी का आलम बना रहा, जो राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के विपरीत है।
घोर लापरवाही का परिणाम
शासकीय कार्यालय को रोशन न करना, गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर शासनादेश की अनदेखी करना और राष्ट्रपिता की प्रतिमा व परिसर की उपेक्षा—ये सभी घटनाएं यहां पदस्थ अधिकारियों की घोर लापरवाही को दर्शाती हैं।
कड़ी कार्रवाई की मांग
जनहित में यह आवश्यक है कि ऐसे लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी राष्ट्रीय महत्व के अवसरों पर इस प्रकार की लापरवाही करने का साहस न कर सके और शासन के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो।
देखिए आदेश…


