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कोंडागांव के विकास का नया स्वर्णिम अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी 152 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

सुशासन तिहार के समाधान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री, 43 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन, बड़े कनेरा से बस्तर के सुदूर अंचलों तक पहुंचेगी विकास की नई रोशनी, सड़क, सिंचाई, पर्यटन और अधोसंरचना को मिलेगी गति

NTN REPORT// रायपुर/कोंडागांव, 01 जून 2026। सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, हितग्राहियों से संवाद किया तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कोंडागांव जिले को 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाले 43 महत्वपूर्ण विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात भी दी। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 44 से 45 डिग्री तापमान में लोगों की भारी उपस्थिति सरकार के प्रति जनता के विश्वास और सुशासन तिहार की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जनता का यह विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है।

जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं है, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राजधानी में बैठकर जमीनी वास्तविकताओं का सही आकलन नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार सीधे जनता के बीच पहुंच रही है।

उन्होंने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा। इस दौरान प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। बड़े कनेरा में आयोजित यह शिविर प्रदेश का 19वां जिला स्तरीय समाधान शिविर रहा, जिसमें ग्रामीणों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली।

152 करोड़ रुपये से अधिक के 43 विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री ने जिले में कुल 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

इनमें शामिल हैं—

  • 96 करोड़ 30 लाख 63 हजार रुपये की लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण।
  • 55 करोड़ 88 लाख 21 हजार रुपये की लागत के 29 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन।

इन परियोजनाओं के माध्यम से सड़क, सिंचाई, पुल-पुलिया, ग्रामीण अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी।

बड़े कनेरा को मिली कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं

समाधान शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

प्रमुख घोषणाएं

  • नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
  • केशकाल-बांसकोट-माकड़ी-एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबे मार्ग के मजबूतीकरण कार्य को मंजूरी।
  • बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक पुल-पुलियों सहित 12 किलोमीटर सड़क निर्माण।
  • बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पुल-पुलियों सहित 5 किलोमीटर सड़क निर्माण।
  • बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भवन का निर्माण।
  • कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य।
  • विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन का निर्माण।
  • केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन का निर्माण।
  • बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

बड़े कनेरा बना जागरूकता और नवाचार का मॉडल गांव

मुख्यमंत्री ने बड़े कनेरा को एक जागरूक और प्रगतिशील गांव बताते हुए कहा कि यहां के लोग विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही चमन लाल और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लाभार्थी आनंद कुमार पवार का उदाहरण देते हुए बताया कि जिन परिवारों को पक्का मकान मिला है, वहीं सोलर ऊर्जा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे हुए पूरे

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान किए गए “मोदी की गारंटी” के अधिकांश वादों को सरकार ने ढाई वर्षों के भीतर पूरा कर दिया है।

उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे 18 लाख परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है और इस मामले में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

किसानों, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को मिल रहा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीद रही है तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। इसके साथ ही दो वर्षों का लंबित बोनस भी किसानों को दिया गया है।

उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही आगामी वर्षों में 10 लाख लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनवासियों को मिली राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी गई है। इसके साथ ही संग्राहकों के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराई जा रही है। वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों से गांवों में मिल रही 400 से अधिक सेवाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को शासकीय सेवाओं के लिए शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं।

इन केंद्रों के माध्यम से—

  • बैंकिंग सेवाएं
  • प्रमाण पत्र
  • भुगतान सेवाएं
  • विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं

एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य में मोबाइल एप के माध्यम से भी नागरिक घर बैठे आवेदन और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।

जून से शुरू होगी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जून माह से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की जाएगी और तय अवधि में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

बिजली बिल समाधान योजना से उपभोक्ताओं को राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान बढ़े बिजली बिलों से राहत देने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत बकाया राशि में छूट तथा आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के उपभोक्ताओं को लगभग 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है।

हर घर सोलर की दिशा में आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हर घर जल, हर घर बिजली, हर घर शौचालय और हर घर बैंक खाता जैसे अभियान सफल हुए हैं, उसी प्रकार अब हर घर सोलर लगाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास और सुशासन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसी उद्देश्य से सुशासन तिहार के माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंच रहा है।

कार्यक्रम में रहे उपस्थित

इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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