
देशभर में वोटर लिस्ट का महाअभियान: 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष पुनरीक्षण, 1.12 करोड़ से अधिक नाम हटने की संभावना!
NTN REPORT// देशभर में मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग (EC) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) शुरू किया है। इस अभियान के तहत फर्जी, डुप्लीकेट, मृत, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके तथा विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार इस प्रक्रिया में 1 करोड़ 12 लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से हटने की संभावना है।

ड्राफ्ट रोल और ASDDOF सूची जारी, इन श्रेणियों के नाम हटाए जा रहे
निर्वाचन आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और ASDDOF (Absent, Shifted, Dead, Duplicate, Overseas/Foreign) श्रेणी की सूची जारी की है। इसमें ऐसे मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं जो—
- अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए हैं।
- स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं।
- एक से अधिक स्थानों पर वोटर के रूप में दर्ज हैं।
- जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
- विदेशी नागरिक हैं या मतदान के पात्र नहीं हैं।
आयोग का उद्देश्य केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में बनाए रखना है।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर?
विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान अलग-अलग राज्यों में सत्यापन का दायरा अलग-अलग है।
कर्नाटक
- लगभग 1.10 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी।
- यह राज्य के कुल मतदाताओं का करीब 19.95 प्रतिशत है।
आंध्र प्रदेश
- करीब 45 लाख मतदाता दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया में।
- यह कुल मतदाताओं का लगभग 10.78 प्रतिशत है।
हरियाणा
- करीब 38.8 लाख मतदाता सत्यापन के दायरे में।
- बड़ी संख्या में डुप्लीकेट और स्थान बदल चुके मतदाता चिन्हित हुए हैं।
उत्तराखंड
- 8 लाख से अधिक नाम हटने का अनुमान।
- अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी।
मणिपुर
- जातीय हिंसा और विस्थापन के कारण लगभग 20 प्रतिशत (करीब 1.50 लाख) मतदाताओं के पते बदल चुके हैं।
दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव
- यहां कुल आबादी का करीब 29 प्रतिशत सत्यापन प्रक्रिया के अंतर्गत है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग अपने स्थायी पते पर नहीं मिले।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी राज्यों में स्थानीय परिस्थितियों, मौसम और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग समय-सीमा तय की गई है।
राज्यों के अनुसार अंतिम मतदाता सूची जारी होने का कार्यक्रम
- 6 सितंबर 2026 – ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर
- 11 सितंबर 2026 – दमन-दीव एवं दादरा-नगर हवेली
- 22 सितंबर 2026 – आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़
- 1 अक्टूबर 2026 – तेलंगाना और पंजाब
- 7 अक्टूबर 2026 – कर्नाटक, मेघालय और झारखंड
- दिल्ली एवं महाराष्ट्र – 17 अगस्त तक घर-घर सत्यापन, 24 अगस्त को ड्राफ्ट सूची और 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम सूची
- 22 नवंबर 2026 – नागालैंड
- 23 दिसंबर 2026 – त्रिपुरा
- हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख – खराब मौसम के कारण कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
अगर आपका नाम वोटर लिस्ट से हट जाए तो क्या करें?
यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से हट जाता है, तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की व्यवस्था की है।
मतदाता इन माध्यमों से अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं—
- राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (Voters Service Portal) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन।
- ECINET मोबाइल ऐप का उपयोग।
- अपने क्षेत्र के बीएलओ (Booth Level Officer) से संपर्क।
- निर्धारित फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना।
समय सीमा के भीतर आवेदन करने पर सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं का नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।
उद्देश्य क्या है?
निर्वाचन आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है, ताकि भविष्य में होने वाले सभी चुनावों में केवल वास्तविक और पात्र मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।