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भारत

आरोपी को आधिकारिक गिरफ्तारी से नहीं, गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना चाहिए: हाईकोर्ट

आरोपी व्यक्तियों की हिरासत और पेशी के विषय को संबोधित करते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि मजिस्ट्रेट के सामने किसी व्यक्ति को पेश करने के लिए 24 घंटे की अवधि की गणना उस समय से की जानी चाहिए, जब व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है न कि उस समय से जब गिरफ्तारी आधिकारिक रूप से दर्ज की जाती है।

जस्टिस पी. सैम कोशी और जस्टिस एन. तुकारामजी की खंडपीठ ने कहा, “इस खंडपीठ को इस निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि प्रश्न नंबर 1 जहां तक ​​गिरफ्तारी की अवधि के प्रारंभ का संबंध है, यह माना जाता है कि CrPC की धारा 57 के तहत 24 घंटे की अवधि की गणना करने के उद्देश्य से गिरफ्तारी की अवधि को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। दूसरे शब्दों में 24 घंटे की गणना पुलिस कर्मियों द्वारा गिरफ्तारी ज्ञापन में आधिकारिक गिरफ्तारी के समय से नहीं की जानी चाहिए, बल्कि उस समय से की जानी चाहिए जब उसे शुरू में पकड़ा गया था या हिरासत में लिया गया।”

केस टाइटल- टी. रामादेवी, डब्ल्यू/ओ.टी. श्रीनिवास गौड़ बनाम तेलंगाना राज्य, प्रतिनिधि इसके प्रधान सचिव और अन्य द्वारा

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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