
कीमती धातुओं में भारी गिरावट: चांदी 2.06 लाख रुपये टूटी, सोना भी 56 हजार रुपये तक सस्ता
ट्रंप के ऐलान के बाद बाजार में बिकवाली, MCX पर सोना-चांदी भरभराए
NTN NEWS REPORT// नई दिल्ली। सोना-चांदी की कीमतों में जारी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमले की योजना को पांच दिन के लिए टालने के ऐलान के बाद कीमती धातुओं में तेज बिकवाली देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार को सोना और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
चांदी में 11 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट
मंगलवार को MCX पर चांदी अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 4.5 फीसदी यानी 11,605 रुपये तक सस्ती हो गई।
- पिछला बंद भाव: 2,25,167 रुपये प्रति किलो
- ओपनिंग प्राइस: 2,13,562 रुपये प्रति किलो
- एक झटके में गिरावट: 11,605 रुपये
हालांकि बीते कारोबारी दिन चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो के नीचे भी फिसल गई थी, लेकिन निचले स्तर पर कुछ रिकवरी देखने को मिली।
अगर लाइफटाइम हाई से तुलना करें तो गिरावट और भी बड़ी है।
29 जनवरी को वायदा चांदी ने पहली बार 4,20,048 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। मौजूदा स्तर पर यह अपने उच्चतम भाव से 2,06,486 रुपये तक सस्ती हो चुकी है।
सोने की कीमत में भी तेज गिरावट
चांदी की तरह सोने में भी कमजोरी बनी हुई है। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना मंगलवार को खुलते ही 2,576 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।
- सोमवार का क्लोजिंग भाव: 1,39,260 रुपये प्रति 10 ग्राम
- मंगलवार का ओपनिंग भाव: 1,36,684 रुपये प्रति 10 ग्राम
- गिरावट: 2,576 रुपये प्रति 10 ग्राम
29 जनवरी को सोने ने 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई बनाया था। मौजूदा स्तर पर यह अपने उच्चतम स्तर से 56,412 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
गिरावट केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी दबाव में हैं।
- COMEX पर सोना करीब 2 फीसदी गिरकर 4,317 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
- चांदी की कीमत घटकर 66.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
गिरावट की प्रमुख वजहें
- मिडिल ईस्ट में तनाव – क्षेत्र में जारी युद्ध से महंगाई बढ़ने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क किया है।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला – बीते सप्ताह ब्याज दरों में कटौती न करने के निर्णय से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा।
- मजबूत अमेरिकी डॉलर – डॉलर इंडेक्स में मजबूती से सोना-चांदी की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ा।
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता – ग्लोबल ग्रोथ को लेकर जारी संशय ने भी निवेशकों की धारणा कमजोर की है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि सोना-चांदी या गोल्ड- सिल्वर ईटीएफ में निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
फिलहाल की स्थिति में कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी रह सकती है और वैश्विक घटनाक्रम के आधार पर आगे भी बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।