बैटरी कंट्रोल करने वाले ऐप्स पर सरकार सख्त: Google-Apple से 7 BMS ऐप हटाने को कहा, ई-रिक्शा सुरक्षा पर बड़ा एक्शन!
NTN REPORT// सरकार ने बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़े कुछ मोबाइल ऐप्स के कथित दुरुपयोग को गंभीर सुरक्षा खतरा मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने Google Android और Apple से BAT-BMS, SMART BMS, LOSSIGY समेत लगभग सात ऐप्स को अपने-अपने ऐप स्टोर से हटाने के लिए कहा है। आरोप है कि इन ऐप्स का इस्तेमाल बैटरी की निगरानी और सर्विसिंग के बजाय ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को दूर से (रिमोटली) बंद करने के लिए किया जा रहा था, जिससे सड़क पर चल रहे वाहनों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

MeitY ने भेजा नोटिस
सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Google और Apple को नोटिस जारी कर इन ऐप्स पर कार्रवाई करने को कहा है। नोटिस में BAT-BMS, SMART BMS और LOSSIGY सहित कई अन्य BMS आधारित ऐप्स शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन ऐप्स का गलत इस्तेमाल आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
क्या होता है BMS और कैसे हो रहा था दुरुपयोग?
बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) किसी भी आधुनिक लिथियम बैटरी का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका मुख्य कार्य बैटरी की चार्जिंग, वोल्टेज, तापमान, बैटरी हेल्थ और सुरक्षा की निगरानी करना होता है।
हालांकि, आरोप है कि कुछ स्मार्ट बैटरियों में मौजूद BMS फीचर के जरिए मोबाइल ऐप से बैटरी को ऑन या ऑफ भी किया जा सकता है। इसी सुविधा का कथित रूप से गलत इस्तेमाल करते हुए कुछ मामलों में ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को दूर से बंद किया जा रहा था। यदि वाहन चलते समय अचानक बंद हो जाए, तो चालक और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
क्यों बढ़ी सरकार की चिंता?
सरकार का मानना है कि यदि ऐसे ऐप्स गलत हाथों में पहुंच जाएं तो उनका इस्तेमाल सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यही वजह है कि Google और Apple से इन ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने का अनुरोध किया गया है, ताकि इन्हें आम लोग आसानी से डाउनलोड न कर सकें।
फिलहाल Google और Apple की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि संबंधित ऐप्स को ऐप स्टोर से कब तक हटाया जाएगा।
BAT-BMS ऐप क्या है?
BAT-BMS एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे चीन की कंपनी Shenzhen GreenEnergy Technology ने विकसित किया है। यह ऐप कंपनी की स्मार्ट लिथियम बैटरियों के साथ ब्लूटूथ के माध्यम से कनेक्ट होकर बैटरी की चार्जिंग, वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारी दिखाता है। कुछ मॉडल में बैटरी को ऑन या ऑफ करने की सुविधा भी उपलब्ध होती है।
यूजर्स के लिए क्या सलाह?
यदि आपके मोबाइल में BMS से संबंधित ऐसा कोई ऐप इंस्टॉल है, जिसकी आवश्यकता नहीं है या जिसका उपयोग संदिग्ध तरीके से किया जा सकता है, तो उसे हटाना बेहतर होगा। बैटरी से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या के लिए केवल अधिकृत सर्विस सेंटर या प्रशिक्षित मैकेनिक की सहायता लें। किसी भी अनधिकृत ऐप या थर्ड-पार्टी एक्सेस से बचें।
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विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या उसके हार्डवेयर के साथ पहले से छेड़छाड़ कर दी जाए, तो बाद में उसे दूर से नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि, ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी का मामला अलग प्रकृति का है, लेकिन यदि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में अनधिकृत बदलाव कर रिमोट कंट्रोल की व्यवस्था बनाई जाए, तो यह गंभीर साइबर और सार्वजनिक सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि भविष्य में किसी अन्य BMS या बैटरी कंट्रोल ऐप का भी इसी तरह दुरुपयोग सामने आता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और तकनीक के दुरुपयोग पर रोक लगाना है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।