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	<title>NTN REPORT</title>
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		<title>‘जौहर करने वाली वीरांगनाओं को कायर कहना’ इतिहास के बलिदान का अपमान? स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर उठे तीखे सवाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 16:27:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[संपादकीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// अभिनेत्री स्वरा भास्कर की ‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य को लेकर की गई टिप्पणी ने एक बार फिर इतिहास, महिला सम्मान और राजपूत वीरांगनाओं के बलिदान को लेकर बहस छेड़ दी है। हालिया कार्यक्रम में भास्कर ने फिल्म में दिखाए गए जौहर को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई बलात्कार पीड़िता जीवित &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT//</strong> </span>अभिनेत्री स्वरा भास्कर की ‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य को लेकर की गई टिप्पणी ने एक बार फिर इतिहास, महिला सम्मान और राजपूत वीरांगनाओं के बलिदान को लेकर बहस छेड़ दी है। हालिया कार्यक्रम में भास्कर ने फिल्म में दिखाए गए जौहर को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई बलात्कार पीड़िता जीवित रहने का निर्णय लेती है तो उसे कायर महसूस नहीं कराया जाना चाहिए। उन्होंने जौहर के दृश्य को समस्याग्रस्त बताया।</p>
<figure id="attachment_20859" aria-describedby="caption-attachment-20859" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9c%e0%a5%8c%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a8%e0%a4%be/img_20260901_215527/" rel="attachment wp-att-20859"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-20859" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_215527-300x197.jpg" alt="" width="300" height="197" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_215527-300x197.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_215527-1024x671.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_215527-768x503.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_215527.jpg 1080w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-20859" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक एआई तस्वीर</figcaption></figure>
<p>उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। आलोचकों का कहना है कि <strong>आज के सामाजिक और नैतिक मानदंडों को मध्यकालीन युद्धों की परिस्थितियों पर सीधे लागू करके जौहर करने वाली महिलाओं के साहस को ‘कायरता’ के रूप में देखना इतिहास के संदर्भ को नजरअंदाज करना है।</strong></p>
<h3><strong>जौहर को समझने के लिए उस दौर की परिस्थितियों को समझना जरूरी</strong></h3>
<p>मध्यकालीन भारत में किलों पर होने वाले युद्ध केवल राजाओं और सैनिकों के बीच सत्ता संघर्ष तक सीमित नहीं थे। किसी किले के अंतिम रूप से शत्रु के कब्जे में जाने की स्थिति में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का प्रश्न भी अत्यंत गंभीर होता था। राजपूत इतिहास की परंपरा में ऐसे चरम संकट के समय महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से अग्नि में प्रवेश कर शत्रु के हाथों बंदी बनने और संभावित अपमान से बचने की घटनाओं को <strong>‘जौहर’</strong> के रूप में जाना जाता है।</p>
<p>इसे आज की सामान्य परिस्थितियों में आत्महत्या के सामान्य उदाहरण के रूप में देखना इतिहास के उस विशेष युद्धकालीन संदर्भ को सरल बना देना होगा। वहीं, आधुनिक दृष्टिकोण से जौहर जैसी त्रासद घटनाओं पर सवाल उठाना भी संभव है। <strong>लेकिन सवाल उठाने और उन महिलाओं को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करने में स्पष्ट अंतर है।</strong></p>
<h3><strong>चित्तौड़ की धरती आज भी सुनाती है बलिदान की कहानी</strong></h3>
<p>राजस्थान पर्यटन विभाग भी चित्तौड़गढ़ को राजपूताना के साहस, गौरव और बलिदान की कहानियों से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल बताता है। चित्तौड़गढ़ दुर्ग ने अपने इतिहास में कई बड़े हमले झेले—1303 में अलाउद्दीन खिलजी, 1535 में गुजरात के बहादुर शाह और 1568 में अकबर के आक्रमण इसके प्रमुख अध्याय हैं।</p>
<p>चित्तौड़गढ़ के इतिहास में जौहर की घटनाएं इसी युद्ध और घेराबंदी की पृष्ठभूमि से जुड़ी हुई हैं। राजस्थान पर्यटन की आधिकारिक जानकारी में राणा कुंभा महल के संदर्भ में भी रानी पद्मिनी और अन्य महिलाओं द्वारा जौहर किए जाने की ऐतिहासिक परंपरा का उल्लेख मिलता है।</p>
<h3><strong>रानी पद्मिनी से आगे है राजपूत वीरांगनाओं का इतिहास</strong></h3>
<p>जौहर की चर्चा अक्सर रानी पद्मिनी के नाम तक सीमित कर दी जाती है, जबकि राजपूत इतिहास में महिलाओं के साहस और त्याग की परंपरा कहीं व्यापक है। चित्तौड़ और जैसलमेर सहित राजस्थान के विभिन्न दुर्गों से जौहर की परंपरा जुड़ी हुई है। इन घटनाओं में महिलाओं ने उस समय की युद्ध परिस्थितियों में अपने सामने मौजूद बेहद कठिन विकल्पों का सामना किया।</p>
<p>यहां यह तथ्य भी ध्यान रखना आवश्यक है कि <strong>रानी पद्मिनी से संबंधित कई लोकप्रिय विवरण साहित्यिक परंपरा, विशेषकर मलिक मोहम्मद जायसी की ‘पद्मावत’, से जुड़े हैं और उनके ऐतिहासिक विवरणों को लेकर इतिहासकारों में मतभेद हैं।</strong> इसलिए इतिहास को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत करते समय प्रमाणित इतिहास और लोक-स्मृति के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।</p>
<h3><strong>‘कायर’ शब्द पर सबसे बड़ा सवाल</strong></h3>
<p>विवाद का मूल प्रश्न यही है कि क्या आज की दृष्टि से मध्यकालीन परिस्थितियों में लिए गए किसी अत्यंत कठिन निर्णय को ‘कायरता’ कह देना उचित है?</p>
<p>जिन महिलाओं ने जौहर किया, उनके सामने परिस्थितियां सामान्य नहीं थीं। वे युद्ध, घेराबंदी और पराजय की स्थिति में थीं। इसलिए उनके निर्णय से सहमत या असहमत होने से अलग <strong>उन महिलाओं को ‘कायर’ कहकर उनका अपमान करना ऐतिहासिक संदर्भ और उनके निर्णय की परिस्थितियों को नजरअंदाज करना माना जा सकता है।</strong></p>
<p>दूसरी ओर, किसी भी यौन हिंसा की पीड़िता को जीवित रहने के लिए दोषी या कम साहसी मानना भी गलत है। <strong>बलात्कार पीड़िता का जीवन उतना ही मूल्यवान है और उसे सम्मान के साथ जीने का पूरा अधिकार है।</strong> इस आधुनिक सिद्धांत और मध्यकालीन जौहर की ऐतिहासिक व्याख्या को एक-दूसरे के विरुद्ध खड़ा करने के बजाय दोनों को उनके अलग-अलग संदर्भों में समझना अधिक उचित होगा।</p>
<h3><strong>इतिहास का सम्मान जरूरी, लेकिन इतिहास की आलोचनात्मक समझ भी</strong></h3>
<p>स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर असहमति जताना पूरी तरह लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इस बहस को व्यक्तिगत गाली-गलौज में बदलने के बजाय इतिहास के तथ्य और संदर्भ सामने रखने की जरूरत है।</p>
<p><strong>राजपूत वीरांगनाओं के जौहर को कोई व्यक्ति आधुनिक दृष्टिकोण से स्वीकार करे या उसकी आलोचना करे, लेकिन उन महिलाओं के साहस, त्याग और उस समय की भयावह परिस्थितियों को समझे बिना उन्हें ‘कायर’ कहना इतिहास के साथ न्याय नहीं करता।</strong></p>
<p>इतिहास केवल राजाओं की तलवारों और युद्धों का दस्तावेज नहीं है। <strong>उस इतिहास में वे महिलाएं भी हैं जिन्होंने युद्ध की विभीषिका के बीच अपने जीवन के सबसे कठिन निर्णय लिए। उनके निर्णयों को समझने के लिए उस युग की परिस्थितियों को समझना होगा।</strong></p>
<p><strong>यही इतिहास के प्रति वास्तविक सम्मान है—न अंधा महिमामंडन, न ही संदर्भविहीन अपमान।</strong></p>
<p><strong>नोट:</strong> स्वरा भास्कर की हालिया टिप्पणी के संबंध में उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में उनके अपने शब्दों का संदर्भ ‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य और बलात्कार पीड़िताओं के जीवन के अधिकार से जुड़ा है। इसलिए उन्हें सीधे यह कहते हुए प्रस्तुत करना कि उन्होंने <em>सभी ऐतिहासिक जौहर करने वाली महिलाओं को</em> “कायर” कहा, मूल टिप्पणी की तुलना में व्यापक निष्कर्ष होगा।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9c%e0%a5%8c%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a8%e0%a4%be/">‘जौहर करने वाली वीरांगनाओं को कायर कहना’ इतिहास के बलिदान का अपमान? स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर उठे तीखे सवाल</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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		<title>जांजगीर-चांपा पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 6 पुलिस अधिकारियों की नई पदस्थापना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 12:49:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जांजगीर-चांपा]]></category>
		<category><![CDATA[स्थानीय समाचार / शहर की खबरें]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। जिला जांजगीर-चांपा पुलिस विभाग में प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से 6 पुलिस अधिकारियों की नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है। आदेश के तहत निरीक्षक एवं उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग थानों और शाखाओं की &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// जांजगीर-चांपा।</strong> </span>जिला जांजगीर-चांपा पुलिस विभाग में प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से 6 पुलिस अधिकारियों की नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है। आदेश के तहत निरीक्षक एवं उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग थानों और शाखाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।<a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be/img_20260901_175224/" rel="attachment wp-att-20853"><img decoding="async" class="size-medium wp-image-20853 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_175224-202x300.jpg" alt="" width="202" height="300" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_175224-202x300.jpg 202w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_175224-690x1024.jpg 690w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_175224-768x1140.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_175224.jpg 884w" sizes="(max-width: 202px) 100vw, 202px" /></a></p>
<p>पुलिस अधीक्षक कार्यालय जांजगीर-चांपा से जारी आदेश क्रमांक /03/जांज/स्थापना/428/2026, दिनांक 01 सितंबर 2026 के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
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		<title>सिमगा के पास जिला पंचायत अध्यक्ष की कार का भयानक हादसा, बाल-बाल बचीं इंजी. सत्यलता मिरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 07:34:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// जांजगीर-चांपा/सिमगा। जिला पंचायत जांजगीर-चांपा की अध्यक्ष इंजी. सत्यलता मिरी की कार मंगलवार सुबह रायपुर से जांजगीर लौटते समय सिमगा के पास नेशनल हाईवे पर एक भयानक सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसा करीब सुबह 11:45 बजे हुआ। अचानक सड़क पर दौड़ती हुई गाय के आ जाने से यह दुर्घटना हुई। बताया जा &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a4-%e0%a4%85/">सिमगा के पास जिला पंचायत अध्यक्ष की कार का भयानक हादसा, बाल-बाल बचीं इंजी. सत्यलता मिरी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// जांजगीर-चांपा/सिमगा।</strong> </span>जिला पंचायत जांजगीर-चांपा की अध्यक्ष <strong>इंजी. सत्यलता मिरी</strong> की कार मंगलवार सुबह रायपुर से जांजगीर लौटते समय सिमगा के पास नेशनल हाईवे पर एक भयानक सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसा करीब <strong>सुबह 11:45 बजे</strong> हुआ। अचानक सड़क पर दौड़ती हुई गाय के आ जाने से यह दुर्घटना हुई।<a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a4-%e0%a4%85/img_20260901_125152/" rel="attachment wp-att-20846"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20846 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_125152-300x260.jpg" alt="" width="300" height="260" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_125152-300x260.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_125152-1024x887.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_125152-768x666.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_125152.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a> <a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a4-%e0%a4%85/img_20260901_125203/" rel="attachment wp-att-20847"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20847 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_125203-270x300.jpg" alt="" width="270" height="300" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_125203-270x300.jpg 270w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_125203-922x1024.jpg 922w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_125203-768x853.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_125203.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 270px) 100vw, 270px" /></a></p>
<p>बताया जा रहा है कि इंजी. सत्यलता मिरी रायपुर से जांजगीर की ओर लौट रही थीं। इसी दौरान <strong>सिमगा के पास नेशनल हाईवे पर अचानक एक गाय सड़क के दूसरी ओर जाने के लिए दौड़ती हुई सामने आ गई।</strong> वाहन चालक ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज गति से सामने आई गाय से कार की टक्कर हो गई।</p>
<h3><strong>जोरदार टक्कर के बाद मची अफरा-तफरी</strong></h3>
<p>अचानक हुई टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार को काफी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में <strong>किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।</strong> इंजी. सत्यलता मिरी को मामूली चोट आने की जानकारी है।</p>
<p>हादसे के दौरान गाय भी सड़क पर गिर गई थी। कुछ देर बाद गाय उठकर चल पड़ी, जिससे उसके भी सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।</p>
<div style="width: 848px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-20845-1" width="848" height="480" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260901-WA0024.mp4?_=1" /><a href="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260901-WA0024.mp4">https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260901-WA0024.mp4</a></video></div>
<h3><strong>बड़ा हादसा टला, बाल-बाल बचीं जिला पंचायत अध्यक्ष</strong></h3>
<p>नेशनल हाईवे पर अचानक सामने आई गाय के कारण हुए इस हादसे में बड़ा नुकसान होने की आशंका थी, लेकिन समय रहते स्थिति संभल गई। इंजी. सत्यलता मिरी और वाहन में मौजूद अन्य लोगों के सुरक्षित होने से परिजनों एवं समर्थकों ने राहत की सांस ली।</p>
<p>फिलहाल हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के कारणों और वाहन को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a4-%e0%a4%85/">सिमगा के पास जिला पंचायत अध्यक्ष की कार का भयानक हादसा, बाल-बाल बचीं इंजी. सत्यलता मिरी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>रियाांशी की मौत ने झकझोरा, जिला अस्पताल में अत्याधुनिक बर्न यूनिट की मांग को लेकर कृष्ण टंडन की पहल</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9d%e0%a4%95%e0%a4%9d%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 06:47:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जांजगीर-चांपा]]></category>
		<category><![CDATA[स्थानीय समाचार / शहर की खबरें]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। जिला अस्पताल जांजगीर-चांपा में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार के लिए बेहतर एवं समुचित सुविधाओं की आवश्यकता को लेकर समाजसेवी एवं पत्रकार कृष्ण टंडन ने एक पहल शुरू की है। जिला अस्पताल के सामने टेंट लगाकर उन्होंने सर्वसुविधायुक्त बर्न यूनिट स्थापित किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया है। &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9d%e0%a4%95%e0%a4%9d%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be/">रियाांशी की मौत ने झकझोरा, जिला अस्पताल में अत्याधुनिक बर्न यूनिट की मांग को लेकर कृष्ण टंडन की पहल</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// जांजगीर-चांपा।</strong> </span>जिला अस्पताल जांजगीर-चांपा में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार के लिए बेहतर एवं समुचित सुविधाओं की आवश्यकता को लेकर समाजसेवी एवं पत्रकार <strong>कृष्ण टंडन</strong> ने एक पहल शुरू की है। जिला अस्पताल के सामने टेंट लगाकर उन्होंने <strong>सर्वसुविधायुक्त बर्न यूनिट स्थापित किए जाने</strong> की मांग को प्रमुखता से उठाया है।<a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9d%e0%a4%95%e0%a4%9d%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be/img_20260901_120930/" rel="attachment wp-att-20839"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20839 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_120930-300x176.jpg" alt="" width="300" height="176" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_120930-300x176.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_120930-1024x599.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_120930-768x449.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_120930.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a></p>
<p>इस पहल के माध्यम से लोगों का ध्यान जिले में झुलसने अथवा आग से गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों के उपचार की उपलब्ध सुविधाओं की ओर आकर्षित किया जा रहा है। मौके पर लगाए गए बैनर में <strong>5 वर्षीय मासूम रियांशी</strong> की तस्वीर के साथ श्रद्धांजलि देते हुए बर्न यूनिट की आवश्यकता का संदेश दिया गया है।</p>
<h3><strong>मासूम रियांशी की मौत के बाद उठाया मुद्दा</strong></h3>
<p>अभियान में लगाए गए बैनर के अनुसार, <strong>5 साल की मासूम रियांशी गर्म खीर से झुलस गई थी और इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।</strong> इसी घटना को आधार बनाते हुए कृष्ण टंडन ने जिला अस्पताल जांजगीर-चांपा में <strong>सर्वसुविधायुक्त बर्न यूनिट</strong> स्थापित करने की मांग को जनहित का मुद्दा बनाया है।</p>
<p>बैनर पर लिखा गया है कि <em>“इलाज के अभाव में आज एक बच्ची की जान गई है, कल कोई और भी हो सकता है?”</em> इसके जरिए लोगों से यह सवाल भी उठाया गया है कि जिले में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को तत्काल और समुचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए क्या पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है।<a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9d%e0%a4%95%e0%a4%9d%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be/img_20260901_121002/" rel="attachment wp-att-20840"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20840 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_121002-300x154.jpg" alt="" width="300" height="154" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_121002-300x154.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_121002-1024x527.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_121002-768x395.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_121002.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a> <a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9d%e0%a4%95%e0%a4%9d%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be/img_20260901_120944/" rel="attachment wp-att-20841"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20841 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_120944-300x172.jpg" alt="" width="300" height="172" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_120944-300x172.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_120944-1024x588.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_120944-768x441.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_120944.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a></p>
<h3><strong>स्वैच्छिक सहयोग की भी अपील</strong></h3>
<p>कृष्ण टंडन द्वारा लगाए गए बैनर में बर्न यूनिट की स्थापना के लिए लोगों से <strong>स्वेच्छानुसार सहयोग राशि प्रदान करने</strong> की अपील की गई है। इसके जरिए इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक मांग तक सीमित रखने के बजाय आम लोगों को भी इससे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<h3><strong>जिला अस्पताल में बर्न यूनिट क्यों जरूरी?</strong></h3>
<p>आग, गर्म पानी, गर्म तेल अथवा अन्य कारणों से झुलसने वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है। गंभीर रूप से जले मरीजों के लिए अलग उपचार व्यवस्था, प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं नर्सिंग स्टाफ, संक्रमण नियंत्रण, आवश्यक उपकरण और लगातार निगरानी जैसी सुविधाएं महत्वपूर्ण होती हैं।</p>
<p>ऐसे में जांजगीर-चांपा जिले में एक <strong>सर्वसुविधायुक्त बर्न यूनिट</strong> की स्थापना की मांग स्थानीय स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन सकती है।</p>
<h3><strong>प्रशासन से उठ सकते हैं कई अहम सवाल</strong></h3>
<p>इस पहल के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि जिले में वर्तमान में झुलसे हुए मरीजों के लिए किस स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, गंभीर मरीजों को किन परिस्थितियों में दूसरे अस्पतालों के लिए भेजा जाता है और जिला अस्पताल में पूर्ण सुविधायुक्त बर्न यूनिट स्थापित करने की दिशा में अब तक क्या प्रयास किए गए हैं।</p>
<p>कृष्ण टंडन की यह पहल इस बात को लेकर भी जनचर्चा पैदा कर रही है कि <strong>इलाज के अभाव या पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण किसी अन्य परिवार को अपने बच्चे या परिजन को न खोना पड़े।</strong></p>
<p><strong>नोट:</strong> रियांशी की मृत्यु और इलाज के अभाव से संबंधित तथ्य मौके पर लगाए गए बैनर में किए गए दावे पर आधारित हैं; इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि संबंधित स्वास्थ्य विभाग/अस्पताल के अभिलेखों से की जानी चाहिए।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9d%e0%a4%95%e0%a4%9d%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be/">रियाांशी की मौत ने झकझोरा, जिला अस्पताल में अत्याधुनिक बर्न यूनिट की मांग को लेकर कृष्ण टंडन की पहल</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>आरक्षण में क्रीमी लेयर और सब-कोटा पर तेज हुई बहस, किरोड़ी लाल मीणा से मांझी-राजभर तक उठी वंचितों को हिस्सेदारी देने की मांग!</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 03:09:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आरक्षण में क्रीमी लेयर और सब-कोटा पर तेज हुई बहस, किरोड़ी लाल मीणा से मांझी-राजभर तक उठी वंचितों को हिस्सेदारी देने की मांग! NTN REPORT// नई दिल्ली/जयपुर। देश में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को लेकर एक बार फिर क्रीमी लेयर और सब-कोटा की बहस तेज हो &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0/">आरक्षण में क्रीमी लेयर और सब-कोटा पर तेज हुई बहस, किरोड़ी लाल मीणा से मांझी-राजभर तक उठी वंचितों को हिस्सेदारी देने की मांग!</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><span style="color: #800000;">आरक्षण में क्रीमी लेयर और सब-कोटा पर तेज हुई बहस, किरोड़ी लाल मीणा से मांझी-राजभर तक उठी वंचितों को हिस्सेदारी देने की मांग!</span></h1>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// नई दिल्ली/जयपुर।</strong> </span>देश में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को लेकर एक बार फिर क्रीमी लेयर और सब-कोटा की बहस तेज हो गई है। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से लेकर बिहार के हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी और उत्तर प्रदेश के सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर तक कई नेता आरक्षण का लाभ समाज के सबसे वंचित तबकों तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।</p>
<figure id="attachment_20833" aria-describedby="caption-attachment-20833" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0/img_20260901_083850/" rel="attachment wp-att-20833"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20833" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_083850-300x176.jpg" alt="" width="300" height="176" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_083850-300x176.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_083850-1024x599.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_083850-768x449.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/09/IMG_20260901_083850.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-20833" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक एआई तस्वीर</figcaption></figure>
<h2>किरोड़ी लाल मीणा बोले- सबसे वंचित व्यक्ति को भी मिले मौका</h2>
<p>राजस्थान में मीणा समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है। दौसा के नांगल प्यारीवास स्थित ‘मीणा हाईकोर्ट’ के मंच से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर अपनी राय स्पष्ट की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि क्रीमी लेयर के मुद्दे पर वह सुप्रीम कोर्ट की भावना के साथ हैं। अपने उदाहरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वह डॉक्टर बने, उनके भाई आईआरएस और आईएएस बने और वह स्वयं मंत्री बने। लेकिन उनके गांव में एक व्यक्ति करीब 30 वर्षों से पहाड़ खोदकर मजदूरी कर अपना पेट पाल रहा है और उसके बच्चे भी उसी काम में लगे हैं।</p>
<p>किरोड़ी लाल मीणा का तर्क है कि यदि किसी परिवार को आरक्षण का लाभ मिलने के बावजूद अगली पीढ़ियों में सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिल गया है, तो समाज के उन लोगों तक भी अवसर पहुंचना चाहिए जो आज भी बेहद पिछड़ी स्थिति में हैं।</p>
<h2>जीतन राम मांझी ने उठाया आरक्षण के असमान लाभ का सवाल</h2>
<p>बिहार में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी लंबे समय से आरक्षण के भीतर असमान लाभ का मुद्दा उठाते रहे हैं।</p>
<p>मांझी का कहना है कि आरक्षण का लाभ अनुसूचित जाति समाज की कुछ अपेक्षाकृत मजबूत और जागरूक जातियों तक अधिक पहुंचा है, जबकि मुसहर और भुइयां जैसे अत्यंत वंचित समुदाय आज भी बुनियादी सुविधाओं और अवसरों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।</p>
<p>उनकी मांग है कि आरक्षण की व्यवस्था का लाभ समाज के उन वर्गों तक भी सुनिश्चित किया जाए, जो दशकों बाद भी इसके प्रत्यक्ष लाभ से दूर हैं।</p>
<h2>ओपी राजभर की मांग- अति-पिछड़ों और अत्यंत पिछड़ों को मिले अलग हिस्सा</h2>
<p>उत्तर प्रदेश के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर भी आरक्षण के भीतर वर्गीकरण की पैरवी करते रहे हैं।</p>
<p>राजभर का तर्क है कि केवल आरक्षण की कुल व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। इसके भीतर भी सामाजिक रूप से अत्यंत पिछड़े और अति-पिछड़े समुदायों की अलग पहचान जरूरी है, ताकि अपेक्षाकृत मजबूत वर्गों के बीच ही आरक्षण का लाभ सीमित न रह जाए।</p>
<p>उनका कहना है कि ओबीसी और एससी आरक्षण में त्रिस्तरीय बंटवारे जैसी व्यवस्था के जरिए सबसे निचले पायदान पर खड़े समुदायों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।</p>
<h2>संजय निषाद बोले- आरक्षण आर्थिक नहीं, सामाजिक आधार पर मिला</h2>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी आरक्षण के वर्तमान स्वरूप में बदलाव की आवश्यकता का मुद्दा उठाया है।</p>
<p>उनका कहना है कि आरक्षण की मूल व्यवस्था समुदाय और सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर की गई थी, न कि आर्थिक आधार पर। लेकिन समय के साथ ऐसी स्थिति भी सामने आई है, जहां आरक्षण प्राप्त वर्गों में कुछ लोग शिक्षा और बड़े पदों तक पहुंच गए, जबकि उसी समुदाय के दूसरे लोग अब भी अवसरों से वंचित हैं।</p>
<p>संजय निषाद का तर्क है कि जो लोग आरक्षण का लाभ लेकर सांसद, विधायक अथवा बड़े पदों तक पहुंच चुके हैं, उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी के तौर पर अगली पीढ़ी के लिए आरक्षण का लाभ छोड़ने पर भी विचार करना चाहिए।</p>
<h2>चिराग पासवान सब-कैटेगरी के विरोध में</h2>
<p>वहीं एनडीए के प्रमुख घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान आरक्षण के भीतर दलितों के किसी भी प्रकार के बंटवारे का विरोध कर चुके हैं।</p>
<p>चिराग पासवान का कहना है कि संविधान में आरक्षण का आधार सामाजिक पिछड़ापन रहा है, आर्थिक स्थिति या अन्य कोई आधार नहीं। उनका मानना है कि अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण में किसी प्रकार का विभाजन सामाजिक न्याय की मूल भावना को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>हालांकि, चिराग पासवान ने यह भी कहा है कि वह अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधिकारों और हितों का संरक्षण करने के साथ-साथ सामान्य वर्ग और ऊंची जातियों से आने वाले लोगों की आवाज भी मजबूती से उठाएंगे।</p>
<p>इसी बीच उनकी पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य महेश कुमार पांडेय ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए कहा कि वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों और सवर्णों के खिलाफ कथित बयानबाजी से सहमत नहीं हैं।</p>
<h2>जमीनी हकीकत क्या कहती है?</h2>
<p>आरक्षण में क्रीमी लेयर और सब-कैटेगरी की बहस के पीछे सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरक्षण का वास्तविक लाभ समाज के कितने लोगों तक पहुंचा है।</p>
<p>विभिन्न अध्ययनों और सरकारी स्तर पर की गई कवायदों में आरक्षित वर्गों के भीतर लाभ के असमान वितरण का मुद्दा सामने आता रहा है। ओबीसी में आरक्षण के लाभ के असमान वितरण का अध्ययन करने के लिए केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति जी. रोहिणी की अध्यक्षता में आयोग गठित किया था।</p>
<p>आयोग का उद्देश्य ओबीसी के भीतर आरक्षण के लाभ के वितरण की स्थिति का अध्ययन करना और जरूरत पड़ने पर वर्गीकरण की संभावनाओं पर विचार करना था।</p>
<p>इसी तरह एससी और एसटी वर्गों के भीतर भी यह सवाल उठता रहा है कि क्या आरक्षण का लाभ सभी समुदायों तक समान रूप से पहुंच रहा है या कुछ समुदाय अपेक्षाकृत अधिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।</p>
<h2>सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने खोला सब-कैटेगरी का रास्ता</h2>
<p>आरक्षण के भीतर वर्गीकरण की बहस को सबसे महत्वपूर्ण कानूनी आधार 1 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिला।</p>
<p>‘पंजाब सरकार बनाम देविंदर सिंह’ मामले में सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय संविधान पीठ ने 6:1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य सरकारें अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण यानी सब-कैटेगरी कर सकती हैं, ताकि आरक्षण का लाभ उन समुदायों तक भी पहुंचाया जा सके जो अपेक्षाकृत अधिक वंचित हैं।</p>
<p>फैसले ने राज्यों के लिए एससी वर्ग के भीतर आरक्षण के लाभ के समान वितरण को लेकर नीति बनाने की संभावना को मजबूत किया।</p>
<p>इसी फैसले में न्यायालय की ओर से एससी वर्ग में क्रीमी लेयर की पहचान करने और आरक्षण के लाभ को वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।</p>
<p>हालांकि, क्रीमी लेयर की अवधारणा और उसे एससी/एसटी आरक्षण में किस रूप में लागू किया जाए, यह अब भी व्यापक राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी बहस का विषय है।</p>
<h2>भाजपा और कांग्रेस की रणनीतिक चुप्पी?</h2>
<p>सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सब-कैटेगरी और क्रीमी लेयर का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है।</p>
<p>भाजपा और कांग्रेस जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों के लिए यह विषय बेहद चुनौतीपूर्ण है। एक तरफ आरक्षण के भीतर सबसे वंचित समुदायों को अधिक हिस्सेदारी देने की मांग है, तो दूसरी तरफ अनुसूचित जाति और जनजाति के भीतर किसी भी प्रकार के विभाजन के विरोध की मजबूत राजनीतिक आवाज भी मौजूद है।</p>
<p>राजनीतिक दृष्टि से देखें तो किसी भी बड़े दल के लिए इस मुद्दे पर स्पष्ट पक्ष लेना आसान नहीं है। सब-कैटेगरी के समर्थन से उन समुदायों में असंतोष पैदा हो सकता है जिन्हें लगता है कि मौजूदा व्यवस्था में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल रहा है। वहीं इसके विरोध से उन अति-वंचित समुदायों के बीच नाराजगी पैदा होने की आशंका है जो लंबे समय से आरक्षण के समान लाभ की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>यही वजह है कि यह मुद्दा राजनीतिक दलों के लिए बेहद संवेदनशील बना हुआ है।</p>
<h2>आरक्षण के भीतर नई सामाजिक बहस</h2>
<p>पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब आरक्षण की बहस केवल ‘आरक्षण बनाम आरक्षण विरोध’ तक सीमित नहीं रह गई है। बहस का एक नया केंद्र यह बन गया है कि <strong>आरक्षण के भीतर भी लाभ का वितरण किस तरह हो।</strong></p>
<p>एक पक्ष का कहना है कि आरक्षण सामाजिक प्रतिनिधित्व और ऐतिहासिक वंचना को दूर करने का संवैधानिक साधन है और इसमें किसी प्रकार का वर्गीकरण दलित एवं आदिवासी समाज को कमजोर कर सकता है।</p>
<p>दूसरा पक्ष मानता है कि यदि आरक्षण का लाभ एक ही वर्ग या कुछ समुदायों तक सीमित हो जाता है और सबसे वंचित समुदाय लगातार पीछे रह जाते हैं, तो आरक्षण के भीतर भी न्यायपूर्ण वितरण की व्यवस्था जरूरी है।</p>
<h2>असली सवाल- आरक्षण का लाभ अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुंचे?</h2>
<p>क्रीमी लेयर और सब-कोटा की पूरी बहस का केंद्र आखिरकार एक ही सवाल पर आकर टिकता है—<strong>आरक्षण का लाभ उस व्यक्ति तक कैसे पहुंचे जो आज भी सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से सबसे पीछे है?</strong></p>
<p>किरोड़ी लाल मीणा का पहाड़ खोदकर मजदूरी करने वाले व्यक्ति का उदाहरण हो, जीतन राम मांझी द्वारा मुसहर और भुइयां समुदायों की स्थिति का उल्लेख हो या ओपी राजभर की अति-पिछड़ों को अलग हिस्सेदारी देने की मांग—सभी तर्क आरक्षण के लाभ के असमान वितरण की ओर संकेत करते हैं।</p>
<p>दूसरी ओर चिराग पासवान जैसे नेता चेतावनी देते हैं कि अनुसूचित जाति और जनजाति के भीतर किसी भी प्रकार का विभाजन सामाजिक एकजुटता और संवैधानिक उद्देश्य को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>इसलिए आने वाले समय में आरक्षण की राजनीति का सबसे बड़ा सवाल केवल यह नहीं होगा कि <strong>आरक्षण कितना है</strong>, बल्कि यह भी होगा कि <strong>उस आरक्षण का लाभ किसे और कितनी बार मिल रहा है।</strong></p>
<p>आरक्षण में क्रीमी लेयर और सब-कैटेगरी की बहस सामाजिक न्याय, समान अवसर और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के तीनों पहलुओं से जुड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राज्यों के लिए एससी वर्ग के भीतर उप-वर्गीकरण की संवैधानिक गुंजाइश स्पष्ट की है, लेकिन इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव को लेकर बहस अभी जारी है।</p>
<p>एक तरफ आरक्षण प्राप्त वर्गों की एकता बनाए रखने की चिंता है, तो दूसरी तरफ उन समुदायों को वास्तविक हिस्सेदारी दिलाने का सवाल है जो लंबे समय से आरक्षण की व्यवस्था के बावजूद पीछे रह गए हैं। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकारें, राजनीतिक दल और समाज इस संवेदनशील विषय पर किस तरह संतुलित रास्ता निकालते हैं।</p>
<p><strong>नोट:</strong> इस समाचार में नेताओं के विचार और राजनीतिक विश्लेषण उनके सार्वजनिक बयानों/दावों के संदर्भ में प्रस्तुत किए गए हैं। आरक्षण से जुड़े संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों में समय-समय पर बदलाव संभव है।</p>
<p><strong>यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।</strong></p>
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		<title>चिराग पासवान का सामान्य वर्ग को लेकर बयान बना चर्चा का विषय, उठे कई अहम सवाल!</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b5/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 16:56:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[संपादकीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT//  लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का सामान्य वर्ग को लेकर दिया गया बयान इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है। चिराग पासवान ने कहा है कि एक जाति की चिंताओं का संरक्षण करते हुए समाज के दूसरे वर्गों के हितों की भी रक्षा की जा सकती &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// </strong> </span>लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का सामान्य वर्ग को लेकर दिया गया बयान इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है। चिराग पासवान ने कहा है कि एक जाति की चिंताओं का संरक्षण करते हुए समाज के दूसरे वर्गों के हितों की भी रक्षा की जा सकती है।</p>
<figure id="attachment_20829" aria-describedby="caption-attachment-20829" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b5/img_20260831_222532/" rel="attachment wp-att-20829"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20829" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_222532-300x151.jpg" alt="" width="300" height="151" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_222532-300x151.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_222532-1024x516.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_222532-768x387.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_222532.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-20829" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक एआई तस्वीर</figcaption></figure>
<p>मीडिया को दिए अपने बयान में चिराग पासवान ने कहा कि वे जहां अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अधिकारों और हितों का संरक्षण करेंगे, वहीं सामान्य वर्ग और ऊंची जाति से आने वाले लोगों की आवाज को भी मजबूती से उठाएंगे।</p>
<p>चिराग पासवान का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब देश में सामाजिक न्याय, आरक्षण, आर्थिक आधार पर अवसर और विभिन्न वर्गों के अधिकारों को लेकर लगातार बहस चल रही है।</p>
<h3>सामान्य वर्ग के हितों को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?</h3>
<p>चिराग पासवान के बयान का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधिकारों की बात करने के साथ-साथ सामान्य वर्ग की चिंताओं को भी सार्वजनिक रूप से उठाने की बात कही है।</p>
<p>हालांकि चिराग पासवान क्या कह रहे हैं और उनके बयान का राजनीतिक संदर्भ क्या है, यह अलग विषय है। लेकिन सामान्य वर्ग के हितों को लेकर उनके द्वारा कही गई बात निश्चित रूप से विचारणीय है।</p>
<p>सवाल यह भी है कि सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले बड़ी संख्या में विधायक और सांसद होने के बावजूद सामान्य वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर उतनी मुखर आवाज क्यों नहीं सुनाई देती, जितनी अपेक्षा की जाती है?</p>
<h3>क्या सामान्य वर्ग को अपने मुद्दों के लिए दूसरे वर्गों के नेताओं की जरूरत पड़ेगी?</h3>
<p>यहां एक बड़ा सवाल सामने आता है कि क्या सामान्य वर्ग के लोगों को अपने अधिकारों और हितों की आवाज उठाने के लिए अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से आने वाले नेताओं के समर्थन की आवश्यकता पड़ेगी?</p>
<p>अगर कोई नेता किसी दूसरे सामाजिक वर्ग से आते हुए भी सामान्य वर्ग की समस्याओं और चिंताओं को मजबूती से उठाता है, तो निश्चित रूप से यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वागत योग्य बात है। लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि सामान्य वर्ग से चुने गए जनप्रतिनिधि अपने ही समाज के लोगों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बोलने से क्यों कतराते हैं?</p>
<p>क्या उन्हें राजनीतिक नुकसान का डर है? क्या उन्हें आगामी चुनाव में दोबारा चुने जाने की चिंता रहती है? या फिर वोट बैंक की राजनीति के कारण कुछ मुद्दों पर खुलकर बोलने से नेता बचते हैं?</p>
<p>इन सवालों का जवाब राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को देना चाहिए।</p>
<h3>सामान्य वर्ग के युवाओं की आवाज भी बन रही बड़ा मुद्दा</h3>
<p>पिछले कुछ समय से सामान्य वर्ग के युवाओं और विभिन्न सामाजिक समूहों की ओर से आर्थिक आधार पर आरक्षण, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से जुड़े विषयों तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण कानून के कथित दुरुपयोग से संबंधित चिंताओं को लेकर आवाज उठाई जाती रही है।</p>
<p>इन मुद्दों पर अलग-अलग सामाजिक संगठनों और युवाओं की अपनी-अपनी मांगें एवं विचार हैं। ऐसे विषयों पर किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले संवैधानिक प्रावधानों, कानून और सभी पक्षों को ध्यान में रखना जरूरी है।</p>
<h3>गरीबी और जरूरतमंदी किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं</h3>
<p>आरक्षण और सरकारी योजनाओं को लेकर चर्चा में एक महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक स्थिति भी है। गरीबी किसी एक सामाजिक वर्ग तक सीमित नहीं है।</p>
<p>सामान्य वर्ग में भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार हैं। इसी तरह अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदायों में भी बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग मौजूद हैं।</p>
<p>ऐसे में एक व्यापक दृष्टिकोण यह हो सकता है कि सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए भी शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार और अन्य सरकारी योजनाओं में प्रभावी अवसर सुनिश्चित किए जाएं।</p>
<h3>सामाजिक विभाजन नहीं, समान अवसर की जरूरत</h3>
<p>भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में जाति, धर्म और सामाजिक पहचान से जुड़े विषय बेहद संवेदनशील हैं। इसलिए राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी वर्ग के अधिकारों की बात करते समय दूसरे वर्ग के प्रति विरोध या भेदभाव की भावना पैदा न होने दें।</p>
<p>सामाजिक न्याय का उद्देश्य समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच दूरी बढ़ाना नहीं, बल्कि वंचित और जरूरतमंद लोगों को आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए।</p>
<p>सरकारों को ऐसी नीतियों और योजनाओं पर जोर देना चाहिए, जिनसे जाति-पाति, ऊंच-नीच और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को शिक्षा, रोजगार, सम्मान और विकास के समान अवसर मिल सकें।</p>
<h3>चिराग पासवान के बयान ने छेड़ी नई बहस</h3>
<p>चिराग पासवान का यह बयान भले ही राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जाए, लेकिन इसने सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व और उसके मुद्दों को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।</p>
<p>लोकतंत्र में किसी भी वर्ग की आवाज उठाना किसी दूसरे वर्ग के अधिकारों के खिलाफ नहीं होना चाहिए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय—सभी वर्गों के जरूरतमंद लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिलना जरूरी है।</p>
<p>आखिरकार देश की मजबूती इसी में है कि सामाजिक न्याय और समान अवसर के बीच संतुलन कायम हो तथा किसी भी वर्ग को यह महसूस न हो कि उसकी समस्याओं को केवल राजनीतिक गणित के कारण नजरअंदाज किया जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>कोल डिपो में बड़ी अनियमितताओं का खुलासा: शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स को कलेक्टर का नोटिस, 15 दिन में जवाब तलब</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 15:32:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जांजगीर-चांपा]]></category>
		<category><![CDATA[स्थानीय समाचार / शहर की खबरें]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// जांजगीर-चांपा, 31 अगस्त 2026। ग्राम कन्हाईबंद, तहसील जांजगीर स्थित मेसर्स शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. के कोल डिपो संचालन को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए नोटिस में उल्लेखित बिंदुओं पर 15 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4/">कोल डिपो में बड़ी अनियमितताओं का खुलासा: शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स को कलेक्टर का नोटिस, 15 दिन में जवाब तलब</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// जांजगीर-चांपा, 31 अगस्त 2026।</strong></span> ग्राम कन्हाईबंद, तहसील जांजगीर स्थित <strong>मेसर्स शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स प्रा. लि.</strong> के कोल डिपो संचालन को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए नोटिस में उल्लेखित बिंदुओं पर <strong>15 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने</strong> के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने पर संबंधित नियमों के तहत एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।</p>
<figure id="attachment_20824" aria-describedby="caption-attachment-20824" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4/img_20260831_210129/" rel="attachment wp-att-20824"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20824" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_210129-300x164.jpg" alt="" width="300" height="164" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_210129-300x164.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_210129-1024x561.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_210129-768x421.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_210129.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-20824" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक तस्वीर</figcaption></figure>
<h2><strong>80 हजार मीट्रिक टन कोयले के अस्थायी भंडारण की मिली है अनुमति</strong></h2>
<p>जारी नोटिस के अनुसार ग्राम कन्हाईबंद में <strong>1.503 हेक्टेयर क्षेत्र</strong> में एक समय में <strong>80 हजार मीट्रिक टन खनिज कोयले के अस्थायी भंडारण</strong> के लिए फर्म को अनुज्ञप्ति प्रदान की गई है। इस अनुज्ञप्ति की अवधि <strong>26 फरवरी 2020 से 25 फरवरी 2030</strong> तक निर्धारित है।</p>
<p>मौके पर खनि निरीक्षक की जांच, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जांजगीर से प्राप्त प्रतिवेदन, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय जांजगीर की रिपोर्ट और कार्यालयीन अभिलेखों के परीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आने का उल्लेख नोटिस में किया गया है।</p>
<h2><strong>फेंसिंग नहीं, नियमों के उल्लंघन का आरोप</strong></h2>
<p>जांच में स्वीकृत अस्थायी भंडारण क्षेत्र को <strong>तार फेंसिंग अथवा ईंट की दीवार से घेरा हुआ नहीं पाया गया।</strong> इसे छत्तीसगढ़ खनिज नियम, 2009 के संबंधित प्रावधानों का उल्लंघन बताया गया है।</p>
<p>इसके अलावा भंडारण क्षेत्र में कोयले की प्राप्ति, अन्यत्र भेजे गए खनिज अथवा उसके उत्पादों की मात्रा और अन्य आवश्यक विवरण निर्धारित प्रारूप अथवा रजिस्टर में संधारित नहीं पाए जाने की बात भी नोटिस में कही गई है।</p>
<p>जांच के दौरान मांगे जाने पर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने का भी उल्लेख है।</p>
<h2><strong>मासिक विवरणी नहीं देने और सुरक्षा व्यवस्था में कमी</strong></h2>
<p>नोटिस के अनुसार फर्म द्वारा अस्थायी भंडारण क्षेत्र से संबंधित <strong>मासिक विवरणी प्रस्तुत नहीं की जा रही थी।</strong></p>
<p>वहीं, जांच के दौरान कोल डिपो में <strong>प्राथमिक चिकित्सा सामग्री, अग्निशमन यंत्र और मजदूरों के लिए आवश्यक प्राथमिक सुरक्षा किट</strong> की व्यवस्था नहीं पाए जाने की बात सामने आई है।</p>
<h2><strong>अनुज्ञप्ति 1.503 हेक्टेयर की, संचालन 1.948 हेक्टेयर में होने का उल्लेख</strong></h2>
<p>मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक क्षेत्रफल को लेकर सामने आया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जांजगीर से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार फर्म द्वारा <strong>1.948 हेक्टेयर यानी करीब 4.80 एकड़ क्षेत्र</strong> में कोल डिपो संचालित किए जाने का उल्लेख है।</p>
<p>जबकि फर्म को केवल <strong>1.503 हेक्टेयर क्षेत्र</strong> में खनिज कोयले के अस्थायी भंडारण की अनुज्ञप्ति प्राप्त है। नोटिस में इसे अनुज्ञप्ति की शर्तों और अनुबंध विलेख में उल्लेखित शर्तों का उल्लंघन बताया गया है।</p>
<h2><strong>वृक्षारोपण की कमी और प्रदूषित पानी नाले में छोड़ने का आरोप</strong></h2>
<p>जांच में अनुज्ञा क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में वृक्षारोपण नहीं पाए जाने की बात भी सामने आई है।</p>
<p>इसके साथ ही <strong>प्रदूषित पानी का उचित उपचार किए बिना उसे नाले में प्रवाहित किए जाने</strong> का उल्लेख भी जांच संबंधी रिपोर्ट में किया गया है। यह मामला पर्यावरणीय दृष्टि से भी गंभीर माना जा रहा है और इसकी विस्तृत जांच की आवश्यकता दिखाई देती है।</p>
<h2><strong>विकास अनुज्ञा के बिना व्यावसायिक कोल भंडारण का मामला</strong></h2>
<p>नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त पत्र के अनुसार ग्राम कन्हाईबंद के खसरा नंबर <strong>645/5, 645/8, 645/30, 645/6, 645/17, 645/3, 645/4, 645/21 एवं 645/25</strong> जांजगीर विकास योजना में शामिल क्षेत्र में आते हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार उक्त भूमि पर विकास अनुज्ञा के लिए आवेदन प्रस्तुत किए बिना निर्माण कर <strong>व्यावसायिक कोल भंडारण का कार्य संचालित</strong> किया जाना पाया गया है।</p>
<p>इस संबंध में भूमि विकास करने अथवा अवैध निर्माण हटाने या भूमि को पूर्व स्थिति में प्रत्यावर्तित करने के लिए संबंधित विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।</p>
<h2><strong>रेलवे ने भी दस्तावेजों को लेकर जताई आपत्ति</strong></h2>
<p>मामले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर की ओर से प्राप्त पत्र का भी नोटिस में उल्लेख है।</p>
<p>रेलवे के अनुसार कोल डिपो संचालन के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में <strong>रेलवे अंडरब्रिज को उचित रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया।</strong> इसके अलावा गलत अथवा अपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने को लेकर रेलवे द्वारा आपत्ति दर्ज किए जाने की बात कही गई है।</p>
<h2><strong>मिक्सिंग को लेकर लगातार शिकायतों ने बढ़ाए सवाल</strong></h2>
<p>इधर, स्थानीय स्तर पर <strong>मेसर्स शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. के कर्मचारियों द्वारा कोयले की मिक्सिंग में अनियमितता किए जाने की शिकायतें लगातार मिलने</strong> का दावा भी किया जा रहा है।</p>
<p>शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कोयले की मिक्सिंग के नाम पर कथित तौर पर <strong>लाखों रुपये के लेनदेन और आर्थिक अनियमितता</strong> की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।</p>
<p>यदि शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं तो यह मामला केवल भंडारण अनुज्ञप्ति की शर्तों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोयले की गुणवत्ता, मिक्सिंग, आर्थिक लेनदेन और संबंधित अभिलेखों की भी विस्तृत जांच का विषय बन सकता है।</p>
<h2><strong>किसके संरक्षण में चल रहा था खेल? जांच से सामने आएगा सच</strong></h2>
<p>एक ओर जहां सरकारी जांच में अनुज्ञप्ति क्षेत्र, दस्तावेज, सुरक्षा व्यवस्था, मासिक विवरणी, फेंसिंग, पर्यावरणीय प्रबंधन और विकास अनुज्ञा से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं, वहीं दूसरी ओर मिक्सिंग को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों ने <strong>निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।</strong></p>
<p>अब बड़ा सवाल यह है कि यदि इतने स्तर पर अनियमितताएं सामने आ रही थीं तो संबंधित विभागों की नियमित निगरानी व्यवस्था क्या कर रही थी? क्या कोल डिपो के संचालन में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही रही या किसी स्तर पर संरक्षण अथवा मिलीभगत हुई? इन सवालों का जवाब <strong>निष्पक्ष और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकता है।</strong></p>
<h2><strong>15 दिन में जवाब, नहीं तो होगी एकपक्षीय कार्रवाई</strong></h2>
<p>कलेक्टर द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में फर्म को निर्देशित किया गया है कि उपरोक्त अनियमितताओं एवं नियमों के उल्लंघन के संबंध में <strong>15 दिवस के भीतर कार्यालय कलेक्टर, जिला जांजगीर-चांपा में उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करे।</strong></p>
<p>निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में छत्तीसगढ़ खनिज नियम, 2009 के संबंधित प्रावधानों के तहत <strong>एकपक्षीय कार्रवाई</strong> की जाएगी। नोटिस में इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होने की बात कही गई है।</p>
<h3><strong>अब जांच पर टिकी नजर</strong></h3>
<p>कलेक्टर के नोटिस के बाद शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स के कोल डिपो से जुड़े मामले में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। खासकर <strong>अनुज्ञप्ति से अधिक क्षेत्र में संचालन, पर्यावरणीय नियमों, दस्तावेजों, सुरक्षा व्यवस्था, रेलवे से जुड़े दस्तावेज और कोयला मिक्सिंग की शिकायतों</strong> की निष्पक्ष जांच होने पर पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।</p>
<p><strong>नोट:</strong> कोयला मिक्सिंग, लाखों रुपये के कथित लेनदेन, संरक्षण अथवा विभागीय मिलीभगत से संबंधित बिंदु शिकायत/आरोप के रूप में हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संबंधित फर्म अथवा विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।</p>
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		<title>निक्की वालिया ने खोली बॉलीवुड की ‘कड़वी सच्चाई’, बोलीं- महिलाओं को वस्तु की तरह देखते थे लोग, बोलने के बाद काम मिलने का डर था!</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 02:52:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निक्की वालिया ने खोली बॉलीवुड की ‘कड़वी सच्चाई’, बोलीं- महिलाओं को वस्तु की तरह देखते थे लोग, बोलने के बाद काम मिलने का डर था! NTN REPORT// बॉलीवुड से टीवी तक का सफर: ‘मिस्टर आजाद’, ‘अकेले हम अकेले तुम’ और ‘परदेसी बाबू’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं अभिनेत्री निक्की वालिया ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%89%e0%a4%b2/">निक्की वालिया ने खोली बॉलीवुड की ‘कड़वी सच्चाई’, बोलीं- महिलाओं को वस्तु की तरह देखते थे लोग, बोलने के बाद काम मिलने का डर था!</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h2>निक्की वालिया ने खोली बॉलीवुड की ‘कड़वी सच्चाई’, बोलीं- महिलाओं को वस्तु की तरह देखते थे लोग, बोलने के बाद काम मिलने का डर था!</h2>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">NTN REPORT//</span> बॉलीवुड से टीवी तक का सफर:</strong> ‘मिस्टर आजाद’, ‘अकेले हम अकेले तुम’ और ‘परदेसी बाबू’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं अभिनेत्री निक्की वालिया ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाने की वजह को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एक्ट्रेस ने बॉलीवुड के माहौल को अपने लिए ‘टॉक्सिक’ बताते हुए कहा कि उस दौर में महिलाओं के साथ जिस तरह की भाषा और व्यवहार का इस्तेमाल किया जाता था, वह उन्हें बेहद परेशान करता था। उनके इस बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री में उनके अनुभव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।</p>
<figure id="attachment_20818" aria-describedby="caption-attachment-20818" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%89%e0%a4%b2/img_20260831_081959/" rel="attachment wp-att-20818"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20818" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_081959-300x160.jpg" alt="" width="300" height="160" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_081959-300x160.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_081959-1024x546.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_081959-768x410.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_081959.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-20818" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक तस्वीर</figcaption></figure>
<h3>फिल्मों में काम करने के बाद क्यों बनाई बॉलीवुड से दूरी?</h3>
<p>निक्की वालिया ने Zoom/TellyTalkIndia को दिए एक इंटरव्यू में अपने बॉलीवुड के दिनों को याद करते हुए बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं को लेकर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा और व्यवहार उन्हें सहज नहीं लगता था। उनके मुताबिक, उस समय महिलाओं से कई ऐसी चीजों की अपेक्षा की जाती थी, जो उन्हें परेशान करती थीं।</p>
<p>एक्ट्रेस ने कहा कि इंडस्ट्री की दूसरी बातें तो बाद की हैं, लेकिन उस समय महिलाओं के साथ जिस तरह से बात की जाती थी, वह उनके लिए बेहद हैरान करने वाला अनुभव था। उनके अनुसार, कई लोग महिलाओं को इंसान के बजाय सिर्फ एक वस्तु की तरह देखते थे।</p>
<h3>‘अरे तू क्या&#8230; बुलाओ’ जैसी भाषा से होती थी परेशानी</h3>
<p>निक्की ने उस दौर के माहौल का जिक्र करते हुए बताया कि बातचीत के दौरान महिलाओं के लिए बेहद अनौपचारिक और आपत्तिजनक लहजे का इस्तेमाल किया जाता था। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर ‘अरे तू क्या’, ‘अरे ये क्या’ या ‘वो आएगी, बुलाओ’ जैसी भाषा में बात करते थे।</p>
<p>एक्ट्रेस के मुताबिक, वह कई बार वहीं बैठकर ऐसी बातें सुनती रहती थीं और यह सब उनके लिए बेहद परेशान करने वाला अनुभव था।</p>
<h3>‘फिल्म इंडस्ट्री की फितरत और मेरी फितरत अलग थी’</h3>
<p>निक्की वालिया ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी को सही या गलत ठहराने की कोशिश नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री की फितरत और उनकी अपनी फितरत अलग थी।</p>
<p>उनका मानना था कि जरूरी नहीं कि कोई एक पक्ष सही हो और दूसरा गलत। बल्कि दोनों के सोचने और काम करने का तरीका अलग था और इसी वजह से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाने का फैसला किया।</p>
<h3>बॉलीवुड छोड़ने के बाद झेलना पड़ा विरोध</h3>
<p>निक्की ने बताया कि बॉलीवुड से हटने के बाद उन्हें इंडस्ट्री की तरफ से काफी विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें यह एहसास होने लगा था कि अगर वह दोबारा काम मांगने भी जाएंगी तो शायद उन्हें काम नहीं मिलेगा।</p>
<p>एक्ट्रेस के मुताबिक, उन्हें यह डर भी महसूस हुआ कि उनके बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री के लोग उन्हें काम देने से बचेंगे। उन्हें लगता था कि इंडस्ट्री के कुछ लोग इस बात को लेकर आशंकित थे कि कहीं वह अंदर की बातें सार्वजनिक न कर दें।</p>
<h3>‘लोगों को डर था कि कहीं मैं अंदर के राज न खोल दूं’</h3>
<p>निक्की ने बताया कि उस समय इंडस्ट्री के कुछ लोगों की सोच ऐसी थी कि कल की आई एक लड़की ने इतना बेबाक बयान कैसे दे दिया। उन्हें लगता था कि शायद लोग यह सोच रहे थे कि वह किसी से डरती नहीं हैं और आगे चलकर इंडस्ट्री से जुड़ी और बातें भी सामने ला सकती हैं।</p>
<p>हालांकि, निक्की ने कहा कि उन्हें किसी से डरने की जरूरत महसूस नहीं हुई, क्योंकि उनके मुताबिक उन्होंने न तो झूठ बोला था और न ही किसी का नाम गलत तरीके से इसमें घसीटा था।</p>
<h3>फिल्मों के बाद टीवी ने दी नई पहचान</h3>
<p>बॉलीवुड से दूरी बनाने के बाद निक्की वालिया ने टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा और यहां अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कई लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में काम किया और दर्शकों के बीच अपनी मजबूत जगह बनाई।</p>
<p>उन्हें <strong>‘अस्तित्व&#8230; एक प्रेम कहानी’, ‘दिल संभल जा जरा’ और ‘घर एक सपना’</strong> जैसे धारावाहिकों से घर-घर पहचान मिली। फिल्मों से दूरी के बावजूद टीवी पर उनका करियर काफी सफल रहा।</p>
<h3>निक्की के बयान से फिर चर्चा में आया फिल्म इंडस्ट्री का माहौल</h3>
<p>निक्की वालिया का यह बयान एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के अनुभव, कार्यस्थल के माहौल और लैंगिक व्यवहार जैसे मुद्दों को चर्चा में ले आया है। हालांकि, एक्ट्रेस ने अपने अनुभव साझा करते हुए किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है। उनका कहना है कि उन्होंने जो महसूस किया, उसी अनुभव के आधार पर बॉलीवुड से दूरी बनाने का फैसला किया था।</p>
<p><strong>डिस्क्लेमर:</strong> यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।</p>
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		<title>ऑस्कर अकादमी ने फिर याद किया बॉलीवुड का आइकॉनिक सीन, रणबीर-दीपिका की ‘ये जवानी है दीवानी’ पर फिदा हुए फैंस</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 02:43:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// मुंबई। बॉलीवुड की लोकप्रिय फिल्म ‘ये जवानी है दीवानी’ एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह फिल्म की नई रिलीज या बॉक्स ऑफिस नहीं, बल्कि ऑस्कर अवॉर्ड देने वाली अकादमी है। अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने अपने सोशल मीडिया पेज पर अयान मुखर्जी की इस चर्चित फिल्म का &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// मुंबई।</strong> </span>बॉलीवुड की लोकप्रिय फिल्म <strong>‘ये जवानी है दीवानी’</strong> एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह फिल्म की नई रिलीज या बॉक्स ऑफिस नहीं, बल्कि <strong>ऑस्कर अवॉर्ड देने वाली अकादमी</strong> है। <em>अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज</em> ने अपने सोशल मीडिया पेज पर अयान मुखर्जी की इस चर्चित फिल्म का एक यादगार सीन साझा किया है। इसमें रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण के किरदार <strong>बनी और नैना</strong> नजर आ रहे हैं।</p>
<figure id="attachment_20812" aria-describedby="caption-attachment-20812" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%bf/img_20260831_080613/" rel="attachment wp-att-20812"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20812" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_080613-300x144.jpg" alt="" width="300" height="144" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_080613-300x144.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_080613-1024x493.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_080613-768x370.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_080613.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-20812" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक तस्वीर</figcaption></figure>
<h3><strong>अकादमी ने शेयर किया बनी-नैना का यादगार पल</strong></h3>
<p>अकादमी द्वारा साझा किए गए वीडियो में बनी और नैना जिंदगी को लेकर बातचीत करते दिखाई देते हैं। सीन में नैना भविष्य की चिंता करने के बजाय मौजूदा पल को जीने की बात करती है। फिल्म का यह संवाद दर्शकों के बीच पहले से ही काफी लोकप्रिय रहा है।</p>
<figure id="attachment_20813" aria-describedby="caption-attachment-20813" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%bf/img_20260831_080903/" rel="attachment wp-att-20813"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-20813" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_080903-300x184.jpg" alt="" width="300" height="184" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_080903-300x184.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_080903-1024x630.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_080903-768x472.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_080903.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-20813" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक तस्वीर</figcaption></figure>
<p>नैना बनी से कहती है—<strong>“जितना भी ट्राई करो बनी, जिंदगी में कुछ न कुछ तो छूटेगा ही। तो क्यों न जहां हैं, वहीं का मजा लें?”</strong></p>
<p>इस सीन को साझा करते हुए अकादमी ने भी इसी भाव को अपने कैप्शन में सामने रखा और लिखा कि नैना की ओर से एक याद दिलाने वाला संदेश है कि <strong>जो आपके सामने है, उसका आनंद लें।</strong></p>
<h3><strong>सोशल मीडिया पर छाया पोस्ट, भारतीय फैंस हुए उत्साहित</strong></h3>
<p>ऑस्कर अकादमी के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से ‘ये जवानी है दीवानी’ का सीन साझा किए जाने के बाद भारतीय प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिला। पोस्ट के कमेंट सेक्शन में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं और अकादमी के इस अंदाज की तारीफ की।</p>
<p>एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि ऐसा लगता है जैसे <strong>अकादमी में काम करने वाला कोई भारतीय इंटर्न भारतीय फिल्मों को उनकी सही पहचान दिलाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है।</strong></p>
<p>वहीं, एक अन्य यूजर ने दीपिका पादुकोण को लेकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि <strong>अकादमी भी दीपिका से उसी तरह प्रभावित हो गई है, जैसे उनके प्रशंसक हैं।</strong></p>
<h3><strong>‘ओम शांति ओम’ के बाद फिर हिंदी फिल्म की झलक</strong></h3>
<p>यह पहली बार नहीं है जब अकादमी ने किसी लोकप्रिय हिंदी फिल्म का यादगार सीन अपने सोशल मीडिया मंच पर साझा किया है। इससे पहले <strong>शाहरुख खान की ‘ओम शांति ओम’</strong> के एक चर्चित सीन को भी अकादमी ने साझा किया था।</p>
<p>ऐसे पोस्ट भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के लिए खास महत्व रखते हैं, क्योंकि दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कारों में से एक से जुड़ी संस्था द्वारा हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय पलों को याद किया जाना भारतीय दर्शकों के बीच तुरंत चर्चा का विषय बन जाता है।</p>
<h3><strong>2013 में रिलीज हुई थी ‘ये जवानी है दीवानी’</strong></h3>
<p>अयान मुखर्जी के निर्देशन में बनी <strong>‘ये जवानी है दीवानी’</strong> साल 2013 में रिलीज हुई थी। फिल्म में <strong>रणबीर कपूर, दीपिका पादुकोण, आदित्य रॉय कपूर और कल्कि कोचलिन</strong> मुख्य भूमिकाओं में थे।</p>
<p>फिल्म की कहानी बनी, नैना और उनके दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें दोस्ती, प्यार, सपने, महत्वाकांक्षा और जिंदगी में लिए जाने वाले फैसलों को बेहद भावनात्मक तरीके से दिखाया गया है।</p>
<p>फिल्म रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी, लेकिन समय बीतने के साथ इसकी लोकप्रियता और बढ़ती गई। फिल्म के <strong>डायलॉग, गाने, रोमांस और किरदार</strong> आज भी दर्शकों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं।</p>
<h3><strong>बनी-नैना की जोड़ी आज भी दर्शकों की पसंद</strong></h3>
<p>रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की बनी-नैना के रूप में जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। फिल्म में दोनों के रिश्ते और जिंदगी को लेकर उनके अलग-अलग नजरिए ने कहानी को खास बनाया।</p>
<p>खास बात यह है कि फिल्म के कई संवाद आज भी सोशल मीडिया पर साझा किए जाते हैं। अकादमी द्वारा इसी फिल्म के एक भावनात्मक और जीवन को वर्तमान में जीने का संदेश देने वाले सीन को चुना जाना इसे और खास बना देता है।</p>
<p><strong>एक दशक से ज्यादा समय बाद भी ‘ये जवानी है दीवानी’ की लोकप्रियता बरकरार है और अब ऑस्कर अकादमी के पोस्ट ने एक बार फिर फिल्म को नई चर्चा दे दी है।</strong></p>
<p><strong>डिस्क्लेमर:</strong> यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।</p>
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		<title>इंदौर में टाउनशिप गेट पर विवाद के बाद चौकीदार की हत्या, कार से दो बार कुचलने का आरोप; प्रेमिका समेत आरोपी गिरफ्तार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 02:25:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य/शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>इंदौर में टाउनशिप गेट पर विवाद के बाद चौकीदार की हत्या, कार से दो बार कुचलने का आरोप; प्रेमिका समेत आरोपी गिरफ्तार NTN REPORT// इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से सामने आया एक मामला पहले सड़क हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने के बाद इसे हत्या का मामला माना गया। &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%aa-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b5/">इंदौर में टाउनशिप गेट पर विवाद के बाद चौकीदार की हत्या, कार से दो बार कुचलने का आरोप; प्रेमिका समेत आरोपी गिरफ्तार</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>इंदौर में टाउनशिप गेट पर विवाद के बाद चौकीदार की हत्या, कार से दो बार कुचलने का आरोप; प्रेमिका समेत आरोपी गिरफ्तार</strong></h1>
<figure id="attachment_20807" aria-describedby="caption-attachment-20807" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%aa-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b5/img_20260831_074914/" rel="attachment wp-att-20807"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-20807 size-medium" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_074914-300x147.jpg" alt="" width="300" height="147" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_074914-300x147.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_074914-1024x501.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_074914-768x375.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG_20260831_074914.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-20807" class="wp-caption-text">इंदौर की लॉ-एक्जोटिका टाउनशिप में घटना के बाद जांच करती पुलिस — प्रतीकात्मक तस्वीर</figcaption></figure>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// इंदौर।</strong> </span>मध्य प्रदेश के इंदौर से सामने आया एक मामला पहले सड़क हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने के बाद इसे हत्या का मामला माना गया। लसूड़िया थाना क्षेत्र की लॉ-एक्जोटिका टाउनशिप में एंट्री को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक पर चौकीदार को कार से दो बार कुचलने का आरोप है। घटना में चौकीदार की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपी युवक राजा उर्फ कमल कुमावत और उसकी गर्लफ्रेंड सेजल उर्फ शालिनी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली गई है।</p>
<h3><strong>गेट पर चौकीदार ने रोकी कार, एंट्री को लेकर शुरू हुआ विवाद</strong></h3>
<p>पुलिस के मुताबिक, घटना की रात राजा उर्फ कमल कुमावत अपनी गर्लफ्रेंड सेजल के साथ कार से लॉ-एक्जोटिका टाउनशिप पहुंचा था। उस समय टाउनशिप के गेट पर 35 वर्षीय धर्मेंद्र मालवीय चौकीदार के रूप में ड्यूटी पर तैनात थे।</p>
<p>धर्मेंद्र ने कार को रोककर युवक से टाउनशिप के अंदर जाने के संबंध में पूछताछ की। आरोप है कि इसी बात को लेकर कमल नाराज हो गया और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर धर्मेंद्र की पत्नी ज्योति और उनके रिश्तेदार गोविंद भी मौके पर पहुंच गए।</p>
<h3><strong>मारपीट और कथित अपमान के बाद कार लेकर चला गया आरोपी</strong></h3>
<p>पुलिस जांच के अनुसार, विवाद के दौरान कमल और धर्मेंद्र के बीच हाथापाई हुई। कमल पर धर्मेंद्र को थप्पड़ मारने का भी आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद को टाउनशिप के कॉलोनाइजर का परिचित बताया और फोन पर बातचीत भी कराई। इसके अलावा टाउनशिप के सुपरवाइजर से भी उसकी बात हुई, लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ।</p>
<p>इसके बाद कमल अपनी कार लेकर वहां से चला गया। उस समय तक मामला केवल विवाद और मारपीट तक सीमित दिखाई दे रहा था।</p>
<h3><strong>कुछ देर बाद तेज रफ्तार कार से वापस पहुंचा युवक</strong></h3>
<p>पुलिस के मुताबिक, घटना का सबसे गंभीर मोड़ इसके बाद आया। कुछ देर बाद कमल दोबारा उसी टाउनशिप में कार लेकर पहुंचा। उस समय धर्मेंद्र, उनकी पत्नी ज्योति और रिश्तेदार गोविंद गेट के पास मौजूद थे।</p>
<p>आरोप है कि इस बार कमल ने तेज रफ्तार कार सीधे उनकी तरफ बढ़ा दी। कार की टक्कर से ज्योति और गोविंद घायल हो गए।</p>
<h3><strong>धर्मेंद्र को दो बार कुचलने का आरोप</strong></h3>
<p>पुलिस के मुताबिक, टक्कर के बाद कमल ने कार वापस मोड़ी और धर्मेंद्र की तरफ बढ़ा दी। आरोप है कि उसने धर्मेंद्र को कार से <strong>दो बार कुचल दिया</strong>।</p>
<p>धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।</p>
<h3><strong>शुरुआत में सड़क हादसा समझी गई घटना, जांच में बदला एंगल</strong></h3>
<p>घटना के शुरुआती विवरण में मामला सड़क हादसे जैसा दिखाई दे रहा था। कार की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।</p>
<p>लेकिन पुलिस ने जब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया तो कई सवाल सामने आए। पुलिस ने यह जांच शुरू की कि यदि पहली टक्कर महज हादसा थी, तो कार वहां से जाने के बाद दोबारा क्यों लौटी? कार की दिशा क्यों बदली गई और धर्मेंद्र को दोबारा कुचलने की बात क्यों सामने आई?</p>
<p>इन्हीं बिंदुओं के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाया और घटना को हत्या के एंगल से भी देखा।</p>
<h3><strong>घटना के बाद उज्जैन चले गए आरोपी</strong></h3>
<p>पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र की मौत के बाद कमल अपनी गर्लफ्रेंड सेजल के साथ वहां से निकल गया। दोनों उज्जैन चले गए और कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए।</p>
<p>पुलिस ने आरोपियों की तलाश में अलग-अलग संभावित ठिकानों पर दबिश दी। आखिरकार शुक्रवार रात पुलिस ने राजा उर्फ कमल कुमावत और सेजल उर्फ शालिनी को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<h3><strong>हत्या में इस्तेमाल कार जब्त</strong></h3>
<p>पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही घटना में इस्तेमाल कार को भी जब्त कर लिया है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।</p>
<p>पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, टाउनशिप में प्रवेश को लेकर हुए विवाद और कथित तौर पर प्रेमिका के सामने हुए अपमान के बाद कमल गुस्से में था। आरोप है कि इसी गुस्से में वह पहले वहां से चला गया और कुछ देर बाद वापस लौटकर कार से धर्मेंद्र, उनकी पत्नी और रिश्तेदार को टक्कर मारी। इसके बाद धर्मेंद्र को दो बार कुचलने का आरोप है।</p>
<h3><strong>फिलहाल दोनों आरोपी गिरफ्तार</strong></h3>
<p>इस मामले में राजा उर्फ कमल कुमावत और सेजल उर्फ शालिनी पुलिस की गिरफ्त में हैं। घटना में इस्तेमाल कार भी जब्त हो चुकी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों एवं घटनाक्रम की पुष्टि की जा रही है।</p>
<p><strong>नोट:</strong> इस समाचार में आरोपियों पर लगाए गए आरोप पुलिस की प्रारंभिक जांच के आधार पर हैं। मामले में अंतिम तथ्य न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।</p>
<p><strong>समाचार स्रोत:</strong> <strong>यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।</strong></p>
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