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		<title>न्यूजीलैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को लगेगा इंतजार! चेतेश्वर पुजारा ने बताई प्लेइंग-11 की मुश्किल, संजू सैमसन पर भी रखी अपनी राय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Oct 2026 03:49:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// भारतीय क्रिकेट के उभरते युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में प्लेइंग-11 में जगह बनाने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। टीम में पहले से मौजूद अनुभवी और आक्रामक बल्लेबाजों के बीच वैभव के लिए जगह बनाना आसान नहीं माना जा रहा है। भारतीय टीम &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT//</strong> </span>भारतीय क्रिकेट के उभरते युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में प्लेइंग-11 में जगह बनाने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। टीम में पहले से मौजूद अनुभवी और आक्रामक बल्लेबाजों के बीच वैभव के लिए जगह बनाना आसान नहीं माना जा रहा है। भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी टीम संयोजन को लेकर अपनी राय रखते हुए संकेत दिए हैं कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में वैभव को तुरंत अंतिम एकादश में मौका मिलना मुश्किल हो सकता है।</p>
<figure id="attachment_21865" aria-describedby="caption-attachment-21865" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%ad%e0%a4%b5-%e0%a4%b8/img_20261019_091821/" rel="attachment wp-att-21865"><img decoding="async" class="size-medium wp-image-21865" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_091821-300x128.jpg" alt="" width="300" height="128" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_091821-300x128.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_091821-1024x436.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_091821-768x327.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_091821.jpg 1080w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-21865" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक एआई तस्वीर</figcaption></figure>
<p>पुजारा के मुताबिक, न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में टीम का संतुलन काफी अहम होगा। ऐसे में भारतीय टीम को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत पड़ सकती है, जो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकें। यही वजह है कि शीर्ष क्रम में अतिरिक्त बल्लेबाज को शामिल करने का फैसला टीम प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।</p>
<h2>न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में टीम संयोजन अहम</h2>
<p>जियोस्टार पर चर्चा के दौरान चेतेश्वर पुजारा ने न्यूजीलैंड की परिस्थितियों और भारतीय टीम के संभावित संयोजन पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि विदेशी परिस्थितियों में टीम को संतुलित रखना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए ऐसे ऑलराउंडर खिलाड़ियों की भूमिका बढ़ जाती है, जो टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में मजबूती दे सकें।</p>
<p>ऐसी स्थिति में शीर्ष क्रम में पहले से मौजूद बल्लेबाजों के बीच किसी नए खिलाड़ी को जगह देना आसान नहीं होगा। वैभव सूर्यवंशी को प्रतिभाशाली बल्लेबाज माना जा रहा है, लेकिन टीम में उनकी भूमिका और बल्लेबाजी क्रम को लेकर अंतिम फैसला परिस्थितियों तथा टीम की जरूरतों पर निर्भर करेगा।</p>
<h2>संजू सैमसन और वैभव में से किसे मिलेगा मौका?</h2>
<p>चेतेश्वर पुजारा ने संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी के एक साथ प्लेइंग-11 में शामिल होने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उनका मानना है कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में दोनों खिलाड़ियों को एक साथ खिलाना मुश्किल हो सकता है।</p>
<p>पुजारा के अनुसार, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी में से किसी एक को सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारने का विकल्प टीम के सामने हो सकता है। ऐसे में वैभव को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें अवसर नहीं मिलेंगे। सीरीज के दौरान टीम की जरूरत, खिलाड़ियों की उपलब्धता और परिस्थितियों के आधार पर उन्हें मौका दिया जा सकता है।</p>
<h2>अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की मौजूदगी से बढ़ी प्रतिस्पर्धा</h2>
<p>भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे बल्लेबाजों की मौजूदगी भी वैभव सूर्यवंशी के लिए चुनौती बन सकती है। दोनों खिलाड़ियों की आक्रामक बल्लेबाजी शैली टी20 क्रिकेट में टीम को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाती है।</p>
<p>कप्तान श्रेयस अय्यर भी पहले वैभव के प्लेइंग-11 में शामिल होने को लेकर टीम संयोजन की अहमियत पर अपनी बात रख चुके हैं। टीम प्रबंधन के सामने उन खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने की चुनौती होगी, जो मौजूदा रणनीति के अनुसार बेहतर संतुलन प्रदान कर सकें।</p>
<p>हालांकि, क्रिकेट में परिस्थितियां तेजी से बदलती हैं। किसी खिलाड़ी की चोट, फिटनेस संबंधी परेशानी या टीम की रणनीति में बदलाव के कारण नए खिलाड़ियों के लिए अवसर बन सकते हैं। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी के लिए भी सीरीज के दौरान अपनी प्रतिभा दिखाने का रास्ता खुल सकता है।</p>
<h2>संजू सैमसन के फॉर्म पर क्या बोले चेतेश्वर पुजारा?</h2>
<p>चेतेश्वर पुजारा ने संजू सैमसन के हालिया प्रदर्शन में आए उतार-चढ़ाव पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने संजू का समर्थन करते हुए कहा कि टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव आना सामान्य बात है। किसी खिलाड़ी की क्षमता का आकलन केवल कुछ पारियों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>पुजारा के मुताबिक, टी20 प्रारूप में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों से हर मुकाबले में लगातार रन बनाने की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है। कई बार बल्लेबाज अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो पाते, जबकि कभी एक अच्छी पारी ही उनका आत्मविश्वास वापस लाने के लिए पर्याप्त होती है।</p>
<p>उन्होंने संजू सैमसन के प्रदर्शन को इसी नजरिए से देखने की बात कही। उनके अनुसार, संजू ऐसे बल्लेबाज हैं, जो अपनी लय हासिल करने के बाद बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं। इसलिए उनके हालिया प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।</p>
<h2>वैभव सूर्यवंशी के लिए आगे क्या है चुनौती?</h2>
<p>वैभव सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारतीय टीम के मजबूत शीर्ष क्रम में अपनी जगह बनाना होगी। प्रतिभा के दम पर उन्होंने क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियमित अवसर हासिल करने के लिए उन्हें टीम की रणनीति और उपलब्ध विकल्पों के बीच अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी।</p>
<p>न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्हें शुरुआती मुकाबलों में मौका मिलता है या नहीं, यह टीम प्रबंधन के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। यदि उन्हें प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिलती है, तो भी यह उनके लिए टीम के माहौल को समझने और भविष्य के अवसरों की तैयारी करने का मौका होगा।</p>
<p><strong>कुल मिलाकर, न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में वैभव सूर्यवंशी की जगह को लेकर चर्चा जारी है। चेतेश्वर पुजारा की राय से साफ है कि टीम संयोजन और शीर्ष क्रम में प्रतिस्पर्धा के कारण युवा बल्लेबाज को धैर्य रखना पड़ सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि भारतीय टीम प्रबंधन उन्हें कब मौका देता है और वह उस अवसर का किस तरह फायदा उठाते हैं।</strong></p>
<p><strong>अस्वीकरण:</strong> यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।</p>
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		<title>संधि पूजा 2026: महाष्टमी और महानवमी के मिलन पर मां चामुंडा की आराधना, जानिए 48 मिनट का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Oct 2026 02:45:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के लिए महाष्टमी और महानवमी का विशेष महत्व माना जाता है। इन दोनों तिथियों के मिलन काल में की जाने वाली संधि पूजा को शक्ति उपासना का अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान मां दुर्गा के चामुंडा स्वरूप की विशेष &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT।</strong> </span>शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के लिए महाष्टमी और महानवमी का विशेष महत्व माना जाता है। इन दोनों तिथियों के मिलन काल में की जाने वाली संधि पूजा को शक्ति उपासना का अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान मां दुर्गा के चामुंडा स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। संधि पूजा में दीपदान, पुष्पांजलि, मंत्र जाप और देवी की आरती करने की परंपरा प्रचलित है।</p>
<figure id="attachment_21860" aria-describedby="caption-attachment-21860" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-2026-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be/img_20261019_081453/" rel="attachment wp-att-21860"><img decoding="async" class="size-medium wp-image-21860" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_081453-300x122.jpg" alt="" width="300" height="122" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_081453-300x122.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_081453-1024x417.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_081453-768x313.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_081453.jpg 1080w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-21860" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक तस्वीर</figcaption></figure>
<p>वर्ष 2026 में संधि पूजा की तारीख और मुहूर्त को लेकर श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्सुकता है। आइए जानते हैं संधि पूजा का शुभ समय, इसका धार्मिक महत्व, पूजा की विधि और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।</p>
<h2>संधि पूजा 2026: कब है पूजा और क्या है 48 मिनट का मुहूर्त?</h2>
<p>संधि पूजा का समय महाष्टमी की समाप्ति और महानवमी के आरंभ के बीच पड़ने वाले संधिकाल के आधार पर निर्धारित किया जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस संधिकाल की कुल अवधि 48 मिनट मानी जाती है। इसमें महाष्टमी के अंतिम 24 मिनट और महानवमी के शुरुआती 24 मिनट शामिल होते हैं।</p>
<p>उपलब्ध पंचांग विवरण के अनुसार, वर्ष 2026 में संधि पूजा के लिए निम्न समय बताया गया है।</p>
<ul>
<li><strong>तारीख:</strong> 19 अक्टूबर 2026, सोमवार</li>
<li><strong>बताया गया पूजा मुहूर्त:</strong> सुबह 10 बजकर 27 मिनट से 11 बजकर 15 मिनट तक</li>
<li><strong>कुल अवधि:</strong> 48 मिनट</li>
<li><strong>आराध्य स्वरूप:</strong> मां दुर्गा का चामुंडा स्वरूप</li>
</ul>
<p><strong>महत्वपूर्ण सूचना:</strong> संधि पूजा का सटीक समय स्थानीय सूर्योदय और अष्टमी-नवमी तिथियों के परिवर्तन पर निर्भर करता है। इसलिए ऊपर दिए गए मुहूर्त को अपने स्थानीय पंचांग से सत्यापित करना आवश्यक है। अलग-अलग शहरों में पूजा का समय भिन्न हो सकता है।</p>
<h2>क्या है संधि पूजा का धार्मिक महत्व?</h2>
<p>हिंदू धार्मिक मान्यताओं में संधि पूजा को देवी शक्ति की उपासना का विशेष अवसर माना जाता है। मान्यता है कि महाष्टमी और महानवमी के संधिकाल में मां दुर्गा ने चंड और मुंड नामक राक्षसों का वध करने के लिए चामुंडा स्वरूप धारण किया था। इसी कारण इस अवधि में मां चामुंडा की विशेष आराधना की जाती है।</p>
<p>संधि पूजा को बुराई पर अच्छाई की विजय, अधर्म के अंत और दैवीय शक्ति के प्राकट्य का प्रतीक भी माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु मां दुर्गा से साहस, सुख-समृद्धि, शांति और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।</p>
<p>विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में दुर्गा पूजा के दौरान संधि पूजा का आयोजन श्रद्धा और पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया जाता है।</p>
<h2>संधि पूजा में 108 दीपक जलाने की क्या है परंपरा?</h2>
<p>संधि पूजा के दौरान 108 दीपक जलाने की परंपरा कई स्थानों पर प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं में दीपक को प्रकाश, आस्था और अज्ञान के अंधकार को दूर करने का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु देवी के समक्ष दीप प्रज्वलित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं।</p>
<p>कुछ परंपराओं में संधि पूजा के दौरान मां दुर्गा को 108 कमल के पुष्प अर्पित करने का भी विधान बताया जाता है। हालांकि, पूजा की सामग्री और अनुष्ठान की विधि अलग-अलग क्षेत्रों तथा पारिवारिक परंपराओं के अनुसार भिन्न हो सकती है।</p>
<p>श्रद्धालु अपनी आस्था, उपलब्ध पूजन सामग्री और स्थानीय परंपरा के अनुसार पूजा कर सकते हैं।</p>
<h2>संधि पूजा कैसे करें? जानिए सरल पूजा विधि</h2>
<p>संधि पूजा के लिए श्रद्धालु घर, मंदिर या दुर्गा पूजा पंडाल में निर्धारित समय के अनुसार पूजा-अर्चना कर सकते हैं। पूजा की तैयारी पहले से कर लेना उचित माना जाता है, ताकि संधिकाल के दौरान अनुष्ठान व्यवस्थित रूप से किया जा सके।</p>
<p><strong>1. पूजा स्थल की सफाई करें</strong></p>
<p>सबसे पहले पूजा स्थल को स्वच्छ करें। मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें और आवश्यक पूजन सामग्री व्यवस्थित कर लें।</p>
<p><strong>2. मां चामुंडा का ध्यान करें</strong></p>
<p>संधिकाल में मां दुर्गा के चामुंडा स्वरूप का स्मरण करते हुए पूजा आरंभ करें। देवी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।</p>
<p><strong>3. पुष्प और भोग अर्पित करें</strong></p>
<p>मां दुर्गा को फूल, अक्षत, फल और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार भोग अर्पित करें। यदि परंपरा में कमल के पुष्प चढ़ाने का विधान है, तो उन्हें भी अर्पित किया जा सकता है।</p>
<p><strong>4. दीपक जलाकर दीपदान करें</strong></p>
<p>धार्मिक परंपरा के अनुसार, मां दुर्गा के समक्ष दीपक प्रज्वलित करें। जहां 108 दीपक जलाने की परंपरा हो, वहां सुरक्षा का ध्यान रखते हुए दीपदान किया जा सकता है।</p>
<p><strong>5. मंत्र जाप और आरती करें</strong></p>
<p>अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार देवी मंत्रों का जाप करें। इसके बाद मां दुर्गा की आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करें।</p>
<p><strong>6. पुष्पांजलि अर्पित करें</strong></p>
<p>पूजा के दौरान मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित करें और जीवन में सुख, शांति, साहस तथा सकारात्मकता बनाए रखने की प्रार्थना करें।</p>
<h2>संधि पूजा के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?</h2>
<p>संधि पूजा का संधिकाल सीमित अवधि का होता है। इसलिए पूजा से पहले ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लेना उचित है।</p>
<ul>
<li>पूजा का समय स्थानीय पंचांग से अवश्य जांच लें।</li>
<li>दीपक, फूल, भोग और अन्य पूजन सामग्री पहले से तैयार रखें।</li>
<li>पूजा के दौरान श्रद्धा और एकाग्रता बनाए रखें।</li>
<li>अपने परिवार की धार्मिक परंपराओं और मंदिर के पुरोहित के मार्गदर्शन का पालन करें।</li>
<li>दीपक जलाते समय आग से सुरक्षा का ध्यान रखें।</li>
<li>मंदिर या दुर्गा पूजा पंडाल में शामिल होने से पहले आयोजन समिति से पूजा का समय जान लें।</li>
</ul>
<h2>आस्था और शक्ति उपासना का विशेष अवसर है संधि पूजा</h2>
<p>संधि पूजा महाष्टमी और महानवमी के संधिकाल में की जाने वाली एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है। मां चामुंडा की आराधना, दीपदान, पुष्पांजलि और मंत्र जाप के माध्यम से श्रद्धालु देवी के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं।</p>
<p>धार्मिक मान्यताओं में यह अनुष्ठान शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। श्रद्धालुओं के लिए संधि पूजा मां दुर्गा के प्रति समर्पण व्यक्त करने और परिवार के कल्याण की कामना करने का विशेष अवसर है।</p>
<p><strong>धार्मिक अस्वीकरण:</strong> इस समाचार में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं और उपलब्ध पंचांग विवरण पर आधारित है। पूजा के मुहूर्त की पुष्टि स्थानीय पंचांग अथवा योग्य पुरोहित से करें। धार्मिक मान्यताओं को आस्था के विषय के रूप में समझें।</p>
<p><strong>डिस्क्लेमर:</strong> यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।</p>
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		<title>मार्को रुबियो के जामनगर दौरे से कारोबारी जगत में हलचल, क्या मस्क-अंबानी की प्रतिस्पर्धा के बीच भारत-अमेरिका के आर्थिक हित होंगे भारी?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Oct 2026 02:14:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भारत]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// जामनगर/नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी के दौरे को लेकर कारोबारी जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की भारत में शुरुआत और मुकेश अंबानी की रिलायंस &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%a6/">मार्को रुबियो के जामनगर दौरे से कारोबारी जगत में हलचल, क्या मस्क-अंबानी की प्रतिस्पर्धा के बीच भारत-अमेरिका के आर्थिक हित होंगे भारी?</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// जामनगर/नई दिल्ली।</strong> </span>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी के दौरे को लेकर कारोबारी जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की भारत में शुरुआत और मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े कारोबारी हितों को लेकर बहस चल रही है। ऐसे में रुबियो के दौरे को भारत-अमेरिका के ऊर्जा सहयोग, व्यापारिक संबंधों और वैश्विक कारोबारी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<figure id="attachment_21854" aria-describedby="caption-attachment-21854" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%a6/img_20261019_074317/" rel="attachment wp-att-21854"><img decoding="async" class="size-medium wp-image-21854" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_074317-300x122.jpg" alt="" width="300" height="122" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_074317-300x122.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_074317-1024x417.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_074317-768x313.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261019_074317.jpg 1080w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-21854" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक एआई तस्वीर</figcaption></figure>
<p>हालांकि, इस दौरे को एलन मस्क की शिकायतों पर अमेरिका की प्रतिक्रिया या मुकेश अंबानी के समर्थन में किसी आधिकारिक फैसले के रूप में देखना फिलहाल उचित नहीं होगा। इसके व्यापक आर्थिक और कूटनीतिक संदर्भों को समझना जरूरी है।</p>
<h2>रिलायंस की रिफाइनरी पर अमेरिकी विदेश मंत्री की नजर, क्यों अहम है जामनगर?</h2>
<p>गुजरात के जामनगर में स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी वैश्विक ऊर्जा उद्योग की प्रमुख औद्योगिक परिसंपत्तियों में शामिल है। पेट्रोलियम शोधन, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।</p>
<p>ऐसे में अमेरिकी विदेश मंत्री के कार्यक्रम में इस औद्योगिक परिसर का दौरा शामिल होना भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को लेकर चर्चा बढ़ाता है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, अमेरिका के टेक्सास में प्रस्तावित नई रिफाइनरी परियोजना में रिलायंस के संभावित निवेश को भी इस घटनाक्रम के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि इस तरह के निवेश और औद्योगिक सहयोग को लेकर ठोस समझौते आगे बढ़ते हैं, तो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है।</p>
<p>हालांकि, किसी परियोजना में निवेश की संभावनाओं और उसके संबंध में हुए अंतिम समझौते के बीच अंतर करना जरूरी है। इसलिए इस दौरे को किसी नए निवेश समझौते की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, जब तक इसकी आधिकारिक जानकारी सामने न आए।</p>
<h2>स्टारलिंक की भारत में शुरुआत को लेकर क्यों आमने-सामने आए मस्क और अंबानी?</h2>
<p>एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक उपग्रहों के माध्यम से इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराती है। भारत में इस सेवा की शुरुआत को लेकर नियामकीय मंजूरियों, सुरक्षा संबंधी शर्तों और स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रही है।</p>
<p>इसी बीच, मस्क और मुकेश अंबानी के कारोबारी हितों को लेकर सार्वजनिक बहस सामने आई। मस्क ने 8 अक्टूबर को सोशल मीडिया मंच एक्स पर सवाल उठाया था कि क्या मुकेश अंबानी भारत के असली बॉस हैं?</p>
<p>मस्क की टिप्पणी को भारत में स्टारलिंक की शुरुआत में हो रही देरी और दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा से जोड़कर देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी स्टारलिंक की भारतीय बाजार में एंट्री में बाधा डाल रहे हैं और मौजूदा कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।</p>
<p>हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में मस्क की ओर से कोई ठोस सार्वजनिक सबूत प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई। इसलिए इन दावों को स्थापित तथ्य के बजाय उनके आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।</p>
<h2>भारत सरकार का रुख: सभी कंपनियों पर लागू होंगे समान नियम</h2>
<p>स्टारलिंक की भारत में शुरुआत का मामला केवल दो बड़े कारोबारियों के बीच प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है। इसमें देश की दूरसंचार नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और उपग्रह संचार सेवाओं के नियमन जैसे महत्वपूर्ण पहलू भी शामिल हैं।</p>
<p>भारत सरकार का रुख रहा है कि सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को निर्धारित नियमों और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। सुरक्षा संबंधी मंजूरियों और स्पेक्ट्रम से जुड़े प्रावधानों सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही सेवाओं का संचालन किया जा सकता है।</p>
<p>इस दृष्टिकोण से देखें तो स्टारलिंक की शुरुआत में होने वाली देरी को केवल किसी एक कारोबारी के प्रभाव या विरोध से जोड़ना उचित नहीं है। इसके लिए संबंधित नियामकीय प्रक्रियाओं और आधिकारिक निर्णयों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।</p>
<h2>क्या अंबानी के पक्ष में जा रहा है अमेरिका का रुख?</h2>
<p>मार्को रुबियो के जामनगर दौरे ने इस सवाल को जन्म दिया है कि क्या भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते आर्थिक हित एलन मस्क और मुकेश अंबानी के बीच कारोबारी प्रतिस्पर्धा से अधिक महत्वपूर्ण साबित होंगे।</p>
<p>एक ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कारोबार करती है, वहीं दूसरी ओर एलन मस्क की कंपनियां अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, उपग्रह इंटरनेट और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में सक्रिय हैं। दोनों कारोबारियों के व्यावसायिक हित अलग-अलग क्षेत्रों में फैले हुए हैं, लेकिन कुछ मामलों में उनके हितों का टकराव भी चर्चा का विषय बनता रहा है।</p>
<p>रुबियो का रिलायंस की रिफाइनरी से जुड़ा दौरा यह रेखांकित करता है कि भारत-अमेरिका के संबंधों में ऊर्जा, निवेश और औद्योगिक सहयोग का व्यापक महत्व है। लेकिन केवल इस दौरे के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि अमेरिकी प्रशासन ने मस्क के मुकाबले अंबानी का पक्ष चुना है।</p>
<p>किसी देश की विदेश नीति और आर्थिक रणनीति आमतौर पर कई क्षेत्रों में उसके दीर्घकालिक हितों पर आधारित होती है। इसलिए किसी एक कारोबारी परियोजना या औद्योगिक दौरे को पूरे द्विपक्षीय संबंधों की दिशा तय करने वाला संकेत मानना जल्दबाजी होगी।</p>
<h2>रिलायंस ने प्रतिस्पर्धा का किया स्वागत, कानूनों के पालन पर जोर</h2>
<p>स्टारलिंक और रिलायंस से जुड़े विवाद के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सैटेलाइट संचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत करने की बात कही है। साथ ही, कंपनी का जोर इस बात पर रहा है कि भारत में कारोबार करने वाली सभी कंपनियों को देश के कानूनों और नियमों का पालन करना चाहिए।</p>
<p>रिलायंस के इस रुख के बाद मस्क की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दिए जाने की बात सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप के बावजूद इस मामले में प्रतिस्पर्धा और नियामकीय व्यवस्था को लेकर संवाद की गुंजाइश बनी हुई है।</p>
<p>हालांकि, सकारात्मक प्रतिक्रियाओं को विवाद के पूरी तरह समाप्त होने या दोनों पक्षों के बीच किसी औपचारिक समझौते का प्रमाण नहीं माना जा सकता।</p>
<h2>भारत-अमेरिका के आर्थिक रिश्ते बन सकते हैं निर्णायक</h2>
<p>भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, औद्योगिक निवेश और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी और अमेरिका में प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं के संदर्भ में होने वाली गतिविधियां इन संबंधों के आर्थिक आयाम को सामने लाती हैं।</p>
<p>यदि दोनों देशों के बीच निवेश और ऊर्जा सहयोग से जुड़े ठोस समझौते आगे बढ़ते हैं, तो इससे उद्योग जगत को नए अवसर मिल सकते हैं। वहीं, उपग्रह इंटरनेट जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा का भविष्य भारत की नियामकीय नीति, कंपनियों की व्यावसायिक रणनीति और आवश्यक मंजूरियों पर निर्भर करेगा।</p>
<p>इसलिए मौजूदा घटनाक्रम को केवल मस्क बनाम अंबानी की लड़ाई के रूप में देखना इसके व्यापक आर्थिक और कूटनीतिक पहलुओं को नजरअंदाज करना होगा।</p>
<h2>बड़ा सवाल: मस्क पर भारी पड़ेंगे अंबानी या आर्थिक हित तय करेंगे आगे की दिशा?</h2>
<p>मार्को रुबियो के जामनगर दौरे ने ऊर्जा कारोबार, अंतरराष्ट्रीय निवेश और स्टारलिंक विवाद को एक साथ चर्चा के केंद्र में ला दिया है। लेकिन इस घटनाक्रम का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में होने वाले आधिकारिक फैसलों, कारोबारी समझौतों और नियामकीय प्रक्रियाओं से ही स्पष्ट होगा।</p>
<p>फिलहाल, यह कहना जल्दबाजी होगी कि मस्क पर अंबानी भारी पड़ रहे हैं या अमेरिकी प्रशासन किसी एक कारोबारी के पक्ष में खड़ा है। अधिक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि भारत अपने नियामकीय ढांचे और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए वैश्विक कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा को किस तरह संचालित करता है और भारत-अमेरिका के आर्थिक संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।</p>
<p>जामनगर का यह घटनाक्रम केवल दो अरबपतियों के बीच प्रतिस्पर्धा की कहानी नहीं है, बल्कि ऊर्जा कारोबार, तकनीकी क्षेत्र, विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों के आपसी जुड़ाव को भी सामने लाता है। आने वाले दिनों में आधिकारिक घोषणाएं और ठोस कारोबारी फैसले ही इस पूरे मामले की वास्तविक दिशा स्पष्ट करेंगे।</p>
<p><strong>अस्वीकरण:</strong> यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।</p>
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		<title>छत्तीसगढ़ पुलिस की रीढ़ को आखिर कब मिलेगा हक? वर्षों से प्रमोशन की राह देख रहे पुलिसकर्मियों की पीड़ा कौन सुनेगा?</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 Oct 2026 06:57:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[संपादकीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>विशेष विचार आलेख &#124; छत्तीसगढ़ वे त्योहारों में ड्यूटी करते हैं, जबकि दुनिया अपने परिवार के साथ खुशियां मनाती है। वे विपत्ति में सबसे आगे खड़े होते हैं, जबकि दूसरे लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की कोशिश करते हैं। वे दिन-रात समाज की सुरक्षा में जुटे रहते हैं, लेकिन जब बात उनके अपने अधिकार, सम्मान &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95/">छत्तीसगढ़ पुलिस की रीढ़ को आखिर कब मिलेगा हक? वर्षों से प्रमोशन की राह देख रहे पुलिसकर्मियों की पीड़ा कौन सुनेगा?</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>विशेष विचार आलेख | छत्तीसगढ़</strong></span></h3>
<p><strong>वे त्योहारों में ड्यूटी करते हैं, जबकि दुनिया अपने परिवार के साथ खुशियां मनाती है। वे विपत्ति में सबसे आगे खड़े होते हैं, जबकि दूसरे लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की कोशिश करते हैं। वे दिन-रात समाज की सुरक्षा में जुटे रहते हैं, लेकिन जब बात उनके अपने अधिकार, सम्मान और समय पर पदोन्नति की आती है, तो वर्षों का इंतजार उनकी नियति बन जाता है। आखिर छत्तीसगढ़ पुलिस के इन कर्मठ जवानों की पीड़ा कौन सुनेगा?</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बने लगभग 26 वर्ष हो चुके हैं। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध यह राज्य विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। यहां उद्योग, खनिज, कृषि, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में विकास की अनेक संभावनाएं हैं। राज्य की प्रगति में शासन-प्रशासन के साथ-साथ उन हजारों कर्मचारियों का भी योगदान है, जो दिन-रात अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए व्यवस्था को सुचारु बनाए रखते हैं।</p>
<figure id="attachment_21840" aria-describedby="caption-attachment-21840" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95/img_20261018_121517/" rel="attachment wp-att-21840"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21840" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_121517-300x130.jpg" alt="" width="300" height="130" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_121517-300x130.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_121517-1024x444.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_121517-768x333.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_121517.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-21840" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक एआई तस्वीर</figcaption></figure>
<p>लेकिन आज सवाल छत्तीसगढ़ के एक ऐसे विभाग का है, जिसके बिना समाज में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और शांति की कल्पना करना भी कठिन है।</p>
<p>यह सवाल है पुलिस विभाग का।</p>
<p>और पुलिस विभाग के भीतर उस वर्ग का, जिसे वास्तव में इस व्यवस्था की रीढ़ कहा जा सकता है।</p>
<p>यह वर्ग है आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, उपनिरीक्षक और निरीक्षक स्तर के उन पुलिसकर्मियों का, जो प्रत्यक्ष रूप से जनता के बीच रहकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम करने और शासन की व्यवस्थाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p><strong>विडंबना यह है कि जिन कंधों पर व्यवस्था का इतना बड़ा भार है, उन्हीं कंधों को अपनी पदोन्नति के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है।</strong></p>
<h3><strong>जब पूरा परिवार त्योहार मनाता है, तब पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात रहता है</strong></h3>
<p>दीपावली हो, होली हो, नवरात्र हो, दुर्गा विसर्जन हो, धार्मिक आयोजन हों या राष्ट्रीय पर्व—आम नागरिक अपने परिवार के साथ खुशियां मनाने की तैयारी करता है। घरों में पकवान बनते हैं, बच्चे नए कपड़े पहनते हैं और परिवार एक साथ समय बिताता है।</p>
<p>लेकिन उसी समय पुलिसकर्मी की ड्यूटी सड़क पर, चौक-चौराहों पर, भीड़ के बीच या किसी संवेदनशील स्थान पर लगी होती है।</p>
<p>किसी के घर में शादी हो, बच्चे का जन्मदिन हो, परिवार में कोई विशेष अवसर हो या किसी अपने को उसकी जरूरत हो, पुलिसकर्मी के लिए सबसे पहले उसका कर्तव्य सामने खड़ा होता है।</p>
<p>गर्मी की तपती दोपहर हो, बरसात का मौसम हो या हाड़ कंपाने वाली ठंड—कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों को हर परिस्थिति में अपनी ड्यूटी करनी पड़ती है।</p>
<p>कई बार उन्हें लगातार लंबे समय तक काम करना पड़ता है। आपातकालीन परिस्थितियों, दुर्घटनाओं, विवादों और बड़े आयोजनों के दौरान उनकी जिम्मेदारियां और भी बढ़ जाती हैं।</p>
<p>जब समाज किसी संकट में होता है, तब पुलिसकर्मी अक्सर सबसे पहले मौके पर पहुंचने वालों में शामिल होते हैं। दंगे, हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं, अपराध और प्राकृतिक आपदाएं—ऐसी अनेक परिस्थितियों में उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना मोर्चा संभालना पड़ता है।</p>
<figure id="attachment_21841" aria-describedby="caption-attachment-21841" style="width: 201px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95/img_20261018_122558/" rel="attachment wp-att-21841"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21841" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_122558-201x300.jpg" alt="" width="201" height="300" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_122558-201x300.jpg 201w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_122558-686x1024.jpg 686w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_122558-768x1146.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_122558-1029x1536.jpg 1029w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261018_122558.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 201px) 100vw, 201px" /></a><figcaption id="caption-attachment-21841" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक एआई तस्वीर</figcaption></figure>
<p>उनके कर्तव्य का महत्व केवल वर्दी तक सीमित नहीं है। वह आम नागरिक के उस भरोसे का हिस्सा है, जिसके कारण कोई व्यक्ति संकट में पुलिस से सहायता की उम्मीद करता है।</p>
<p><strong>लेकिन एक सवाल यह भी है कि जो पुलिसकर्मी दूसरों के परिवारों की सुरक्षा के लिए अपने परिवार से दूर रहता है, उसके अपने परिवार की चिंताओं और अपेक्षाओं को समझने की जिम्मेदारी किसकी है?</strong></p>
<h3><strong>पुलिस विभाग की असली ताकत उसके मैदानी कर्मचारी हैं</strong></h3>
<p>पुलिस व्यवस्था में पुलिस महानिदेशक से लेकर पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक तक विभिन्न पदों पर अधिकारी कार्य करते हैं। इन अधिकारियों की प्रशासनिक भूमिका और जिम्मेदारियां भी महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p>लेकिन पुलिस व्यवस्था का वास्तविक क्रियान्वयन बड़ी सीमा तक उन कर्मचारियों के परिश्रम पर निर्भर करता है, जो सीधे मैदान में उतरकर काम करते हैं।</p>
<p>आरक्षक अपराध की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचता है। प्रधान आरक्षक थाने और मैदानी व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है। सहायक उपनिरीक्षक, उपनिरीक्षक और निरीक्षक जांच, कानून-व्यवस्था तथा अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>ये कर्मचारी ही योजनाओं और निर्देशों को धरातल पर लागू करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।</p>
<p>किसी अधिकारी की प्रशासनिक योजना तभी प्रभावी परिणाम दे सकती है, जब उसे लागू करने वाला मैदानी अमला पर्याप्त रूप से सक्षम, प्रशिक्षित, प्रेरित और मनोबल से भरा हुआ हो।</p>
<p>इसलिए पुलिस विभाग की मजबूती केवल भवनों, वाहनों, आधुनिक हथियारों और तकनीक से नहीं मापी जा सकती। इसकी वास्तविक मजबूती उन कर्मचारियों के मनोबल से भी तय होती है, जो दिन-रात जनता की सुरक्षा में जुटे रहते हैं।</p>
<p><strong>पुलिस की वर्दी पर लगा बैज पद की पहचान जरूर बताता है, लेकिन उस वर्दी के भीतर धड़कते दिल की उम्मीदें भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।</strong></p>
<h3><strong>आखिर पदोन्नति के लिए वर्षों का इंतजार क्यों?</strong></h3>
<p>आज पुलिसकर्मियों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सवाल समय पर पदोन्नति का है।</p>
<p>पुलिस विभाग में आरक्षक से प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक और आगे के पदों तक पहुंचने की प्रक्रिया संबंधित सेवा नियमों, पात्रता, रिक्त पदों और अन्य निर्धारित शर्तों पर निर्भर करती है।</p>
<p>लेकिन जब किसी कर्मचारी को अपनी पात्रता के बावजूद पदोन्नति के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, तो उसके मन में निराशा पैदा होना स्वाभाविक है।</p>
<p>कल्पना कीजिए उस कर्मचारी की, जिसने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष वर्दी पहनकर जनता की सुरक्षा में लगा दिए। उसने कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी की, परिवार से दूर रहा, जिम्मेदारियां निभाईं और हर परिस्थिति में अनुशासन का पालन किया।</p>
<p>वह उम्मीद करता है कि उसकी सेवा, अनुभव और पात्रता के अनुरूप उसे समय पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>लेकिन यदि वर्षों तक पदोन्नति नहीं होती, तो उसके मन में कई सवाल उठने लगते हैं।</p>
<p>क्या उसकी मेहनत का कोई मूल्य नहीं?</p>
<p>क्या उसके अनुभव का कोई महत्व नहीं?</p>
<p>क्या उसके जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष केवल इंतजार में बीत जाने चाहिए?</p>
<p>क्या उसे अपने पूरे सेवाकाल में बेहतर पद और उससे जुड़ी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर नहीं मिलना चाहिए?</p>
<p>ऐसी स्थिति में यह भी देखने की आवश्यकता है कि कहीं पदों की कमी, रिक्तियों का समय पर निर्धारण न होना, विभागीय पदोन्नति समितियों की प्रक्रिया में देरी, वरिष्ठता संबंधी विवाद या अन्य प्रशासनिक कारण कर्मचारियों की पदोन्नति में बाधा तो नहीं बन रहे हैं।</p>
<p>इन सवालों का जवाब तथ्यों और विभागीय अभिलेखों के आधार पर सामने आना चाहिए।</p>
<p><strong>यदि कोई कर्मचारी अपनी पात्रता पूरी करने के बाद भी लंबे समय तक पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहा है, तो उसकी समस्या का समयबद्ध समाधान केवल प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि उसके मनोबल से जुड़ा विषय भी है।</strong></p>
<h3><strong>एक तरफ पदोन्नति की प्रक्रिया, दूसरी तरफ वर्षों का इंतजार</strong></h3>
<p>पुलिस विभाग में विभिन्न स्तरों पर पदोन्नति की प्रक्रिया अलग-अलग सेवा नियमों और पात्रता मानदंडों के अनुसार संचालित होती है। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों के पदोन्नति समय की तुलना करते समय संबंधित नियमों, पदों की उपलब्धता और सेवा संरचना को ध्यान में रखना आवश्यक है।</p>
<p>फिर भी मैदानी कर्मचारियों के मन में यदि यह भावना पैदा हो रही है कि उनके करियर की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो रही, तो इस भावना को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।</p>
<p>किसी भी विभाग में कर्मचारियों को यह विश्वास होना चाहिए कि उनकी सेवा, अनुभव, योग्यता और पात्रता का उचित मूल्यांकन होगा।</p>
<p>यदि एक कर्मचारी अपने सेवाकाल का लंबा हिस्सा एक ही पद पर गुजार देता है, तो उसके आर्थिक भविष्य, सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यावसायिक संतुष्टि पर भी इसका असर पड़ सकता है।</p>
<p>समय पर पदोन्नति केवल पदनाम बदलने का विषय नहीं है। इससे कर्मचारी की जिम्मेदारी, कार्यक्षेत्र, अनुभव के उपयोग और आर्थिक स्थिति पर भी प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p>इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि पुलिस विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जाए, लंबित मामलों की पहचान हो और पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार समय पर अवसर देने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।</p>
<p><strong>सवाल किसी अधिकारी की पदोन्नति का विरोध करने का नहीं है। सवाल यह है कि जिस व्यवस्था में अधिकारियों की जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हैं, उसी व्यवस्था में मैदानी कर्मचारियों के करियर की प्रगति भी उतनी ही गंभीरता से क्यों न सुनिश्चित की जाए?</strong></p>
<h3><strong>अनुशासन में बंधे हैं, इसलिए अपनी पीड़ा भी खुलकर नहीं कह पाते</strong></h3>
<p>पुलिसकर्मियों की स्थिति का एक संवेदनशील पहलू उनका अनुशासन है।</p>
<p>पुलिस विभाग एक अनुशासित बल है। यहां सेवा के दौरान निर्धारित नियमों, आदेशों और आचरण का पालन करना अनिवार्य होता है। यही अनुशासन पुलिस व्यवस्था की पहचान और कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण आधार है।</p>
<p>अन्य क्षेत्रों में कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में संगठित होकर आंदोलन, धरना या हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं। लेकिन पुलिसकर्मियों के लिए सेवा नियमों और अनुशासन संबंधी प्रतिबंधों के कारण ऐसे विकल्प समान रूप से उपलब्ध नहीं होते।</p>
<p>इसका अर्थ यह नहीं कि पुलिसकर्मियों के पास अपनी समस्याएं उठाने का कोई रास्ता नहीं है। विभागीय आवेदन, प्रतिनिधित्व, कर्मचारी कल्याण से जुड़े मंच और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाएं उनकी समस्याएं सामने रखने के महत्वपूर्ण माध्यम हो सकते हैं।</p>
<p>लेकिन यहां एक गंभीर प्रश्न उठता है।</p>
<p>जब कोई कर्मचारी अनुशासन के कारण अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हट सकता, जब वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए ही अपनी समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा करता है, तब क्या शासन और विभाग की यह जिम्मेदारी नहीं बनती कि उसकी आवाज सुनने के लिए प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए?</p>
<p><strong>जो कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरकर व्यवस्था को बाधित नहीं कर सकता, उसकी समस्याएं भी अनसुनी नहीं रहनी चाहिए।</strong></p>
<p>उसकी चुप्पी को उसकी सहमति नहीं समझा जाना चाहिए।</p>
<p>उसके अनुशासन को उसकी समस्याओं की अनदेखी करने का कारण नहीं बनाया जाना चाहिए।</p>
<p>उसका कर्तव्य के प्रति समर्पण इस बात का प्रमाण नहीं है कि उसे किसी सहायता, सम्मान या सुविधा की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p>वह भी इंसान है। उसका भी परिवार है। उसकी भी उम्मीदें हैं। उसके बच्चों का भी भविष्य है।</p>
<p>और उसकी भी यह इच्छा स्वाभाविक है कि जिस विभाग के लिए वह अपना जीवन समर्पित कर रहा है, वह विभाग भी उसके भविष्य के बारे में गंभीरता से सोचे।</p>
<h3><strong>नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों के योगदान को कैसे भुलाया जा सकता है?</strong></h3>
<p>छत्तीसगढ़ ने लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती का सामना किया है। विशेष रूप से बस्तर संभाग और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाए हैं।</p>
<p>इन अभियानों में अनेक पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कई जवानों ने अपना जीवन तक बलिदान किया है। अनेक कर्मचारी ऐसे क्षेत्रों में तैनात रहे हैं, जहां परिवार से दूरी, कठिन भौगोलिक परिस्थितियां और सुरक्षा संबंधी खतरे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा रहे हैं।</p>
<p>नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों, सुरक्षा बलों के समन्वय, खुफिया तंत्र, प्रशासनिक प्रयासों और स्थानीय स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।</p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा सहित संबंधित नेतृत्व ने नक्सलवाद के उन्मूलन को लेकर प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इस दिशा में हुई प्रगति का मूल्यांकन आधिकारिक आंकड़ों और सुरक्षा संबंधी तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।</p>
<p>लेकिन एक बात निर्विवाद रूप से महत्वपूर्ण है—किसी भी सुरक्षा अभियान की सफलता उसके मैदान में कार्य करने वाले जवानों और कर्मचारियों के योगदान के बिना संभव नहीं है।</p>
<p>ऐसे में इन कर्मचारियों की सेवा, त्याग और कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनके कल्याण, करियर प्रगति और मनोबल को मजबूत करने के प्रयास भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p><strong>जो जवान राज्य की सुरक्षा के लिए जोखिम उठाता है, उसके भविष्य की सुरक्षा और सम्मान के विषय में भी गंभीरता से विचार होना चाहिए।</strong></p>
<h3><strong>पुलिसकर्मी केवल वेतन नहीं, अपने काम का सम्मान भी चाहता है</strong></h3>
<p>यह मानना गलत होगा कि पुलिसकर्मियों की सभी अपेक्षाएं केवल वेतन वृद्धि या पदोन्नति तक सीमित हैं।</p>
<p>निश्चित रूप से बेहतर वेतन, सेवा संबंधी सुविधाएं और समय पर पदोन्नति उनके जीवन को प्रभावित करते हैं। लेकिन इनके साथ एक और महत्वपूर्ण अपेक्षा जुड़ी होती है—सम्मान।</p>
<p>हर कर्मचारी चाहता है कि उसके काम को पहचाना जाए। उसकी मेहनत का उचित मूल्यांकन हो। उसे यह महसूस हो कि उसकी सेवाएं विभाग और सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p>जब किसी कर्मचारी को यह विश्वास होता है कि उसकी मेहनत का उचित मूल्यांकन हो रहा है, तो उसके भीतर जिम्मेदारी और समर्पण की भावना और मजबूत हो सकती है।</p>
<p>इसके विपरीत, यदि लंबे समय तक प्रयासों के बावजूद उसे अपनी करियर प्रगति के बारे में स्पष्टता नहीं मिलती, तो निराशा पैदा होने की आशंका रहती है।</p>
<p>पुलिस जैसे संवेदनशील विभाग में कर्मचारियों का मनोबल केवल उनका व्यक्तिगत विषय नहीं है। इसका संबंध कार्यक्षमता, जनता के साथ व्यवहार, सेवा की गुणवत्ता और पूरी व्यवस्था से है।</p>
<p>इसलिए पुलिसकर्मियों की समस्याओं पर विचार करना किसी एक कर्मचारी पर उपकार करना नहीं, बल्कि विभाग को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में कदम उठाना है।</p>
<h3><strong>गृह मंत्री विजय शर्मा और पुलिस नेतृत्व से कुछ सीधे सवाल</strong></h3>
<p>छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष पुलिसकर्मियों की पदोन्नति और सेवा संबंधी समस्याओं पर कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न रखे जाने चाहिए।</p>
<p><strong>1. क्या पुलिस विभाग में पदोन्नति के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी?</strong></p>
<p>यह पता लगाया जाना चाहिए कि आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, उपनिरीक्षक और निरीक्षक स्तर पर कितने पदोन्नति प्रकरण लंबित हैं और उनके लंबित रहने के प्रमुख कारण क्या हैं।</p>
<p><strong>2. क्या पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जा सकती है?</strong></p>
<p>यदि विभागीय प्रक्रिया, रिक्तियों या प्रशासनिक कारणों से देरी हो रही है, तो उन्हें दूर करने के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने पर विचार किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>3. क्या लंबे समय से एक ही पद पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के मामलों की विशेष समीक्षा होगी?</strong></p>
<p>ऐसे कर्मचारियों की स्थिति का परीक्षण किया जाना चाहिए, जिन्होंने लंबे सेवाकाल के बावजूद अपेक्षित पदोन्नति प्राप्त नहीं की है।</p>
<p><strong>4. क्या पुलिसकर्मियों को अपनी सेवा संबंधी समस्याएं रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी?</strong></p>
<p>एक ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें कर्मचारी अपनी समस्याएं उचित माध्यम से प्रस्तुत कर सकें और उन्हें उनकी शिकायतों की स्थिति तथा समाधान के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।</p>
<p><strong>5. क्या पुलिसकर्मियों के परिवारों और कल्याण से जुड़े विषयों को भी प्राथमिकता दी जाएगी?</strong></p>
<p>लंबी ड्यूटी, परिवार से दूरी, तनावपूर्ण परिस्थितियों और करियर संबंधी अनिश्चितताओं के बीच कर्मचारियों के कल्याण पर ध्यान देना भी आवश्यक है।</p>
<p>ये सवाल किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं हैं। ये एक ऐसी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की अपेक्षा हैं, जिस पर राज्य की कानून-व्यवस्था का महत्वपूर्ण दायित्व है।</p>
<h3><strong>सरकार के लिए यह केवल प्रशासनिक विषय नहीं, संवेदनशीलता की कसौटी भी है</strong></h3>
<p>लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल नियमों के आधार पर ही नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी किया जाना चाहिए।</p>
<p>नियम आवश्यक हैं। पात्रता आवश्यक है। रिक्त पदों की उपलब्धता और प्रशासनिक प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p>लेकिन इन सबके बीच यह देखना भी जरूरी है कि क्या कोई कर्मचारी ऐसी देरी का सामना कर रहा है, जिसे समय पर निर्णय लेकर दूर किया जा सकता है?</p>
<p>क्या विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाया जा सकता है?</p>
<p>क्या पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को यह बताया जा सकता है कि उनके प्रकरण की स्थिति क्या है?</p>
<p>क्या लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के लिए कोई प्रभावी तंत्र बनाया जा सकता है?</p>
<p>इन सवालों पर ठोस पहल पुलिसकर्मियों के भीतर यह विश्वास मजबूत कर सकती है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।</p>
<p>सरकार यदि इन विषयों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करती है, तो इसका सकारात्मक संदेश पूरे पुलिस विभाग तक पहुंचेगा।</p>
<p>यह संदेश होगा कि कर्तव्य निभाने वाला कर्मचारी अकेला नहीं है। उसकी समस्याएं भी सरकार और विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।</p>
<h3><strong>एक आरक्षक की खामोश उम्मीद को समझिए</strong></h3>
<p>जरा उस आरक्षक के बारे में सोचिए, जिसने अपने सेवाकाल की शुरुआत बड़े सपनों के साथ की होगी।</p>
<p>उसने सोचा होगा कि नौकरी के साथ परिवार का भविष्य सुरक्षित होगा। समय के साथ अनुभव बढ़ेगा, जिम्मेदारियां बढ़ेंगी और पात्रता के अनुसार पदोन्नति के अवसर मिलेंगे।</p>
<p>उसने कठिन ड्यूटी की। परिवार से दूर रहा। त्योहारों पर घर नहीं पहुंच पाया। विपरीत परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन किया।</p>
<p>उसके बच्चे बड़े हो रहे हैं। परिवार की जरूरतें बढ़ रही हैं। माता-पिता की उम्र बढ़ रही है। घर की जिम्मेदारियां भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।</p>
<p>ऐसे में यदि वह कर्मचारी अपनी पदोन्नति की प्रतीक्षा में वर्षों गुजार देता है, तो उसकी पीड़ा को केवल एक सरकारी फाइल का विषय मानकर नहीं देखा जाना चाहिए।</p>
<p>उसकी उम्मीद शायद बहुत बड़ी नहीं है।</p>
<p>वह यह नहीं कहता कि नियम उसके लिए बदल दिए जाएं।</p>
<p>वह यह भी नहीं चाहता कि किसी दूसरे कर्मचारी का अधिकार छीनकर उसे दे दिया जाए।</p>
<p>वह केवल इतना चाहता है कि उसकी पात्रता के अनुरूप उसके मामले पर समय पर निर्णय हो। यदि वह पदोन्नति का पात्र है, तो उसे नियमानुसार अवसर मिले। यदि कोई बाधा है, तो उसे स्पष्ट रूप से बताया जाए। यदि कोई समाधान संभव है, तो उसके लिए ईमानदार प्रयास किए जाएं।</p>
<p><strong>किसी कर्मचारी के लिए इससे बड़ी संतुष्टि क्या होगी कि वह अपने परिवार के सामने गर्व से कह सके—मैंने अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदारी रखी और मेरे विभाग ने भी मेरे भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।</strong></p>
<h3><strong>पुलिस की रीढ़ को मजबूत करना है, तो उसकी पीड़ा भी सुननी होगी</strong></h3>
<p>छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस विभाग के सामने यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि वे मैदानी पुलिसकर्मियों की पदोन्नति और सेवा संबंधी समस्याओं की व्यापक समीक्षा करें।</p>
<p>पदोन्नति के लंबित मामलों का विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। पात्र कर्मचारियों की वरिष्ठता और रिक्तियों के आधार पर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के प्रयास किए जा सकते हैं। जहां प्रशासनिक देरी हो रही है, वहां जिम्मेदारी तय कर समयबद्ध समाधान की व्यवस्था की जा सकती है।</p>
<p>साथ ही, पुलिसकर्मियों की सेवा शर्तों, कार्य के घंटों, अवकाश, परिवार कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।</p>
<p>इन कदमों से न केवल कर्मचारियों को राहत मिल सकती है, बल्कि पुलिस विभाग के भीतर विश्वास और कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी मजबूती मिल सकती है।</p>
<p>यह समझना होगा कि पुलिस विभाग की रीढ़ को मजबूत करना केवल एक नारा नहीं है। इसके लिए उन कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को पहचानना और उनका समाधान करना आवश्यक है, जो रोजमर्रा की चुनौतियों के बीच व्यवस्था को चलाते हैं।</p>
<h3><strong>अंतिम सवाल: जो दूसरों को न्याय दिलाता है, क्या उसे अपने विभाग में न्यायपूर्ण अवसर मिल रहे हैं?</strong></h3>
<p>यह लेख किसी अधिकारी के अधिकारों को कम करने या किसी पद के महत्व को घटाने के लिए नहीं है।</p>
<p>हर पद की अपनी जिम्मेदारी है। हर अधिकारी और कर्मचारी का अपना महत्व है। पुलिस व्यवस्था तभी प्रभावी होती है, जब सभी स्तरों पर कार्य करने वाले लोग एक-दूसरे के सहयोग से अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।</p>
<p>लेकिन इस सहयोग को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है कि निचले स्तर से लेकर सर्वोच्च स्तर तक प्रत्येक कर्मचारी को यह विश्वास हो कि उसकी मेहनत, अनुभव और पात्रता का उचित मूल्यांकन किया जाएगा।</p>
<p>यदि कोई आरक्षक वर्षों तक पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहा है, तो उसकी स्थिति की समीक्षा होनी चाहिए।</p>
<p>यदि किसी प्रधान आरक्षक या सहायक उपनिरीक्षक का प्रकरण लंबे समय से लंबित है, तो उसके कारण सामने आने चाहिए।</p>
<p>यदि पदोन्नति प्रक्रिया में कोई संरचनात्मक समस्या है, तो उसका समाधान खोजा जाना चाहिए।</p>
<p>और यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही के कारण पात्र कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं, तो उसे दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।</p>
<p>छत्तीसगढ़ सरकार, गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से यही अपेक्षा है कि वे इस विषय को केवल सेवा संबंधी औपचारिकता मानकर न देखें, बल्कि इसे कर्मचारियों के सम्मान, मनोबल और विभाग की दीर्घकालीन मजबूती से जोड़कर विचार करें।</p>
<p><strong>क्योंकि वर्दी पहनने वाला हर जवान केवल एक कर्मचारी नहीं होता। वह किसी का बेटा है, किसी का पति है, किसी का पिता है और किसी परिवार की उम्मीद है।</strong></p>
<p>वह समाज को सुरक्षित रखने के लिए अपने जीवन के अनगिनत घंटे समर्पित करता है। ऐसे में उसकी यह उम्मीद बिल्कुल स्वाभाविक है कि उसकी सेवा का सम्मान हो, उसके भविष्य को लेकर स्पष्टता हो और उसकी पात्रता के अनुसार उसे आगे बढ़ने का अवसर मिले।</p>
<p>उसे किसी विशेष कृपा की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p>उसे चाहिए नियमों के अनुरूप न्यायपूर्ण अवसर, समय पर निर्णय और उसके समर्पण का सम्मान।</p>
<p><strong>सरकार से बस इतनी-सी अपेक्षा है—पुलिस की इस रीढ़ को और मजबूत बनाइए। उनकी समस्याएं सुनिए। पदोन्नति के लंबित मामलों की समीक्षा कीजिए। पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार समय पर आगे बढ़ने का अवसर दीजिए।</strong></p>
<p>क्योंकि जिस दिन पुलिसकर्मी यह महसूस करेगा कि उसका विभाग और उसकी सरकार उसके भविष्य की भी उतनी ही चिंता करते हैं, जितनी उससे समाज की सुरक्षा की अपेक्षा रखते हैं, उस दिन उसका मनोबल और मजबूत होगा।</p>
<p>और जब पुलिसकर्मी का मनोबल मजबूत होगा, तो पुलिस विभाग मजबूत होगा। पुलिस विभाग मजबूत होगा, तो कानून-व्यवस्था और जनविश्वास को भी मजबूती मिलेगी।</p>
<p><strong>आखिर में सरकार और पुलिस नेतृत्व से एक ही विनम्र अपील है—इन कर्मचारियों की खामोशी को उनकी जरूरतों का अभाव मत समझिए। वे अनुशासन के कारण अपना कर्तव्य निभाते हुए प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनकी इस प्रतीक्षा को यथासंभव न्यायपूर्ण और समयबद्ध निर्णय में बदलिए।</strong></p>
<p><strong>पुलिस की रीढ़ को सम्मान दीजिए, उसके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम उठाइए और उसके मन में यह विश्वास जगाइए कि राज्य की सुरक्षा के लिए समर्पित रहने वालों की चिंता करने वाला तंत्र भी उतना ही सजग है।</strong></p>
<p>यही पुलिसकर्मियों के प्रति सच्चा सम्मान होगा। यही उनके मनोबल को मजबूत करने की दिशा में सार्थक पहल होगी। और यही एक संवेदनशील, जवाबदेह तथा मजबूत पुलिस व्यवस्था की पहचान बनेगी।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>संपादकीय टिप्पणी:</strong> </span>यह लेख लेखक के निजी विचारों एवं विश्लेषण पर आधारित जनहितपरक विचार-आलेख है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ पुलिसकर्मियों की पदोन्नति, सेवा संबंधी समस्याओं और कल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक एवं रचनात्मक विमर्श को प्रोत्साहित करना है। लेख में किसी व्यक्ति, अधिकारी या संस्था के विरुद्ध व्यक्तिगत आरोप लगाने का उद्देश्य नहीं है। तथ्यात्मक विषयों में सुधार या स्पष्टीकरण की आवश्यकता होने पर संबंधित पक्ष का पक्ष लेकर उचित संशोधन किया जा सकता है।<br />
लेखक: निलेश तिवारी<br />
प्रस्तुति: संपादकीय एवं विचार आलेख</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>‘कॉकरोचों को यहां से हटाओ, सब कुछ चौपट कर दिया!’ बुजुर्ग महिला की नाराजगी का दावा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Oct 2026 16:10:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके विरोध प्रदर्शनों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। इसी बीच पटरी पर दुकान लगाकर अपनी आजीविका चलाने वाली एक बुजुर्ग महिला का कथित वीडियो चर्चा में है। वीडियो के साथ साझा किए जा रहे संदेश में दावा किया जा रहा &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// नई दिल्ली।</strong> </span>सोशल मीडिया पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके विरोध प्रदर्शनों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। इसी बीच पटरी पर दुकान लगाकर अपनी आजीविका चलाने वाली एक बुजुर्ग महिला का कथित वीडियो चर्चा में है। वीडियो के साथ साझा किए जा रहे संदेश में दावा किया जा रहा है कि महिला प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों से परेशान हैं और उन्हें वहां से हटाने की मांग कर रही हैं।</p>
<figure id="attachment_21833" aria-describedby="caption-attachment-21833" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%af%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%93/img_20261017_213821/" rel="attachment wp-att-21833"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21833" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_213821-300x159.jpg" alt="" width="300" height="159" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_213821-300x159.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_213821-1024x542.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_213821-768x407.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_213821.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-21833" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक एआई तस्वीर</figcaption></figure>
<p>हालांकि, संबंधित वीडियो की वास्तविक जगह, तारीख और महिला के बयान के पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में वीडियो में किए जा रहे दावों को पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।</p>
<h3>क्या है पूरा मामला?</h3>
<p>कॉकरोच जनता पार्टी का नाम वर्ष 2026 में उस समय चर्चा में आया, जब सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान युवाओं को लेकर की गई कॉकरोच संबंधी टिप्पणी के विरोध में सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू हुआ। इसके बाद इस नाम से जुड़े अभियान और विरोध प्रदर्शनों की गतिविधियां सामने आईं।</p>
<p>मई 2026 में इस अभियान को लेकर सड़क पर प्रदर्शन और नागरिक समस्याओं के मुद्दे भी चर्चा में रहे। बाद में दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर इससे जुड़े विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आईं।</p>
<h3>आजीविका और सार्वजनिक स्थानों का सवाल</h3>
<p>पटरी पर दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले छोटे दुकानदारों के लिए रोजाना की बिक्री बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में किसी भी सार्वजनिक आयोजन, प्रदर्शन या भीड़ के कारण यदि कारोबार प्रभावित होता है, तो इसका असर उनकी आजीविका पर पड़ सकता है।</p>
<p>हालांकि, संबंधित बुजुर्ग महिला की दुकान को वास्तव में कितना नुकसान हुआ, प्रदर्शनकारी इसके लिए जिम्मेदार थे या नहीं और महिला ने किस संदर्भ में नाराजगी जताई—इन सवालों की पुष्टि के लिए मूल वीडियो और संबंधित स्थान की जानकारी आवश्यक है।</p>
<p><strong>नोट:</strong> इन खबरों में संबंधित बुजुर्ग महिला के वायरल बयान की पुष्टि नहीं की गई है। इन्हें कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े व्यापक घटनाक्रम की पृष्ठभूमि समझने के लिए शामिल किया गया है।</p>
<p>यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।</p>
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		<item>
		<title>विराट कोहली से केएल राहुल तक: इन भारतीय क्रिकेटरों ने बॉलीवुड अभिनेत्रियों से रचाई शादी, जानिए चर्चित जोड़ियों की कहानी</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%8f%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%b2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Oct 2026 16:00:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// मनोरंजन समाचार। भारतीय क्रिकेट और बॉलीवुड का रिश्ता हमेशा से लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा है। क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले कई भारतीय खिलाड़ियों ने फिल्मी दुनिया की चर्चित अभिनेत्रियों को अपना जीवनसाथी चुना। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा से लेकर केएल राहुल और अथिया शेट्टी &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// मनोरंजन समाचार।</strong> </span>भारतीय क्रिकेट और बॉलीवुड का रिश्ता हमेशा से लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा है। क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले कई भारतीय खिलाड़ियों ने फिल्मी दुनिया की चर्चित अभिनेत्रियों को अपना जीवनसाथी चुना। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा से लेकर केएल राहुल और अथिया शेट्टी तक, इन जोड़ियों की प्रेम कहानियां लंबे समय तक सुर्खियों में रही हैं। कुछ जोड़ियों की मुलाकात विज्ञापन की शूटिंग के दौरान हुई, जबकि कुछ की नजदीकियां आपसी मित्रों के जरिए बढ़ीं। आइए जानते हैं भारतीय क्रिकेटरों और बॉलीवुड अभिनेत्रियों की ऐसी ही चर्चित जोड़ियों के बारे में।</p>
<figure id="attachment_21828" aria-describedby="caption-attachment-21828" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%8f%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%b2/img_20261017_212935/" rel="attachment wp-att-21828"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21828" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_212935-300x133.jpg" alt="" width="300" height="133" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_212935-300x133.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_212935-1024x455.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_212935-768x341.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_212935.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-21828" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक एआई तस्वीर</figcaption></figure>
<h2>1. विराट कोहली और अनुष्का शर्मा</h2>
<p>भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा देश की सबसे चर्चित जोड़ियों में शामिल हैं। दोनों की मुलाकात वर्ष 2013 में एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई।</p>
<p>करीब चार साल तक एक-दूसरे को जानने और समझने के बाद दोनों ने 11 दिसंबर 2017 को इटली के टस्कनी में एक निजी समारोह में शादी कर ली। इस शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों को खूब बधाइयां मिलीं।</p>
<p>अनुष्का शर्मा ने &#8216;रब ने बना दी जोड़ी&#8217;, &#8216;पीके&#8217; और &#8216;सुल्तान&#8217; जैसी फिल्मों में काम किया है। वहीं, विराट कोहली अपनी बल्लेबाजी और शानदार उपलब्धियों के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। इस जोड़ी के घर वर्ष 2021 में बेटी वामिका और वर्ष 2024 में बेटे अकाय का जन्म हुआ।</p>
<h2>2. केएल राहुल और अथिया शेट्टी</h2>
<p>भारतीय क्रिकेटर केएल राहुल और अभिनेत्री अथिया शेट्टी की जोड़ी भी काफी चर्चित रही है। दोनों की मुलाकात वर्ष 2019 में एक साझा मित्र के माध्यम से हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उनका रिश्ता चर्चा में आने लगा।</p>
<p>लंबे समय तक अपने रिश्ते को निजी रखने के बाद दोनों ने 23 जनवरी 2023 को शादी कर ली। विवाह समारोह अथिया के पिता और अभिनेता सुनील शेट्टी के खंडाला स्थित फार्महाउस में आयोजित किया गया था।</p>
<p>अथिया शेट्टी ने &#8216;हीरो&#8217;, &#8216;मुबारकां&#8217; और &#8216;मोतीचूर चकनाचूर&#8217; जैसी फिल्मों में काम किया है। वहीं, केएल राहुल भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख बल्लेबाजों और विकेटकीपरों में शामिल रहे हैं। मार्च 2025 में इस जोड़ी के घर बेटी इवारा का जन्म हुआ।</p>
<h2>3. हरभजन सिंह और गीता बसरा</h2>
<p>भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह और अभिनेत्री गीता बसरा की प्रेम कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। दोनों के रिश्ते की शुरुआत दोस्ती से हुई थी, जिसके बाद उनकी नजदीकियां बढ़ती गईं।</p>
<p>हरभजन सिंह ने अक्टूबर 2015 में जालंधर में गीता बसरा के साथ शादी की। विवाह समारोह में क्रिकेट और मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोग शामिल हुए थे।</p>
<p>गीता बसरा &#8216;द ट्रेन&#8217; जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। शादी के बाद दोनों ने पारिवारिक जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2016 में उनकी बेटी हिनाया और वर्ष 2021 में बेटे जोवन का जन्म हुआ।</p>
<h2>4. युवराज सिंह और हेजल कीच</h2>
<p>भारतीय क्रिकेट के पूर्व धाकड़ ऑलराउंडर युवराज सिंह और अभिनेत्री हेजल कीच की जोड़ी भी काफी लोकप्रिय है। युवराज सिंह ने वर्ष 2007 के टी-20 विश्व कप और वर्ष 2011 के एकदिवसीय विश्व कप में भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।</p>
<p>युवराज और हेजल की मुलाकात एक मित्र की पार्टी में हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती रही, लेकिन बाद में उनका रिश्ता प्यार में बदल गया। नवंबर 2015 में दोनों ने सगाई की और वर्ष 2016 में शादी कर ली।</p>
<p>हेजल कीच सलमान खान की फिल्म &#8216;बॉडीगार्ड&#8217; में नजर आई थीं। शादी के बाद दोनों अपने पारिवारिक जीवन में व्यस्त हैं। उनके बेटे ओरियन का जन्म वर्ष 2022 और बेटी ऑरा का जन्म वर्ष 2023 में हुआ।</p>
<h2>5. जहीर खान और सागरिका घाटगे</h2>
<p>भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान और अभिनेत्री सागरिका घाटगे की जोड़ी भी क्रिकेट और बॉलीवुड के चर्चित रिश्तों में शामिल है।</p>
<p>सागरिका घाटगे को शाहरुख खान की फिल्म &#8216;चक दे! इंडिया&#8217; में प्रीति सबरवाल की भूमिका निभाने के बाद विशेष पहचान मिली थी। जहीर खान और सागरिका की मुलाकात साझा मित्रों के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों करीब आए और अपने रिश्ते को विवाह तक पहुंचाया।</p>
<p>दोनों ने 23 नवंबर 2017 को शादी की। इस जोड़ी ने क्रिकेट और मनोरंजन जगत के प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया। जहीर खान भारतीय क्रिकेट के सफल तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं, जबकि सागरिका अपनी अभिनय प्रतिभा के लिए जानी जाती हैं।</p>
<h2>6. मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर</h2>
<p>भारतीय क्रिकेट और हिंदी सिनेमा के ऐतिहासिक रिश्तों की बात हो तो पूर्व भारतीय कप्तान मंसूर अली खान पटौदी और दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।</p>
<p>मंसूर अली खान पटौदी भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे चर्चित कप्तानों में शामिल रहे। दूसरी ओर, शर्मिला टैगोर ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। दोनों ने 27 दिसंबर 1968 को शादी की थी।</p>
<p>यह जोड़ी उस दौर में काफी चर्चा में रही, जब क्रिकेट और फिल्मी दुनिया के लोगों के बीच विवाह आज की तरह आम चर्चा का विषय नहीं हुआ करता था।</p>
<p>दोनों के तीन बच्चे हैं—सैफ अली खान, सबा अली खान और सोहा अली खान। मंसूर अली खान पटौदी का वर्ष 2011 में निधन हो गया था, जबकि शर्मिला टैगोर भारतीय सिनेमा की प्रतिष्ठित अभिनेत्रियों में शामिल हैं।</p>
<h2>7. मोहम्मद अजहरुद्दीन और संगीता बिजलानी</h2>
<p>भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन और अभिनेत्री संगीता बिजलानी का रिश्ता भी लंबे समय तक सुर्खियों में रहा।</p>
<p>संगीता बिजलानी ने मॉडलिंग और अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाई थी। वह पूर्व मिस इंडिया भी रह चुकी हैं। मोहम्मद अजहरुद्दीन और संगीता बिजलानी ने वर्ष 1996 में शादी की थी। यह अजहरुद्दीन का दूसरा विवाह था।</p>
<p>दोनों का वैवाहिक जीवन लगभग 14 वर्षों तक चला। वर्ष 2010 में दोनों अलग हो गए। हालांकि, उनका रिश्ता क्रिकेट और फिल्मी दुनिया की चर्चित जोड़ियों में आज भी गिना जाता है।</p>
<h2>क्रिकेट और बॉलीवुड की जोड़ियां क्यों रहती हैं चर्चा में?</h2>
<p>क्रिकेट और बॉलीवुड भारत में लोकप्रियता के दो बड़े क्षेत्र हैं। जब इन दोनों दुनिया की जानी-मानी हस्तियां एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला करती हैं, तो प्रशंसकों की दिलचस्पी स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है।</p>
<p>विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की जोड़ी हो या केएल राहुल और अथिया शेट्टी का रिश्ता, इन जोड़ियों ने अपनी उपलब्धियों और निजी जीवन के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। वहीं, मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर जैसे जोड़ों ने इस रिश्ते को कई दशक पुराना इतिहास दिया है।</p>
<p>इन चर्चित जोड़ियों की कहानियां बताती हैं कि खेल और मनोरंजन की दुनिया में व्यस्त जीवन के बावजूद आपसी समझ, विश्वास और साथ का महत्व बना रहता है।</p>
<p><strong>यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।</strong></p>
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		<title>भक्ति राग जांजगीर में भजनों की बही बयार, माता के जयकारों से देर रात तक गूंजता रहा शहर</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%9c%e0%a4%a8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Oct 2026 14:44:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जांजगीर-चांपा]]></category>
		<category><![CDATA[स्थानीय समाचार / शहर की खबरें]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// जांजगीर। सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव के संकल्प के साथ जनहित के कार्यों में जुटे हरि लीला ट्रस्ट का भव्य आयोजन ‘भक्ति राग जांजगीर—एक शाम मां के नाम’ शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। नगर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%9c%e0%a4%a8/">भक्ति राग जांजगीर में भजनों की बही बयार, माता के जयकारों से देर रात तक गूंजता रहा शहर</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// जांजगीर।</strong> </span>सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव के संकल्प के साथ जनहित के कार्यों में जुटे हरि लीला ट्रस्ट का भव्य आयोजन ‘भक्ति राग जांजगीर—एक शाम मां के नाम’ शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। नगर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में झूमते रहे। माता के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा।<a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%9c%e0%a4%a8/img_20261017_201407/" rel="attachment wp-att-21822"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21822 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_201407-300x150.jpg" alt="" width="300" height="150" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_201407-300x150.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_201407-1024x512.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_201407-768x384.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_201407.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a></p>
<p>हरि लीला ट्रस्ट के अध्यक्ष लीलाधर सुल्तानिया के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक सहभागिता और प्रतिभा सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन में शामिल जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने ट्रस्ट द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।</p>
<h2>केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि हुए शामिल</h2>
<p>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू सपरिवार शामिल हुए। इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद कमलेश जांगड़े, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप, जिला भाजपा अध्यक्ष अंबेश जांगड़े, पूर्व सांसद कमला पाटले, नगर पालिका अध्यक्ष रेखा देवांगन गढ़ेवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजीनियर सत्यलता आनंद मिरी, जनपद पंचायत नवागढ़ अध्यक्ष कांता मनमोहन कश्यप, जिला पंचायत सदस्य गगन जयपुरिया, चांपा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप नामदेव और इंजीनियर रवि पांडेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</p>
<p>अतिथियों की उपस्थिति में आयोजन ने धार्मिक और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भागीदारी और भजन प्रस्तुतियों के प्रति उत्साह देखते ही बना।</p>
<h2>अतिथियों ने की हरि लीला ट्रस्ट के जनहितकारी कार्यों की सराहना</h2>
<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने हरि लीला ट्रस्ट द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ समाज में सेवा, सहयोग और समरसता की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं।</p>
<p>उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।</p>
<p>सांसद कमलेश जांगड़े ने भी ट्रस्ट की सामाजिक गतिविधियों और जनहितकारी कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हरि लीला ट्रस्ट अपने कार्यों और आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बना रहा है, जो पूरे अंचल के लिए गर्व का विषय है।</p>
<p>वहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, विधायक व्यास कश्यप और जिला भाजपा अध्यक्ष अंबेश जांगड़े ने भी ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की सराहना की।</p>
<h2>शिक्षा से स्वास्थ्य तक, सेवा को बनाया ट्रस्ट ने अपना संकल्प</h2>
<p>हरि लीला ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाते हैं। इसके साथ ही दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र और व्हीलचेयर उपलब्ध कराने जैसी सहायता गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं।</p>
<p>जरूरतमंद परिवारों की सहायता, गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग, अन्न सेवा, बुजुर्गों की मदद, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण जैसी गतिविधियां भी ट्रस्ट के सेवा कार्यों का हिस्सा हैं।</p>
<p>कोरोना महामारी के दौरान भी ट्रस्ट ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, चिकित्सा उपकरणों और दवाइयों के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता की थी। आपदा के समय राहत पहुंचाने और समाज के कमजोर वर्गों तक सहयोग पहुंचाने के प्रयासों के जरिए ट्रस्ट जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता रहा है।</p>
<p>शिक्षा के क्षेत्र में मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के साथ प्रेरक वक्ताओं के कार्यक्रम और ‘सफलता संकल्प उत्सव’ जैसे आयोजन भी किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को ‘प्रेरणा सम्मान’ से सम्मानित करने की पहल भी ट्रस्ट की गतिविधियों में शामिल है।</p>
<h2>टॉप-10 में स्थान बनाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को मिला सम्मान</h2>
<p>कार्यक्रम का महत्वपूर्ण आकर्षण छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्रावीण्य सूची में टॉप-10 स्थान प्राप्त करने वाले जिले के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान रहा। हरि लीला ट्रस्ट ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें 21-21 हजार रुपये के चेक, स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र प्रदान किए।</p>
<p>सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाली सरस्वती शिशु मंदिर, चांपा की छात्रा खुशबू देवांगन तथा कक्षा 10वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विवेकानंद उत्तर माध्यमिक विद्यालय, जांजगीर के छात्र नैतिक गौतम और लोकेश राठौर शामिल रहे।</p>
<p>अतिथियों ने विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ट्रस्ट की इस पहल को शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।</p>
<p>इस सम्मान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को पहचान देना तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना समाज के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास है।</p>
<h2>“समाज से जो मिलता है, उसे लौटाना ही जनसेवा”</h2>
<p>हरि लीला ट्रस्ट के अध्यक्ष लीलाधर सुल्तानिया ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं, अतिथियों और सहयोगियों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि समाज से हमें जो मिलता है, उसे वापस समाज को लौटाना ही जनसेवा है। उन्होंने जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को आगे भी निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।</p>
<p>ट्रस्ट सचिव अमर सुल्तानिया ने ट्रस्ट की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए जिलेवासियों को हरि लीला ट्रस्ट परिवार का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए संकल्पित है।</p>
<p>उन्होंने लोगों से ट्रस्ट के साथ जुड़कर क्षेत्र के जरूरतमंदों की सेवा और सामाजिक विकास के कार्यों में सहभागी बनने की अपील भी की।</p>
<h2>जन्मदिन की खुशियों के साथ दिया सेवा और सद्भाव का संदेश</h2>
<p>कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट अध्यक्ष लीलाधर सुल्तानिया का जन्मदिन अतिथियों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में केक काटकर मनाया गया। इस अवसर पर उत्साह और आत्मीयता का माहौल रहा।</p>
<p>वहीं, 15 अक्टूबर को जन्मदिन होने के उपलक्ष्य में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी ट्रस्ट के आमंत्रण पर केक काटा। आयोजन में जन्मदिन की खुशियों के साथ सामाजिक सहभागिता, सहयोग और जनसेवा का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया।</p>
<p>कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि व्यक्तिगत खुशियों को सामाजिक सहभागिता और जनकल्याण से जोड़कर उन्हें और अधिक सार्थक बनाया जा सकता है।</p>
<h2>शहनाज अख्तर की प्रस्तुतियों पर देर रात तक झूमते रहे श्रद्धालु</h2>
<p>‘भक्ति राग जांजगीर—एक शाम मां के नाम’ का सबसे आकर्षक हिस्सा सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर की भक्तिमय प्रस्तुतियां रहीं। उनके भजनों ने पूरे आयोजन को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।</p>
<p>माता के भजनों और जयकारों के बीच श्रद्धालु उत्साहपूर्वक झूमते रहे। देर रात तक चले कार्यक्रम में भक्तिमय वातावरण बना रहा और पूरा हाई स्कूल मैदान माता की आराधना में डूबा नजर आया।</p>
<p>आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक सहभागिता और सामाजिक एकजुटता की भी झलक देखने को मिली। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।</p>
<h2>हितेश यादव ने किया मंच संचालन, प्रकाश शर्मा ने जताया आभार</h2>
<p>कार्यक्रम का संचालन हितेश यादव ने किया, जबकि प्रकाश शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया। आयोजन को सफल बनाने में हरि लीला ट्रस्ट परिवार के सदस्यों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</p>
<p>आयोजन में आशीष सुल्तानिया, अभिषेक सुल्तानिया, आलोक सुल्तानिया, अभिनव सुल्तानिया, मनीष तिवारी, हितेश यादव, धर्मेंद्र राणा, सुधीर झाझड़िया, मुकेश भोपालपुरिया, जितेंद्र खांडे, साकेत तिवारी, सुनील पांडेय, वृंदावन सिंह, वीरेंद्र सिंह, विवेक सिंह, जितेंद्र तिवारी, भूपेंद्र साहू, रामेश्वर पटेल, संतोष राठौर, रमेश सोनवानी, मणिकांत अग्रवाल, पुष्पेंद्र निर्मलकर, आशीष गोयल, प्रवीण अग्रवाल, बृजेश अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, विवेक मित्तल, विक्रांत अग्रवाल, आकाश सिंघानिया, अंकित अग्रवाल, अखिल बंसल, पियुष सराफ, तपन अग्रवाल, हिमांशु अग्रवाल, विवेक सुल्तानिया, आर्यन, संस्कार, संदीप पांडेय, राजेंद्र साहू, अविनाश द्विवेदी, हितेश साहू, डिगेश मनहर, सोनू यादव, सागर राठौर, कमल राठौर, अंशु राठौर, कुलदीप, गोलू दुबे, पिकू राठौर, बादल बजाज, गजेंद्र कर्ष, प्रदीप राठौर और रवि पांडेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का योगदान रहा।</p>
<p><strong>‘भक्ति राग जांजगीर’ के माध्यम से हरि लीला ट्रस्ट ने धार्मिक आस्था, प्रतिभा सम्मान और जनसेवा के संकल्प को एक मंच पर प्रस्तुत किया। भजनों की गूंज और माता के जयकारों के बीच संपन्न हुआ यह आयोजन नगर में भक्ति और सामाजिक सहभागिता की यादगार छाप छोड़ गया।</strong></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%9c%e0%a4%a8/">भक्ति राग जांजगीर में भजनों की बही बयार, माता के जयकारों से देर रात तक गूंजता रहा शहर</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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		<title>माँ दुर्गा के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, नैला में आस्था का महाकुंभ; यातायात व्यवस्था संभाल रही पुलिस और नगरवासियों के जज्बे को सलाम</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a4%a1%e0%a4%bc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Oct 2026 14:32:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जांजगीर-चांपा]]></category>
		<category><![CDATA[स्थानीय समाचार / शहर की खबरें]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर नैला स्टेशन रोड स्थित अग्रेश्वर भवन के सामने विराजित माँ दुर्गा की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। भव्य पंडाल, आकर्षक विद्युत सज्जा और मनमोहक रोशनी से सजे माता के दरबार में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// जांजगीर-चांपा।</strong> </span>शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर नैला स्टेशन रोड स्थित अग्रेश्वर भवन के सामने विराजित माँ दुर्गा की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। भव्य पंडाल, आकर्षक विद्युत सज्जा और मनमोहक रोशनी से सजे माता के दरबार में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग माता के दर्शन करने और भव्य पंडाल की सुंदरता निहारने पहुंच रहे हैं। पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।<a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a4%a1%e0%a4%bc/img_20261017_195642/" rel="attachment wp-att-21814"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21814 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195642-300x158.jpg" alt="" width="300" height="158" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195642-300x158.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195642-1024x539.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195642-768x404.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195642.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a></p>
<p>माता के दरबार की भव्यता और आकर्षक साज-सज्जा लोगों को अपनी ओर खींच रही है। श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही के कारण आयोजन स्थल और आसपास के मार्गों पर काफी चहल-पहल देखने को मिल रही है। रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों और श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही बनी हुई है। माता के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और भक्ति इस आयोजन को विशेष बना रही है।</p>
<h2>भव्य पंडाल और आकर्षक रोशनी ने बढ़ाई आयोजन की शोभा</h2>
<p>नैला स्टेशन रोड पर स्थापित माँ दुर्गा की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के मन को मोह रही है। आकर्षक पंडाल और मनमोहक विद्युत सज्जा ने पूरे परिसर को विशेष स्वरूप प्रदान किया है। माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु आयोजन की भव्यता देखकर अभिभूत नजर आ रहे हैं।<a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a4%a1%e0%a4%bc/img_20261017_195131/" rel="attachment wp-att-21813"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21813 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195131-227x300.jpg" alt="" width="227" height="300" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195131-227x300.jpg 227w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195131-774x1024.jpg 774w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195131-768x1015.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195131.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 227px) 100vw, 227px" /></a></p>
<p>नवरात्रि के इस पावन अवसर पर लोगों की अटूट श्रद्धा और भक्ति देखते ही बन रही है। बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में माता के दरबार में पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता का भी अनुपम उदाहरण बनकर उभरा है।</p>
<h2>भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था संभाल रही जांजगीर-चांपा पुलिस</h2>
<p>इतने बड़े धार्मिक आयोजन के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही, वाहनों का दबाव और प्रमुख मार्गों पर बढ़ती भीड़ के बीच जांजगीर-चांपा पुलिस की भूमिका सराहनीय नजर आ रही है।</p>
<p>अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार के नेतृत्व और यातायात विभाग की सक्रियता से व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। यातायात पुलिस के जवानों के साथ थाने से तैनात पुलिस बल भी भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन में जुटा हुआ है।</p>
<p>श्रद्धालुओं की सुरक्षा, वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने और भीड़ के दबाव के बीच मार्गों को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। देर रात तक ड्यूटी पर तैनात रहकर व्यवस्था संभालना उनके कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण को दर्शाता है।</p>
<blockquote>
<h3><strong>सड़क पर उतरकर यातायात व्यवस्था संभाल रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार</strong></h3>
<p><strong>मैदानी नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की मिसाल पेश कर रहे एएसपी उदयन बेहार</strong></p>
<p>नवरात्रि में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मैदानी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सड़क पर उतरकर व्यवस्था की निगरानी करना, पुलिस बल के साथ समन्वय बनाना और यातायात नियंत्रण के प्रयासों का नेतृत्व करना उनकी कार्यशैली को दर्शाता है। दिन से लेकर देर रात तक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की सक्रियता और अधिकारियों की निगरानी महत्वपूर्ण है। <strong>भीड़ के बीच सड़क पर मौजूद रहकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में जुटे एएसपी उदयन बेहार की भूमिका सराहनीय है।</strong> उनका सक्रिय नेतृत्व पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के साथ ही आमजन की सुविधा और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है।</p></blockquote>
<figure id="attachment_21815" aria-describedby="caption-attachment-21815" style="width: 225px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a4%a1%e0%a4%bc/img_20261017_195736/" rel="attachment wp-att-21815"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21815" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195736-225x300.jpg" alt="" width="225" height="300" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195736-225x300.jpg 225w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195736-768x1024.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195736-1152x1536.jpg 1152w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261017_195736.jpg 1500w" sizes="auto, (max-width: 225px) 100vw, 225px" /></a><figcaption id="caption-attachment-21815" class="wp-caption-text">यातयात व्यवस्था संभालते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार</figcaption></figure>
<h2>कचहरी चौक के राजा की युवा टोली भी निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका</h2>
<p>इस आयोजन की एक विशेष बात यह भी है कि व्यवस्था संभालने में केवल पुलिस प्रशासन ही नहीं, बल्कि नगर के युवा भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कचहरी चौक के राजा समूह के सदस्य पुलिस जवानों और अधिकारियों के मार्गदर्शन में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं।</p>
<p>युवाओं का यह निस्वार्थ सहयोग दर्शाता है कि जब समाज के लोग किसी आयोजन को अपना मानकर आगे आते हैं, तब बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना भी सामूहिक प्रयासों से किया जा सकता है।</p>
<p>पुलिस और युवाओं के बीच बेहतर समन्वय सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक सहभागिता की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। यह सहयोग अन्य सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए भी प्रेरणादायक है।</p>
<h2>जब पूरा नगर बन जाता है आयोजन का सहभागी</h2>
<p>नैला में आयोजित यह धार्मिक उत्सव केवल किसी एक समिति या क्षेत्र तक सीमित नजर नहीं आता, बल्कि इसमें पूरे नगर की सहभागिता दिखाई दे रही है। श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ पहुंच रहे हैं, युवा व्यवस्था में हाथ बंटा रहे हैं और पुलिस प्रशासन सुरक्षा एवं यातायात की जिम्मेदारी निभा रहा है।</p>
<p>इस तरह का सामूहिक समर्पण सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। धार्मिक आयोजन तब और भी विशेष बन जाते हैं, जब उनमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित होती है।</p>
<p>यह आयोजन संदेश देता है कि पर्व और उत्सव केवल धार्मिक परंपराओं के निर्वहन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी सहयोग बढ़ाने और सामूहिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करने का अवसर भी प्रदान करते हैं।</p>
<h2>जांजगीर-चांपा की पहचान को नई ऊंचाई देता आयोजन</h2>
<p>माँ दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह, पंडाल की भव्यता, नगरवासियों का सहयोग और पुलिस प्रशासन की सक्रियता इस आयोजन को विशेष बना रहे हैं।</p>
<p>इस अवसर पर पुलिस की मैदानी सक्रियता, यातायात पुलिस के जवानों, ड्यूटी पर तैनात अन्य पुलिसकर्मियों और व्यवस्था में सहयोग कर रहे युवाओं के प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए।</p>
<p>किसी भी बड़े आयोजन की सफलता का वास्तविक आधार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात, अनुशासन और सभी के प्रति सहयोग की भावना होती है। ऐसे में पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।</p>
<p>नैला का यह आयोजन जांजगीर-चांपा जिले की धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और सामूहिक सहभागिता को प्रदर्शित कर रहा है। माँ दुर्गा के प्रति श्रद्धा और सेवा भाव से जुड़ा यह उत्सव नगरवासियों के लिए गौरव का विषय है।</p>
<p><strong>संदेश स्पष्ट है—जब आस्था के साथ प्रशासनिक तत्परता, पुलिस का समर्पण, युवाओं का उत्साह और नागरिकों का सहयोग जुड़ता है, तब कोई भी आयोजन केवल उत्सव नहीं रहता, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल बन जाता है।</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>छत्तीसगढ़ में राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अधिकारियों के तबादले, जांजगीर-चांपा को मिले नए अधिकारी</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 16:27:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT // रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नवीन पदस्थापना का आदेश जारी किया है। 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में विभिन्न जिलों और विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में जांजगीर-चांपा जिले को भी नए &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6/">छत्तीसगढ़ में राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अधिकारियों के तबादले, जांजगीर-चांपा को मिले नए अधिकारी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT // रायपुर।</strong> </span>छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नवीन पदस्थापना का आदेश जारी किया है। 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में विभिन्न जिलों और विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में जांजगीर-चांपा जिले को भी नए अधिकारी मिले हैं।</p>
<figure id="attachment_21804" aria-describedby="caption-attachment-21804" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6/img_20261016_215707/" rel="attachment wp-att-21804"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21804" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_215707-300x123.jpg" alt="" width="300" height="123" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_215707-300x123.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_215707-1024x421.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_215707-768x316.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_215707.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a><figcaption id="caption-attachment-21804" class="wp-caption-text">प्रतीकात्मक एआई तस्वीर</figcaption></figure>
<h3>जांजगीर-चांपा जिले में इन अधिकारियों की पदस्थापना</h3>
<p>जारी आदेश के अनुसार, जिले में प्रशासनिक फेरबदल के तहत तीन अधिकारियों की पदस्थापना से जुड़े प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं।</p>
<ul>
<li><strong>वीरेंद्र लकड़ा</strong> – अपर कलेक्टर, नारायणपुर से अपर कलेक्टर, जांजगीर-चांपा।</li>
<li><strong>राजकुमार तम्बोली </strong>–  अपर कलेक्टर, नारायणपुर से यथावत अपर कलेक्टर, जांजगीर-चांपा।</li>
<li><strong>श्रीमती ओम विकास टंडन</strong> – डिप्टी कलेक्टर, उत्तर बस्तर कांकेर से डिप्टी कलेक्टर, जांजगीर-चांपा।</li>
<li><strong>ऋचा सिंह</strong> – मंत्रालय, नवा रायपुर से डिप्टी कलेक्टर, जांजगीर-चांपा</li>
</ul>
<h3>प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव</h3>
<p>राज्य शासन द्वारा जारी इस आदेश के तहत विभिन्न जिलों और विभागों में अधिकारियों की पदस्थापना बदली गई है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों का संचालन और विभागीय जिम्मेदारियों का पुनर्निर्धारण है।</p>
<p>देखिए जारी आदेश&#8230;</p>
<p><a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6/img_20261016_214425/" rel="attachment wp-att-21803"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21803 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_214425-187x300.jpg" alt="" width="187" height="300" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_214425-187x300.jpg 187w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_214425-637x1024.jpg 637w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_214425-768x1234.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_214425.jpg 804w" sizes="auto, (max-width: 187px) 100vw, 187px" /></a></p>
<p><strong>यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।</strong></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6/">छत्तीसगढ़ में राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अधिकारियों के तबादले, जांजगीर-चांपा को मिले नए अधिकारी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
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		<item>
		<title>एशियन गेम्स के कांस्य पदक विजेता अनिमेष कुजूर से मिले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कहा- पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात</title>
		<link>https://www.ntnreport.in/%e0%a4%8f%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nilesh Tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 16:09:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NTN REPORT// रायपुर, 16 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्राम घुईटांगर निवासी एथलीट अनिमेष कुजूर ने एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की। शुक्रवार शाम राजधानी &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%8f%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a4%95/">एशियन गेम्स के कांस्य पदक विजेता अनिमेष कुजूर से मिले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कहा- पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.ntnreport.in">NTN REPORT</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NTN REPORT// रायपुर, 16 अक्टूबर 2026।</strong> </span>छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्राम घुईटांगर निवासी एथलीट अनिमेष कुजूर ने एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की। शुक्रवार शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अनिमेष कुजूर ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी खेल यात्रा, प्रशिक्षण और एशियन गेम्स में प्रदर्शन को लेकर चर्चा की।<a href="https://www.ntnreport.in/%e0%a4%8f%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a4%95/img_20261016_213902/" rel="attachment wp-att-21798"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-21798 aligncenter" src="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_213902-300x143.jpg" alt="" width="300" height="143" srcset="https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_213902-300x143.jpg 300w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_213902-1024x489.jpg 1024w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_213902-768x367.jpg 768w, https://www.ntnreport.in/wp-content/uploads/2026/10/IMG_20261016_213902.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जशपुर की माटी के बेटे अनिमेष कुजूर ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर शानदार प्रदर्शन कर पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन में पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है। भारतीय टीम द्वारा इस स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार करना उनकी सफलता को और भी खास बनाता है।</p>
<h2>अनिमेष की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत</h2>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष कुजूर की उपलब्धि प्रदेश के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना यह साबित करता है कि प्रतिभा को उचित अवसर, बेहतर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिले तो ग्रामीण अंचलों के युवा भी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बस्तर से सरगुजा और जशपुर तक जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। आवश्यकता है कि उनकी प्रतिभा की समय रहते पहचान की जाए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धियां नई पीढ़ी में यह विश्वास जगाती हैं कि अनुशासन, निरंतर परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।</p>
<h2>खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं देने पर जोर</h2>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि खेलों का विकास युवाओं के सर्वांगीण विकास से जुड़ा हुआ है। प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के साथ खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएंगे।</p>
<h2>मुख्यमंत्री ने दी आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं</h2>
<p>मुलाकात के दौरान अनिमेष कुजूर ने मुख्यमंत्री के साथ अपने खेल अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी समर्पण, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहें तथा भविष्य में भी देश के लिए पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाएं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता को प्रदेश में विकसित हो रही खेल संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां अन्य युवाओं को भी खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।</p>
<h2>जशपुर के छोटे से गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे अनिमेष</h2>
<p>अनिमेष कुजूर मूल रूप से छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घुईटांगर के निवासी हैं। उन्होंने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की 4×100 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक हासिल किया।</p>
<p>इस स्पर्धा में भारतीय टीम ने 41.06 सेकंड का समय दर्ज किया और राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार किया। अनिमेष की इस उपलब्धि ने जशपुर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।</p>
<p>ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले अनिमेष कुजूर की सफलता प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।</p>
<h2>परिवार और खेल विभाग के अधिकारी रहे उपस्थित</h2>
<p>मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित इस सौजन्य मुलाकात के दौरान अनिमेष कुजूर के पिता अमृत कुजूर, माता रीना कुजूर सहित एथलेटिक्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा खेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>
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