शनि की उल्टी चाल से बढ़ सकती हैं 3 राशियों की मुश्किलें, साढ़ेसाती के बीच रहना होगा सावधान!
NTN REPORT// नई दिल्ली। ज्योतिष गणना के अनुसार आने वाला समय कुछ राशि के जातकों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि शनि देव 27 जुलाई को मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) होंगे। शनि की यह वक्री अवस्था 11 दिसंबर तक रहेगी। ज्योतिषविदों के अनुसार शनि की वक्री चाल का प्रभाव खास तौर पर उन राशियों पर अधिक पड़ सकता है, जिन पर पहले से ही शनि की साढ़ेसाती चल रही है।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनि की उल्टी चाल मेष, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए कठिनाइयां बढ़ा सकती है। इन राशियों को इस दौरान धैर्य, अनुशासन और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मेष राशि: कामकाज में आ सकती हैं रुकावटें
मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। शनि की वक्री चाल के दौरान कार्यक्षेत्र में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। नौकरी या व्यापार में काम का दबाव बढ़ सकता है और सहकर्मियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है।
पहले से तय योजनाओं में बाधाएं आने की आशंका जताई गई है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है। वैवाहिक जीवन में भी कुछ परेशानियां आ सकती हैं। ऐसे समय में जल्दबाजी से बचते हुए संयम बनाए रखना जरूरी बताया गया है।
कुंभ राशि: आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह
कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान आर्थिक फैसलों में सावधानी बरतनी चाहिए। निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी गई है।
करियर के क्षेत्र में भी चुनौतियां आ सकती हैं। काम में एकाग्रता की कमी परेशानी बढ़ा सकती है। परिवार और रिश्तों में तालमेल बनाए रखने पर ध्यान देना होगा।
मीन राशि: साढ़ेसाती के दूसरे चरण में बढ़ सकती हैं चुनौतियां
मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है, जिसे ज्योतिष में सबसे प्रभावशाली चरण माना जाता है। शनि की वक्री चाल के दौरान नौकरी, व्यापार और व्यक्तिगत जीवन में बाधाएं आने की संभावना जताई गई है।
लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों में अपेक्षित सफलता मिलने में देरी हो सकती है। मानसिक तनाव, बेचैनी और रिश्तों में दूरी जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
शनि की वक्री चाल में करें ये उपाय
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यदि शनि की वक्री चाल से परेशानी महसूस हो तो शनिवार के दिन कुछ उपाय किए जा सकते हैं।
- शनिवार को “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का तीन माला जाप करें।
- शनिवार शाम पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- पीपल की सात बार परिक्रमा करें।
- जीवन में धैर्य और अनुशासन बनाए रखें।
डिस्क्लेमर: यह समाचार ज्योतिषीय मान्यताओं और विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। इन उपायों को आस्था और परंपरा के रूप में देखा जाना चाहिए।
“यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।”