पांच दिनों में चार बच्चों को दिया जन्म, बिना ऑपरेशन हाई रिस्क डिलीवरी कर डॉक्टरों ने रचा इतिहास!
मुरादाबाद के टीएमयू अस्पताल में हुआ दुर्लभ मामला, मां और चारों नवजात डॉक्टरों की निगरानी में
NTN REPORT// महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) अस्पताल में एक बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मेडिकल केस ने सभी को हैरान कर दिया। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के असमोली क्षेत्र की रहने वाली 31 वर्षीय अमीना ने पांच दिनों के भीतर चार बच्चों को जन्म दिया। खास बात यह रही कि यह पूरा प्रसव बिना किसी सिजेरियन ऑपरेशन के सामान्य डिलीवरी के जरिए सफलतापूर्वक कराया गया।

अमीना ने 9 मई से 14 मई 2026 के बीच दो बेटों और दो बेटियों को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार यह मामला मेडिकल साइंस की दृष्टि से अत्यंत जटिल और हाई रिस्क श्रेणी में था, क्योंकि गर्भ में चार भ्रूण पल रहे थे और मां को ब्लड प्रेशर तथा लीवर से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी थीं।
9 मई को हुआ पहला प्रसव, पांच दिन बाद जन्मे बाकी तीन बच्चे
जानकारी के मुताबिक, अमीना को 8 मई को प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। इसके बाद 9 मई को उन्होंने अपने पहले बेटे को जन्म दिया, जिसका वजन लगभग 710 ग्राम था। उस समय गर्भावस्था करीब साढ़े छह से सात महीने की थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने बाकी बच्चों की डिलीवरी को नियंत्रित करते हुए मां और गर्भस्थ शिशुओं की लगातार निगरानी शुरू कर दी।
करीब पांच दिनों तक स्थिति सामान्य बनी रही, लेकिन 14 मई को अमीना को दोबारा प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद उन्होंने एक बेटे और दो बेटियों को जन्म दिया। इस तरह पांच दिनों के अंतराल में चार बच्चों का जन्म हुआ, जिसे डॉक्टर बेहद दुर्लभ घटना मान रहे हैं।
फीटल रिडक्शन की दी गई थी सलाह
डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में चार भ्रूण होने के कारण शुरुआती चरण में परिवार को फीटल रिडक्शन की सलाह दी गई थी, ताकि गर्भावस्था का जोखिम कम किया जा सके। हालांकि परिवार ने इस प्रक्रिया से इंकार कर दिया। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने पूरे मामले को अत्यंत सावधानी और विशेष निगरानी में संभाला।
अलग-अलग थैली में पल रहे थे चारों भ्रूण
डॉक्टरों के अनुसार इस केस की सबसे अनोखी बात यह थी कि चारों बच्चे गर्भाशय के भीतर अलग-अलग सेपरेट सैक (थैली) में सुरक्षित पल रहे थे। इससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई थी।
विशेषज्ञ टीम में डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, डॉ. पूर्ति, डॉ. रोली और डॉ. मोनिका शामिल थीं, जिन्होंने पल-पल की निगरानी करते हुए बिना ऑपरेशन के चारों बच्चों का सुरक्षित प्रसव कराया।
परिवार ने जताया आभार
बच्चों के पिता मोहम्मद आलिम, जो किराना स्टोर संचालक हैं, तथा उनकी बहन इमराना परवीन ने अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त किया है। परिवार ने कहा कि डॉक्टरों की मेहनत और समर्पण की वजह से मां और चारों बच्चों की जान सुरक्षित रह सकी।
अस्पताल प्रशासन ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
अस्पताल प्रशासन ने इस सफल प्रसव को आधुनिक चिकित्सा प्रबंधन, समर्पित उपचार और बेहतरीन टीमवर्क का उदाहरण बताया है। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे मामलों में मां और बच्चों की जान पर लगातार खतरा बना रहता है। फिलहाल मां और चारों नवजातों को विशेष निगरानी में रखा गया है और उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।