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कोर्ट ने सोना तस्करी मामले में गिरफ्तार एक्ट्रेस रान्या राव के खिलाफ मीडिया को अपमानजनक बयान देने से रोका

NTN REPORT// बेंगलुरु कोर्ट ने एकपक्षीय अस्थायी निषेधाज्ञा पारित की, जिसमें मीडिया को सोना तस्करी मामले में गिरफ्तार हर्षवर्दिनी रान्या राव के खिलाफ कोई भी बयान देने, बोलने, लिखने, प्रकाशित करने, प्रसारित करने, प्रसारण करने या मानहानिकारक आरोप लगाने से रोका गया।

फाइल फोटो

अदालत ने राव की मां एच पी रोहिणी द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

इसमें कहा गया, “प्रतिवादियों को वादी की बेटी हर्षवर्दिनी रान्या राव के खिलाफ कोई भी बयान देने, बोलने, लिखने, प्रकाशित करने, प्रसारित करने, प्रसारण करने या मानहानिकारक आरोप लगाने से रोका जाता है। यह आदेश सुनवाई की अगली तारीख 2 जून तक लागू रहेगा।”


वादी की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विक्रम हुइलगोल ने दलील दी कि निष्पक्ष पत्रकारिता की आड़ में प्रतिवादी मीडिया घराने अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए अपमानजनक और मानहानिकारक खबरें प्रसारित/प्रकाशित कर रहे हैं। इस तरह मीडिया ट्रायल कर रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अभियुक्तों को दिए गए निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन कर रहे हैं।

यह भी कहा गया कि निष्पक्ष पत्रकारिता की आड़ में प्रतिवादियों ने गलत धारणा बनाने के लिए भ्रामक शीर्षकों और अतिरंजित कथाओं का इस्तेमाल किया, जो वादी की बेटी की व्यक्तिगत अखंडता को नुकसान पहुंचाता है। पत्रकारिता की नैतिकता का पालन करने के बजाय उन्होंने अपने प्लेटफार्मों का दुरुपयोग किया। अनैतिक मीडिया ट्रायल में लगे हुए हैं। इसलिए प्रतिवादियों को वादी की बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों को प्रसारित करने से एकपक्षीय अंतरिम अस्थायी निषेधाज्ञा आदेश के माध्यम से रोकने की मांग की।

फाइल फोटो

वादी द्वारा दिए गए कथनों और निर्णयों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने कहा, “रिकॉर्ड में रखे गए समाचार लेखों की प्रतियों से पता चलता है कि प्रतिवादी चल रही जांच के बारे में समाचार प्रसारित/प्रकाशित कर रहे हैं। मीडिया ट्रायल कर रहे हैं, जो माननीय न्यायालयों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की घोर अवहेलना है और न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप कर रहे हैं।”

इसके अलावा न्यायालय ने कहा, “प्रेस/मीडिया को मीडिया ट्रायल करने से रोकने के लिए अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश जारी करके वादी द्वारा लगाई गई आशंका को दूर करना उचित और आवश्यक माना जाता है। इस न्यायालय की राय है कि वादी ने प्रथम दृष्टया मामला बनाया। सुविधा का संतुलन वादी के पक्ष में है और यदि अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश नहीं दिया जाता है तो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अभियुक्त को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार का उल्लंघन होगा।”

कहा गया,”प्रेस/मीडिया को मीडिया ट्रायल से बचाने के लिए अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश जारी करके वादी द्वारा लगाई गई आशंका को दूर करना उचित और आवश्यक माना जाता है।”

इस बीच एक्ट्रेस के पिता के रामचंद्र राव ने भी निरोधक आदेश की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एकल जज जस्टिस एच टी नरेंद्र प्रसाद ने 10 मार्च को अंतरिम एकपक्षीय अस्थायी निषेधाज्ञा के माध्यम से मीडिया को याचिकाकर्ता के लिए अपमानजनक किसी भी सामग्री को प्रसारित करने प्रकाशित करने या प्रसारित करने से रोक दिया था।

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रान्या से 12.56 करोड़ मूल्य की सोने की छड़ें जब्त की गईं। उसके घर की बाद की तलाशी में 2.06 करोड़ मूल्य के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ की भारतीय मुद्रा मिली।

वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है और सेशन कोर्ट शुक्रवार को उसके द्वारा दायर जमानत याचिका पर अपना आदेश सुना सकता है। हाल ही में उसके पति जतिन को भी जमानत मिल गई। हुक्केरी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की। न्यायालय ने अंतरिम आदेश के तहत DRI को हुक्केरी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कदम न उठाने का निर्देश दिया।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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