NTN REPORT// तिरुवनंतपुरम, 15 मई 2026। केरल में लंबे समय से चल रही मुख्यमंत्री पद की अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेता और विपक्ष के पूर्व नेता वीडी सतीशन को राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। गुरुवार को एआईसीसी की केरल प्रभारी ने औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि कांग्रेस विधायक दल ने सतीशन के नाम पर सहमति जताई है।

इस ऐलान के साथ ही कांग्रेस के भीतर पिछले कई दिनों से चल रही नेतृत्व की खींचतान भी समाप्त हो गई। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला की दावेदारी पर भी पूर्ण विराम लग गया है।
10 दिन तक चला मंथन, आखिर क्यों हुई देरी?
केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे। अन्य राज्यों में जहां चुनाव परिणाम के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के नामों का ऐलान और शपथ ग्रहण हो गया था, वहीं केरल में कांग्रेस करीब 10 दिनों तक मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला नहीं कर सकी।
सूत्रों के अनुसार, देरी की मुख्य वजह पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर गुटबाजी और अलग-अलग दावेदारों के बीच शक्ति प्रदर्शन था। मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नाम चर्चा में थे— वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। तीनों नेताओं के समर्थक अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए थे।
विधायकों का समर्थन वेणुगोपाल को, कार्यकर्ताओं की पसंद बने सतीशन
बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक दल के कई नव निर्वाचित सदस्य केसी वेणुगोपाल के पक्ष में थे। वेणुगोपाल की संगठन में मजबूत पकड़ और गांधी परिवार से करीबी को भी उनके पक्ष में बड़ा फैक्टर माना जा रहा था।
हालांकि दूसरी ओर वीडी सतीशन को पार्टी कार्यकर्ताओं और जमीनी संगठन का व्यापक समर्थन प्राप्त था। 2022 में कांग्रेस की हार के बाद पिछले पांच वर्षों में उन्होंने राज्य में पार्टी का सबसे आक्रामक चेहरा बनकर काम किया। यही वजह रही कि आलाकमान ने अंततः संगठन और जनसमर्थन को प्राथमिकता देते हुए सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी।
छठी बार विधायक बने वीडी सतीशन
वीडी सतीशन ने 2026 विधानसभा चुनाव में परावुर सीट से जीत दर्ज की है। वह लगातार छठी बार विधायक चुने गए हैं। इस चुनाव में उन्होंने करीब 20,600 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की।
कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की ऐतिहासिक जीत का बड़ा श्रेय भी सतीशन को दिया जा रहा है। उन्होंने चुनाव अभियान के दौरान वाम मोर्चा सरकार को भ्रष्टाचार, आर्थिक बदहाली और प्रशासनिक मुद्दों पर लगातार घेरा।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक सतीशन की आक्रामक रणनीति और व्यापक गठबंधन तैयार करने की क्षमता ने कांग्रेस को बड़ी सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
केरल में यूडीएफ को मिला प्रचंड बहुमत
केरल विधानसभा की 140 सीटों में से कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस अकेले 63 सीटें जीतने में सफल रही।
इसके अलावा गठबंधन सहयोगियों में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को 22 सीटें, केरल कांग्रेस को 8 सीटें और आरएसपी को 3 सीटें मिली हैं। वहीं विजयन के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सत्ता से बाहर हो गया है।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और युवा चेहरों को आगे लाने का संकेत दिया है। पार्टी अब केरल में लंबे समय बाद सत्ता में वापसी को स्थायी राजनीतिक बढ़त में बदलने की कोशिश करेगी।
यह भी माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान ने संगठन और जनाधार के बीच संतुलन साधने के लिए यह फैसला लिया है, ताकि भविष्य में गुटबाजी को नियंत्रित किया जा सके।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।