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भारतराज्य/शहर

दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश: केजरीवाल समेत AAP के 5 नेताओं पर आपराधिक अवमानना कार्रवाई शुरू

आबकारी नीति मामले में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कोर्ट सख्त, जज के खिलाफ “दबाव बनाने की मुहिम” चलाने का आरोप

NTN REPORT// नई दिल्ली, 15 मई 2026। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल समेत पार्टी के पांच नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है। मामला दिल्ली आबकारी नीति केस से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई हाई कोर्ट में चल रही थी।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा/ अरविन्द केजरीवाल (फाइल फोटो)

यह आदेश जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत ने दिया। अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया पर न्यायपालिका और विशेष रूप से जज के खिलाफ “सुनियोजित बदनाम करने और दबाव बनाने की मुहिम” चलाई गई, जिससे न्यायिक व्यवस्था की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई।

किन नेताओं के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई

हाई कोर्ट ने जिन नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है, उनमें शामिल हैं:

  • अरविन्द केजरीवाल
  • मनीष सिसोदिया
  • संजय सिंह
  • विनय मिश्रा
  • सौरभ भारद्वाज

कोर्ट ने क्या कहा

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जस्टिस शर्मा के भाषण के वीडियो को एडिट कर भ्रामक तरीके से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। कोर्ट के अनुसार, न्यायिक कार्यवाही से जुड़े वीडियो क्लिप और पोस्ट के जरिए ऐसा नैरेटिव तैयार करने की कोशिश की गई, जिससे अदालत की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल खड़े हों।

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस अभियान के दौरान जज के परिवार को भी विवाद में घसीटा गया, जो न्यायपालिका पर अनावश्यक दबाव बनाने जैसा है।

आबकारी नीति केस की सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी

दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुख्य दिल्ली आबकारी नीति मामले की सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी। हालांकि, अवमानना से जुड़ी कार्यवाही जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में ही जारी रहेगी।

पहले ट्रायल कोर्ट से मिल चुकी है राहत

गौरतलब है कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में ट्रायल कोर्ट पहले ही अरविन्द केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 21 आरोपियों को राहत दे चुकी है। इसके बावजूद मामले से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को लेकर अब हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।

राजनीतिक और कानूनी हलकों में बढ़ी हलचल

हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह मामला अब केवल आबकारी नीति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि न्यायपालिका की गरिमा और सोशल मीडिया पर राजनीतिक अभियानों की सीमा को लेकर भी अहम बहस का विषय बन गया है।

यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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