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राजनीति

वंदे मातरम् विवाद पर कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने, अमित शाह की माफी की मांग पर जयराम रमेश और इमरान मसूद का पलटवार

कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के कथित अपमान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। अमित शाह ने कांग्रेस नेतृत्व और सोनिया गांधी से माफी की मांग की, तो कांग्रेस ने उनके बयान पर पलटवार करते हुए विचारधारा, इतिहास और सरकार की नीतियों से जुड़े सवाल उठाए।

NTN REPORT// स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के कथित तौर पर बीच में रोके जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।

प्रतीकात्मक एआई तस्वीर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जब कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् का गायन हो रहा था, तब सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को इसे बीच में रोकने के लिए कहा।

अमित शाह ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस के इस कथित कृत्य को देख रही है और इसके लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के वंदे मातरम् का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर गंभीर राजनीतिक आरोप भी लगाए।

जयराम रमेश का अमित शाह पर पलटवार

अमित शाह के बयान पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया के माध्यम से पलटवार किया। उन्होंने अमित शाह की विचारधारा और पूर्व विवादों का उल्लेख करते हुए उन पर मौजूदा मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

जयराम रमेश ने कहा कि जो व्यक्ति 17 दिसंबर 2024 को राज्यसभा में डॉ. भीमराव आंबेडकर के कथित अपमान को लेकर विवादों में रहा, जो उस विचारधारा से जुड़ा है जिसने लंबे समय तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया और जिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे, वह अब कांग्रेस से माफी मांग रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह और केंद्र सरकार अपनी कथित नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठा रहे हैं।

इमरान मसूद ने धर्म और वंदे मातरम् को लेकर रखा कांग्रेस का पक्ष

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी वंदे मातरम् विवाद पर भाजपा को घेरा।

मसूद ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म और विश्वास का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि उनका धर्म कुछ छंदों के गायन की अनुमति नहीं देता, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वे वंदे मातरम् का अनादर करते हैं।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1904 से कांग्रेस के अधिवेशनों में वंदे मातरम् गाया जाता रहा है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा और उससे जुड़ी विचारधारा पर स्वतंत्रता आंदोलन तथा राष्ट्रीय ध्वज को लेकर सवाल खड़े किए।

इतिहास और अर्थव्यवस्था को लेकर भी बीजेपी पर निशाना

इमरान मसूद ने अपने बयान में ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए भाजपा की विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और मुस्लिम लीग से जुड़े राजनीतिक इतिहास का भी जिक्र किया।

इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर भी निशाना साधा। मसूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन उनके अनुसार मौजूदा आर्थिक वृद्धि दर उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं है।

कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि पिछले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को लेकर किए गए कई वादे अपेक्षित गति से पूरे नहीं हुए।

झारखंड छात्र आंदोलन पर भी इमरान मसूद का बयान

इमरान मसूद ने झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर कांग्रेस का रुख स्पष्ट है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भाजपा पर्दे के पीछे से छात्र आंदोलन को अपने राजनीतिक हितों के लिए प्रभावित करने की कोशिश करती है तो वह सफल नहीं होगी।

मसूद ने यह भी सवाल उठाया कि यदि परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो परीक्षा रद्द करने का दबाव क्यों बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक ऐसी मांग से छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

बीजेपी ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना

वंदे मातरम् विवाद को लेकर भाजपा की ओर से भी कांग्रेस पर लगातार हमला जारी है।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल के. एंटनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस नेतृत्व ने वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि यह घटना देश के लोगों के लिए दुखद है और राष्ट्रीय गीत को उसका पूरा सम्मान मिलना चाहिए।

एंटनी ने केरल में वंदे मातरम् के इस्तेमाल को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

सुकांत मजूमदार ने कांग्रेस पर लगाया विभाजन की राजनीति का आरोप

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी वंदे मातरम् विवाद को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का वंदे मातरम् को लेकर रवैया शुरुआत से ही विवादित रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर पहले वंदे मातरम् को लेकर विभाजन पैदा करने और बाद में देश के विभाजन की परिस्थितियों से जोड़कर राजनीतिक हमला किया।

वंदे मातरम् पर सियासत तेज

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सामने आए इस विवाद ने एक बार फिर वंदे मातरम्, राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज कर दी है।

भाजपा जहां कांग्रेस पर वंदे मातरम् के कथित अपमान का आरोप लगाकर माफी की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस नेता भाजपा पर इतिहास, विचारधारा और वर्तमान सरकार की नीतियों से जुड़े सवाल उठाकर पलटवार कर रहे हैं।

फिलहाल दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज है और यह विवाद आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बने रहने के आसार हैं।

नोट: इस खबर में कांग्रेस और भाजपा नेताओं द्वारा दिए गए आरोपों एवं बयानों को उनके संबंधित दावों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। स्वतंत्र रूप से सत्यापित निष्कर्ष के रूप में नहीं।

यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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