
डेंटल चेकअप के बाद बिगड़ी हालत: सेप्टिक शॉक ने छीने चार अंग, जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा डेवन
NTN NEWS REPORT// दांतों के दर्द और मसूड़ों की सूजन की सामान्य जांच के लिए डेंटिस्ट के पास गया एक शख्स कुछ ही घंटों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ने लगा। मामला डेवन वैंटरपूल का है, जिसकी हालत अचानक बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और आखिरकार संक्रमण इतना गंभीर हो गया कि उसके चार अंग काटने पड़े।
डेंटल जांच के बाद शुरू हुई परेशानी
रिपोर्ट के मुताबिक, डेवन अपने मसूड़ों में सूजन और खून आने की शिकायत लेकर डेंटिस्ट के पास गया था। जांच में पाया गया कि उसके मसूड़े गंभीर रूप से सूजे हुए थे और उनसे रक्तस्राव हो रहा था। डेंटिस्ट से लौटने के कुछ ही घंटों बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।

डेवन की पार्टनर एलिसिया वाइल्डर के अनुसार, उसी रात उन्हें महसूस हो गया था कि कुछ गंभीर गड़बड़ है। शुरुआत में डेवन में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दिए—तेज ठंड लगना, कांपना, उल्टी और दस्त। जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो दो दिन बाद उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।
सेप्टिक शॉक में गया, अंगों ने काम करना बंद किया
अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि डेवन सेप्टिक शॉक में चला गया है। संक्रमण उसके शरीर में तेजी से फैल चुका था और उसके महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद करने लगे थे। हालत बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और वह कोमा में चला गया। इस दौरान उसके दिल की धड़कन दो बार रुक गई।
डॉक्टरों ने उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा, जो कृत्रिम हृदय और फेफड़ों की तरह काम करता है। लेकिन संक्रमण के कारण उसे पर्पुरा फुलमिनन्स नामक दुर्लभ और जानलेवा जटिलता हो गई, जिससे त्वचा और मांसपेशियों में नेक्रोसिस (टिश्यू का मरना) शुरू हो गया।
जान बचाने के लिए काटने पड़े चार अंग
संक्रमण को फैलने से रोकने और डेवन की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को कठोर फैसला लेना पड़ा। एलिसिया की अनुमति से डॉक्टरों ने उसका पूरा दाहिना पैर, बाएं पैर का घुटने के नीचे का हिस्सा और दोनों हाथ काट दिए।
एलिसिया ने बताया कि मांसपेशियों के टिश्यू के मरने से विषैले तत्व शरीर में फैल सकते थे, जिससे वह दोबारा सेप्टिक शॉक में जा सकता था और उसकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने बताया कि जब डेवन के हाथ काले और सख्त होने लगे तो उन्होंने खुद मालिश कर रक्त प्रवाह बहाल करने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
एक समय डॉक्टरों ने उसके दाहिने पैर से मृत टिश्यू हटाने की कोशिश की, लेकिन इससे स्थिति और बिगड़ गई और वह दोबारा सेप्टिक शॉक में चला गया।
परिवार पर टूटा आर्थिक संकट
एलिसिया, जो एक अकाउंट्स पेएबल स्पेशलिस्ट हैं और दो बच्चों की मां हैं, अब परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाल रही हैं। डेवन काम करने में असमर्थ है और मेडिकल खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। इन खर्चों को पूरा करने के लिए एलिसिया ने गोफंडमी पेज बनाकर लोगों से मदद की अपील की है।
उन्होंने कहा कि वह इस बात के लिए आभारी हैं कि डेवन अभी उनके साथ है, हालांकि उसकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
मसूड़ों की समस्या से गंभीर संक्रमण तक
डॉक्टरों के अनुसार, हर व्यक्ति के मुंह में बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, लेकिन डेवन के मामले में सूजे हुए और क्षतिग्रस्त मसूड़ों के कारण बैक्टीरिया को शरीर के अंदर प्रवेश का रास्ता मिल गया। यही संक्रमण आगे चलकर सेप्टिक शॉक का कारण बना।
यह मामला एक सामान्य डेंटल समस्या के गंभीर रूप लेने का चौंकाने वाला उदाहरण बन गया है, जिसने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।