
दुर्ग में बाल सुरक्षा सप्ताह: उत्कृष्ट प्रतिभाओं का सम्मान, छात्रों ने जाना पुलिस कार्यप्रणाली का पूरा सिस्टम
NTN NEWS REPORT// दुर्ग, 18 नवंबर 2025। महिला रक्षा टीम दुर्ग द्वारा बाल सुरक्षा सप्ताह के तहत जागरूकता एवं शिक्षण आधारित कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इस क्रम में सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, बोरसी के लगभग 45 छात्र-छात्राओं को पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली से रूबरू कराया गया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

थाना व कंट्रोल रूम का शैक्षणिक भ्रमण
• छात्रों को थाना भिलाई नगर एवं महिला थाना का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्हें थानों में आने वाले आवेदन, शिकायतों की प्रक्रिया तथा पुलिस के कार्य प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
• पुलिस कंट्रोल रूम में डायल 112 पर प्राप्त होने वाली सूचनाओं पर की जाने वाली तत्काल कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।
• आई.टी.एम.एस. (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) की तकनीक, कार्यप्रणाली और शहर में इसके उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी भी छात्रों को दी गई।
• डी.एस.बी. शाखा का अवलोकन कर छात्रों ने पासपोर्ट निर्माण से जुड़े चरणों की जानकारी प्राप्त की।

महिला थाना व परिवार परामर्श केंद्र का निरीक्षण
• छात्रों को महिला थाना में स्थित परिवार परामर्श केंद्र का भ्रमण कराया गया।
• यहां मौजूद काउंसलरों से मुलाकात कर घरेलू विवाद, महिला सुरक्षा और परामर्श प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
एसएसपी कार्यालय में विभिन्न शाखाओं की जानकारी
• वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय दुर्ग में छात्रों को विभिन्न शाखाओं का परिचय कराया गया।
• क्राइम रिकॉर्ड, शाखा संचालन, दस्तावेज प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के कार्यों की जानकारी छात्रों ने प्रत्यक्ष रूप से देखी और समझी।
प्रतियोगिता में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं का सम्मान
• बाल सुरक्षा सप्ताह के तहत आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
• इस सम्मान से छात्रों में सुरक्षा, जागरूकता और पुलिस के प्रति विश्वास एवं प्रेरणा में वृद्धि हुई।
बाल सुरक्षा सप्ताह के दौरान आयोजित यह शैक्षणिक भ्रमण न केवल छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि इससे पुलिस प्रणाली के प्रति उनकी समझ और जागरूकता भी बढ़ी। महिला रक्षा टीम दुर्ग द्वारा किया गया यह प्रयास बाल सुरक्षा और पुलिस-जन सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रभावशाली कदम साबित हुआ।