राजस्व अधिकारियों पर हमले के विरोध में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का आंदोलन का ऐलान, दोषियों पर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग!
NTN REPORT// छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के राजपुर उप तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट, अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने कड़ा विरोध जताया है। संघ ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, संबंधित विधायक के इस्तीफे तथा राजस्व अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए ज्ञापन जारी किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?
संघ द्वारा जारी विवरण के अनुसार, 27 मई 2026 को उप तहसील राजपुर, तहसील मैनपाट, जिला सरगुजा में एक वृद्ध महिला को शौच क्षमता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर कराने न्यायालय लाया गया था। दस्तावेज अधूरे पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया।
आरोप है कि इसके बाद एक अन्य महिला द्वारा तत्काल हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। पूर्व तहसीलदारों का हवाला देकर तत्काल हस्ताक्षर कराने की बात कही गई और दबाव तथा बहस की स्थिति निर्मित हुई।
संघ के अनुसार, नायब तहसीलदार तुषार मानिक पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे, इसके बावजूद वे 27 मई को सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान हस्ताक्षर को लेकर विवाद बढ़ गया।
विधायक प्रतिनिधि पर गंभीर आरोप
पोस्टर में किए गए दावों के अनुसार, नायब तहसीलदार के निवास लौटने के दौरान विधायक प्रतिनिधि द्वारा उन्हें पुनः राजपुर बुलाया गया। संघ का आरोप है कि बिना तथ्यों की जानकारी लिए गाली-गलौज, मारपीट और धमकी दी गई तथा शासकीय कार्य में हस्तक्षेप किया गया।
घटना के बाद एसडीएम (राजस्व) द्वारा हस्तक्षेप कर अधिकारी को सुरक्षित निकाला गया। पुलिस वाहन और एसडीएम की मौजूदगी में उन्हें वहां से रवाना किया गया। बाद में नायब तहसीलदार को अस्पताल ले जाकर चिकित्सकीय परीक्षण (एमएलसी) कराया गया तथा संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई।
संघ ने बताया क्यों गंभीर है मामला?
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का कहना है कि यह घटना केवल एक अधिकारी पर हमला नहीं, बल्कि न्यायालयीन व्यवस्था, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की गरिमा और पूरे प्रशासनिक तंत्र पर हमला है।
संघ के मुताबिक—
- यह कानून, न्याय और संवैधानिक व्यवस्था पर सीधा आघात है।
- कर्तव्य पालन कर रहे अधिकारियों को धमकाना, गाली देना और मारपीट करना अस्वीकार्य है।
- अधिकारियों के खिलाफ झूठे और दबावपूर्ण प्रकरण दर्ज कराना न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
- ऐसी घटनाएं प्रशासनिक स्वतंत्रता और राजस्व व्यवस्था की निष्पक्षता को प्रभावित करती हैं।
वर्तमान स्थिति को लेकर संघ की चिंता
संघ ने कहा कि नायब तहसीलदार तुषार मानिक की राजपुर उप तहसील में पदस्थापना को लगभग एक माह ही हुआ है। संघ का दावा है कि बिना समुचित परीक्षण और दस्तावेजी जांच के हस्ताक्षर करने से इनकार करने के कारण उन पर दबाव बनाया गया। इसके बावजूद उनके खिलाफ अनुचित आरोप लगाए जा रहे हैं, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली के लिए चिंताजनक है।
संघ की प्रमुख मांगें
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने राज्य शासन और प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं—
- घटना में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ निष्पक्ष, कठोर एवं त्वरित वैधानिक कार्रवाई की जाए।
- नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के साथ मारपीट व अभद्रता जैसे गंभीर आरोपों की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए संबंधित विधायक से तत्काल इस्तीफा लिया जाए।
- तहसील न्यायालयों के न्यायालयीन कार्यों में जनप्रतिनिधियों एवं बाहरी हस्तक्षेप पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
- राजस्व अधिकारियों और कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की सुरक्षा के संबंध में जारी शासन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
- न्यायालयीन एवं राजस्व कार्यों के दौरान आवश्यक पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
- नवीन तहसीलों एवं उप तहसीलों में पर्याप्त स्टाफ, तकनीकी संसाधन और शासकीय वाहन उपलब्ध कराए जाएं।
- अधिकारियों के विरुद्ध झूठे एवं दबावपूर्ण प्रकरण दर्ज कराने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि मामले में शीघ्र, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशभर के राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। संघ का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है और इस विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
संघ का संदेश
पोस्टर में संघ ने नारा दिया है— “हम सेवा करते हैं, शासन चलाते हैं, व्यवस्था संभालते हैं। हमें सुरक्षा दो, सम्मान दो, न्याय दो।” साथ ही चेतावनी दी गई है कि न्याय नहीं मिलने की स्थिति में प्रदेशव्यापी आंदोलन अपरिहार्य होगा।
यह समाचार पोस्टर/ज्ञापन में उल्लिखित दावों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले के संबंध में सभी पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।