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भारत

पुरानी पेंशन पर केंद्र का बड़ा फैसला: OPS बहाली की कोई तैयारी नहीं, NPS का पैसा भी राज्यों को नहीं मिलेगा!

NTN REPORT// नई दिल्ली। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर लंबे समय से चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने संसद में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। केंद्र ने साफ कहा है कि फिलहाल पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार का तर्क है कि OPS बहाल करने से आने वाले वर्षों में सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार पुरानी पेंशन योजना बहाल करने पर विचार नहीं कर रही है। सरकार के मुताबिक, पुरानी पेंशन व्यवस्था में भविष्य में होने वाला खर्च काफी बढ़ सकता है, इसलिए इसे दोबारा लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।

पांच राज्यों ने NPS से हटकर OPS की जानकारी दी

संसदीय जवाब के अनुसार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से हटकर पुरानी पेंशन योजना लागू करने के संबंध में पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) को जानकारी दी है।

इन राज्यों के कर्मचारियों से संबंधित बड़ी रकम अभी NPS के तहत जमा है। 26 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इन पांच राज्यों की NPS में जमा राशि इस प्रकार है—

  • राजस्थान: 53,403.89 करोड़ रुपये
  • पंजाब: 40,673.08 करोड़ रुपये
  • छत्तीसगढ़: 24,030.04 करोड़ रुपये
  • झारखंड: 14,420.90 करोड़ रुपये
  • हिमाचल प्रदेश: 12,525.96 करोड़ रुपये

इस तरह इन पांच राज्यों से जुड़ी करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये की राशि NPS में जमा है।

OPS लागू करने पर भी NPS की रकम वापस नहीं होगी

संसद में सरकार से यह भी पूछा गया कि यदि कोई राज्य NPS छोड़कर OPS लागू करता है, तो क्या NPS में जमा राशि उसे वापस मिल सकती है?

सरकार ने इस पर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। जवाब के मुताबिक, मौजूदा कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत NPS में जमा धनराशि राज्यों को वापस की जा सके। इस राशि में कर्मचारियों के साथ-साथ सरकार की ओर से किया गया अंशदान भी शामिल है।

इसका सीधा मतलब यह है कि किसी राज्य द्वारा पुरानी पेंशन योजना लागू किए जाने के बावजूद NPS के तहत जमा धनराशि स्वतः राज्य सरकार को वापस नहीं मिलेगी।

OPS और NPS में क्या है अंतर?

पुरानी पेंशन योजना (OPS):
पुरानी पेंशन व्यवस्था में कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद एक निर्धारित पेंशन मिलती है। पेंशन भुगतान की जिम्मेदारी मुख्य रूप से सरकार की होती है और यह व्यवस्था सरकारी खजाने पर दीर्घकालिक वित्तीय दायित्व पैदा करती है।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS):
NPS अंशदान आधारित पेंशन व्यवस्था है। इसमें कर्मचारी और सरकार दोनों योगदान करते हैं। जमा राशि को निवेश किया जाता है और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाला लाभ योगदान तथा निवेश से प्राप्त रिटर्न पर निर्भर करता है।

केंद्र के रुख से OPS बहाली की उम्मीद को झटका

संसद में दिए गए इस जवाब से केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट हो गया है। केंद्र फिलहाल NPS व्यवस्था को जारी रखने के पक्ष में है और OPS की बहाली पर विचार नहीं कर रहा है। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि NPS में जमा राशि को राज्यों को वापस करने के लिए वर्तमान कानून में कोई व्यवस्था नहीं है।

ऐसे में जिन राज्यों ने NPS से हटकर पुरानी पेंशन व्यवस्था अपनाने का फैसला किया है, उनके सामने NPS में पहले से जमा भारी-भरकम राशि की वापसी का मुद्दा अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। वहीं, देशभर के लाखों सरकारी कर्मचारियों की OPS बहाली की मांग के बीच केंद्र का यह रुख इस मुद्दे पर सरकार की मौजूदा नीति को साफ तौर पर सामने रखता है।

नोट: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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