नीट पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा एक्शन: परीक्षा सुधार के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में हाई पावर टास्क फोर्स गठित, सख्त कानून भी लाएगी सरकार
NTN REPORT// नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों के प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से छह सदस्यीय हाई पावर टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे।

प्रधानमंत्री ने रविवार शाम करीब 7 बजे इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो संदेश के माध्यम से इसकी जानकारी दी। पिछले चार दिनों में यह उनका तीसरा वीडियो संदेश था। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है और परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले जेल में हैं” – प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे आज जेलों में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल दोषियों को सजा देने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित कर रही है जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने बताया कि परीक्षा संबंधी अपराधों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं ताकि ऐसे मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके।
संसद में आएगा सख्त कानून, बढ़ेगी सजा और जुर्माना
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार सोमवार को संसद में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करेगी। इस विधेयक के माध्यम से वर्ष 2024 में बने कानून को और अधिक कठोर बनाया जाएगा।
प्रस्तावित संशोधन के तहत परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक और अन्य अनुचित गतिविधियों में शामिल आरोपियों के लिए कड़ी सजा, भारी आर्थिक दंड तथा सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा।
तकनीक आधारित होगी नई परीक्षा प्रणाली
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाएगा। डिजिटल निगरानी, आधुनिक सुरक्षा तंत्र और तकनीकी समाधान अपनाकर पेपर लीक जैसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
कौन हैं नंदन नीलेकणि?
नंदन नीलेकणि देश के प्रमुख उद्योगपति और तकनीकी विशेषज्ञों में शामिल हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और एन. आर. नारायणमूर्ति के साथ मिलकर इंफोसिस की सह-स्थापना की।
वर्ष 2009 में तत्कालीन यूपीए सरकार के दौरान उन्होंने आधार परियोजना की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हाल के वर्षों में वे तकनीक, पर्यावरण और जैव विविधता जैसे विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
हाई पावर टास्क फोर्स में शामिल होंगे ये सदस्य
परीक्षा सुधार के लिए गठित छह सदस्यीय हाई पावर टास्क फोर्स में देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इनमें—
- नंदन नीलेकणि (अध्यक्ष एवं तकनीकी विशेषज्ञ)
- इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ
- खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक तपन डेका
- आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामाकोटी
- पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल
- लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा
शामिल हैं।
प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परीक्षा सुधार और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
प्रह्लाद जोशी के पास पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी बनी हुई है।
परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी
सरकार के इन फैसलों को देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हाई पावर टास्क फोर्स की सिफारिशों और प्रस्तावित नए कानून के लागू होने के बाद परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही पेपर लीक और परीक्षा माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में भी यह कदम अहम माना जा रहा है।
अस्वीकरण: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।