
अमेरिका-ईरान तनाव कम होने के संकेत से तेल में बड़ी गिरावट, शेयर बाजार में जोरदार उछाल
100 डॉलर के नीचे आया ब्रेंट क्रूड, सेंसेक्स-निफ्टी में शानदार तेजी
NTN NEWS REPORT// अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस खबर के बाद वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 11 फीसदी तक टूटकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गई है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 98 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार में लौटी रौनक
कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान निफ्टी करीब 300 अंक चढ़कर 24,300 के ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में लगभग 940 अंकों की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 24 पैसे मजबूत होकर बंद हुआ।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों के कारण आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है तो वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
अमेरिका-ईरान समझौते की ओर बढ़ते कदम
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान एक शुरुआती समझौते के करीब पहुंच सकते हैं। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने और आगे परमाणु बातचीत का रास्ता तैयार करने को लेकर चर्चा चल रही है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका अगले 48 घंटों में ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जा सकती है। हालांकि अभी किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और बातचीत शुरुआती चरण में ही मानी जा रही है।
क्यों गिर रहे हैं तेल के दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है तो ईरान पर लगे कई आर्थिक प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं। इससे वैश्विक बाजार में ईरानी तेल की सप्लाई फिर से बढ़ सकती है।
इसके अलावा ईरान की फ्रीज की गई रकम भी अनफ्रीज होने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही रणनीतिक रूप से बेहद अहम ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में सामान्य गतिविधियां बहाल होने की उम्मीद बढ़ गई है। इससे मिडिल ईस्ट से भारत और चीन जैसे बड़े देशों तक तेल सप्लाई आसान हो सकती है।
आगे और सस्ता हो सकता है कच्चा तेल
ऑयल मार्केट के जानकारों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच औपचारिक समझौता हो जाता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को बड़ी राहत मिल सकती है।
कम तेल कीमतों का सीधा फायदा पेट्रोल-डीजल की लागत, महंगाई दर और परिवहन खर्च पर पड़ सकता है। साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को भी इससे मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।