प्रश्नपत्र कांड पर बड़ी कार्रवाई: घोर लापरवाही, अवमानना और अनियमितताओं के आरोप में जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे निलंबित
NTN REPORT// नवा रायपुर, 27 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने महासमुंद जिले में हुए प्रश्नपत्र विवाद और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में गंभीर लापरवाही, आदेशों की अवहेलना और वित्तीय अनियमितताओं के स्पष्ट प्रमाण मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

क्या है पूरा मामला?
दैनिक समाचार पत्र में 8 जनवरी 2026 को प्रकाशित खबर “चौथी की परीक्षा में सवाल पर बवाल, कुत्ते का नाम शेर या राम?” के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई। जांच में सामने आया कि प्राथमिक स्कूलों की अर्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने, छपाई और वितरण की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की थी।
इसके बावजूद प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया में कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई गई और भारी लापरवाही बरती गई। नतीजतन कक्षा चौथी के अंग्रेजी प्रश्नपत्र में एक आपत्तिजनक प्रश्न शामिल हो गया, जिसमें कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में भगवान राम का नाम दिया गया था। इस घटना को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और विभाग की छवि को धूमिल करने वाला माना गया।
न्यायालयीन प्रकरण में भी लापरवाही
महासमुंद जिले के कर्मचारियों द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर याचिका (डब्ल्यूपीएस 1745/2022) के संबंध में भी अधिकारी द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं की गई। विभागीय निर्देश और व्यक्तिगत सूचना दिए जाने के बावजूद संबंधित प्रकरण में उच्च न्यायालय में अपील दायर नहीं की गई, जिसे आदेशों की अवहेलना और कर्तव्यों के प्रति उदासीनता माना गया।

वित्तीय अनियमितताओं का भी खुलासा
30 जनवरी 2026 को कराए गए विभागीय लेखा परीक्षण (ऑडिट) में भी लहरे के कार्यकाल के दौरान गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। ऑडिट रिपोर्ट में कई गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए।
आरोप: लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अधिकारी ने अपने पद के दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं किया और स्वेच्छाचारी तरीके से काम किया। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया।
सरकार की कार्रवाई
राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा), रायपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है।
अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया
निलंबन के बाद, आगामी आदेश तक बीएल देवांगन (प्रभारी उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर) को जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
निलंबन अवधि में मिलेगा भत्ता
नियमों के अनुसार, निलंबन अवधि में लहरे को जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। प्रश्नपत्र कांड से शुरू हुआ यह मामला अब प्रशासनिक लापरवाही, न्यायालयीन आदेशों की अनदेखी और वित्तीय गड़बड़ियों तक पहुंच गया है। शासन की इस सख्त कार्रवाई से साफ संकेत है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
