
NTN NEWS REPORT// 10 अक्टूबर 2025।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की टीम ने दो अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर दो लोकसेवकों को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। पहला मामला जिला सूरजपुर का है, जबकि दूसरा जिला बिलासपुर से जुड़ा है।
01. जिला सूरजपुर : असिस्टेंट इंजीनियर रिश्वत लेते गिरफ्तार
सूरजपुर जिले के लटोरी निवासी प्रदीप कुमार, जो महात्मा सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित केसीसी ड्राइवर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं, ने एसीबी सूरजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी संविदा नियुक्ति वर्ष 2024 में समाप्त हो चुकी है। नियुक्ति पुनः कराने के लिए असिस्टेंट इंजीनियर (एसईसीएल इंजीनियरिंग मशीनीकरण) चंदू राम नायक द्वारा ₹1 लाख की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी लगातार ₹1 लाख रुपये की मांग कर नौकरी से निकालने की धमकी दे रहा था। इस पर शिकायत की पुष्टि के बाद 10 अक्टूबर 2025 को एसीबी की टीम ने आरोपी चंद्रराम नागवंश को ₹50,000 की पहली किस्त की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा।
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 (संशोधित अधिनियम 2018) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
02. जिला बिलासपुर : आदिम जाति विकास विभाग का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार
दूसरा मामला बिलासपुर जिले का है। ग्राम निपनिया निवासी अभिलाष बर्मन ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उसने अपनी बेटी का विवाह अन्य समाज में किया है और उसे शासन से मिलने वाली अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि ₹2.5 लाख के लिए आवेदन किया था।
आवेदन की प्रक्रिया के दौरान आदिम जाति विकास विभाग, बिलासपुर में पदस्थ बाबू मनोज तोनडेकर द्वारा ₹10,000 की रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत की पुष्टि के बाद 10 अक्टूबर 2025 को एसीबी की टीम ने मनोज तोनडेकर को ₹10,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
आरोपी के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 (संशोधित अधिनियम 2018) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई जारी है।
एसीबी की सक्रियता से भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश
एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई से सरकारी तंत्र में व्याप्त रिश्वतखोरी पर नकेल कसने का संदेश गया है। दोनों मामलों में आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्यवाही के लिए अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।