Advertisment
व्यापार जगत

मिडिल ईस्ट तनाव का असर: क्या देश में बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? RBI गवर्नर ने दिए बड़े संकेत!

NTN REPORT// नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका एक बार फिर तेज हो गई है। अमेरिका-ईरान और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए हैं कि यदि मध्य पूर्व का संकट लंबा खिंचता है, तो आने वाले समय में देश में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।

प्रतीकात्मक AI तस्वीर

RBI गवर्नर ने क्या कहा?

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्विट्जरलैंड में स्विस नेशनल बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा आयोजित एक समिट में कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर रहा है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो भारत सरकार और तेल कंपनियों के लिए ईंधन की कीमतों को लंबे समय तक स्थिर रखना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के जरिए गुजरता है। ऐसे में वहां किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती है।

भारत पर क्यों बढ़ रहा दबाव?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है और अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से—

  • परिवहन लागत बढ़ती है
  • मैन्युफैक्चरिंग महंगी होती है
  • महंगाई दर प्रभावित होती है
  • रुपये पर दबाव बढ़ता है
  • ऊर्जा आयात बिल में भारी इजाफा होता है

तेल कंपनियों पर बढ़ रहा घाटा

फिलहाल सरकार और सरकारी तेल कंपनियां बढ़ती लागत का बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 1600 से 1700 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इसके बावजूद पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें पिछले लगभग चार वर्षों से स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि दूसरी ओर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, 5 किलो एलपीजी सिलेंडर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी की जा चुकी है।

हाल ही में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 993 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

पीएम मोदी ने भी की थी ईंधन बचाने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हाल के दिनों में नागरिकों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और ईंधन बचाने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि देश को विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए ईंधन की बचत पर ध्यान देना होगा।

पेट्रोलियम मंत्री ने भी जताई चिंता

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी हाल ही में संकेत दिए थे कि तेल कंपनियों के लिए लंबे समय तक घाटे में ईंधन बेचना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि वह यह नहीं कह रहे कि पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे।

उनके इस बयान के बाद अब RBI गवर्नर के बयान ने भी पेट्रोल-डीजल की संभावित कीमत वृद्धि को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

क्या आम जनता पर बढ़ेगा बोझ?

यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं और मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले समय में सरकार तेल कंपनियों पर पड़ रहे बोझ का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डाल सकती है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि फिलहाल सरकार की ओर से कीमतों में तत्काल बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
Back to top button
error: Content is protected !!