
उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का आदेश इलाज में लगे ख़र्च को देना होगा आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जांजगीर का आदेश
जांजगीर चाम्पा 16 जनवरी 2025// जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जांजगीर ने आदेश दिया कि उपभोक्ता/ शिकायतकर्ता रूपलता राठौर पति देवनारायण राठौर निवासी कोसमंदा थाना चांपा जिला जांजगीर चांपा को उसके इलाज में लगे ख़र्च को देने से आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने इनकार किया था। अब इलाज की राशि 46,825/- तथा मानसिक कष्ट के लिए 5,000/- व वाद व्यय 3,000/- सहित देना होगा ।
उपभोक्ता/ शिकायतकर्ता रूपलता राठौर निवासी कोसमंदा थाना चांपा जिला जांजगीर चांपा का आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में दिनांक 31/10/2022 से 30/10 /2023 तक के लिए फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के अंतर्गत चार -चार लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा पति के साथ था । बीमा अवधि के दौरान ही दिनांक 22/09/23 को उपभोक्ता/ शिकायतकर्ता का पैर अपने दुपहिया वाहन से गिर जाने के कारण टूट गया।
इलाज में लगे खर्ची की माँग उपभोक्ता के द्वारा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से की गई लेकिन इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा इस आधार पर कि उपभोक्ता ने बीमा शर्त का उल्लंघन किया है तथा बीमारी के संबंध में दस्तावेज़ जमा नहीं किए हैं व पूर्व बीमारी के संबंध में भी दस्तावेज़ नहीं दियै है , कह कर बीमा दावा अस्वीकार कर दिया। तब उपभोक्ता/शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के समक्ष परिवाद पेश कर अपने ईलाज में लगी राशि इंश्योरेंस कंपनी से दिलाए जाने की मांग किया।
जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू , सदस्य विशाल तिवारी , सदस्य श्रीमती महिमा सिंह ने पेश दस्तावेजों, किए गए तर्कों का सूक्ष्मता से अध्ययन कर यह पाया कि बीमा पॉलिसी की शर्तों का पालन किया गया है । इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज बीमा कंपनी में जमा कर दिए गए हैं , जो की बीमा कंपनी द्वारा भेजे गए मेल से स्पष्ट होता है तथा जिस बीमारी की खर्ची की माँग की गई है वह पूर्व बीमारी से ही संबंधित नहीं है । बीमा अवधि में कराये गयै इलाज में आए खर्च न देकर बीमा कंपनी द्वारा सेवा में कमी की गई है ।
जिला आयोग ने आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को उपभोक्ता/ शिकायतकर्ता के इलाज में आए खर्च की राशि 46,825/- तथा मानसिक संताप का ₹5,000/- व वाद का खर्च ₹3,000/- आदेश दिनांक से 45 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया, नियत अवधि में आदेशित राशि नहीं देने पर आदेश दिनांक से भुगतान दिनांक तक 6% वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश दिया गया । जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जांजगीर ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के अंतर्गत पेश परिवाद को स्वीकार कर उक्त आदेश पारित किया गया।