
चाहे कोई भी घटना क्यों न घट जाए ,जान चली जाए पर हमें कोई सरोकार नहीं , हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों का अड़ियल रवैया
कालोनी को बने लगभग 14 से 15 वर्ष हो जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे कालोनी निवासी
जांजगीर चाम्पा 16 जनवरी 2025 // हाउसिंग बोर्ड हसदेव विहार कालोनी जांजगीर के रहवासी इन दिनों जान जोखिम में डालकर कालोनी के अंदर आवाजाही कर रहे है। बमुश्किल से लगभग तीन वर्षों बाद मरम्मत का ख्याल आया उस पर भी थूक पालिश का काम चल रहा है। जहां ठेकेदार मनमर्जी से काम कर रहा गुणवत्ता से कोई भी सरोकार ही नहीं है। वहीं हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी हाउसिंग बोर्ड के लोगो की जान जोखिम में डालने पर तुले हुए है। रोड की मरम्मत सही ढंग से करना भूल कर अगल बगल ऐसे गड्ढे कर दिए है जिससे किसी की जान भी जा सकती है। लोग हादसे का शिकार हो सकते है वहीं ऐसी कई जगह है जिससे कालोनी वासी रोजाना हादसे के शिकार होने से बच रहे है या हादसे का शिकार हो रहे है।
मरम्मत के नाम पर झुनझुना मिला : बड़ी विडंबना यह है कि जहा रख रखाव कालोनी के मेंटेनेंस के लिए नगर पालिका 6 से 7 करोड़ के बजट की बात कर रही थी जिसको हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी भी मान रहे थे कि वाकई इतनी राशि संपूर्ण कालोनी के मरम्मत हेतु आवश्यक है। इस सम्बन्ध में हाउसिंग बोर्ड कालोनी के निवासियों की मांग पर बड़े पैमाने पर मरम्मत की बात की गई परंतु कालोनी निवासीयो को ठगा सा दिखाते हुए जबकि मरम्मत के लिए केवल 14 लाख स्वीकृत किए गए इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कहा 6 से 7 करोड़ और स्वीकृत केवल 14 लाख उस पर भी काम थूक पालिश जैसा।
अधिकारियों का हमेशा की तरह रटा रटाया जवाब : इस संबंध में जब प्रभारी कार्यपालन अभियंता योगेश पटेल से पूछा गया तो हमेशा की तरह जिम्मेदारी से भागते हुए रटा रटाया जवाब दिया गया देखता हु, दिखवाता हु, टाल मटोल किया गया वही उपायुक्त शर्मा के द्वारा काल रिसीव नहीं किया गया। इस सम्बन्ध में अपर आयुक्त पनारिया के द्वारा कार्यवाही करने और कार्यपालन अभियंता को हिदायत देने की बात कही गई।
नगर पालिका और हाउसिंग बोर्ड की लड़ाई में पीस रहे कालोनी निवासी : हसदेव विहार हाउसिंग बोर्ड कालोनी जांजगीर के हैंड ओवर को लेकर कई वर्षों से दोनों ही विभागों नगर पालिका और हाउसिंग बोर्ड के बीच नूरा कुश्ती चल रही है। जहां नगर पालिका के द्वारा कालोनी के रख रखाव हेतु बजट की मांग की जाती है या मरम्मत करके हाउसिंग बोर्ड दे तब हैंड ओवर लेने की बात कही जाती है। तो वही हाउसिंग बोर्ड हैंड ओवर लिखित रूप से हो जाने की बात करके अपने जिम्मेदारी से भाग रहा है। जबकि हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासीयो से पूर्व में ही कालोनी हैंड ओवर करने का चार्ज ले चुका है। दोनों ही विभाग जिला प्रशासन जांजगीर कलेक्ट्रेड सभागार में हुई बैठक में अपनी-अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए 1 जनवरी 2025 से हैंड ओवर लेने एवं आवश्यक समस्त मरम्मत कार्य करने की बात कही थी। परंतु इस बार भी दोनों ही विभाग जिला प्रशासन को भी ठगा सा कर दिए। कालोनी के मरम्मत के लिए न ही पर्याप्त बजट आया न ही रख रखाव किया गया ना ही मूलभूत सुविधाओं को बहाल किया गया, किया गया तो केवल बयानबाजी ,बैठकों का दौर , कॉलोनी निवासियों को गुमराह , वाहवाही लूटने का हर काम , आखिर कालोनी निवासीयो की समस्या का समाधान कोई करेगा ? कि केवल और केवल आश्वाशन …..
ठगे गए हसदेव विहार कालोनी निवासी : हसदेव विहार हाउसिंग बोर्ड कालोनी जांजगीर में लगभग 471 मकान बने हुए है जहां लोग परिवार सहित निवासरत है कालोनी में बने मकानों की बिक्री से पूर्व कई तरह के सुख सुविधाओं की बात कही गई थी परंतु आज कालोनी निवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे है।
जहां बिना टुल्लू पंप का उपयोग किए पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। कालोनी का एक मात्र गांधी गार्डन जंगल में तब्दील हो गया है विगत दो से तीन वर्ष हो गए ताला ही नहीं खुला है। कालोनी में कई जगहों में रोड तक नहीं बन पाई है। खेल का मैदान नहीं है। ना ही सामुदायिक भवन है। ना ही स्ट्रीट लाइट पूरी कालोनी में रात के समय अंधेरा छाया रहता है जिससे आय दिन चोरी की घटनाएं होते रहती है। ना ही कालोनी के चारों तरफ बाउंड्रीवाल जिससे कालोनी सुरक्षित रहे। उचित कचरा प्रबंधन का आभाव है, सीवर लाइन का गंदा पानी मलबा सड़कों पर घरों के सामने बह रहा है, इन सभी सुविधाओं कालोनी निवासीयो को सख्त जरूरत है।
इन समस्याओं के संबंध में कालोनी में निवासरत के.जी.गुरुदेव,गणेशराम सूर्यवंशी,महावीर यादव,कृष्ण कुमार थवाईत एवं कालोनी के अन्य सभी लोगों ने शासन एवं हाउसिंग बोर्ड के जिम्मेदारों से अपील की है कि जल्द से जल्द समस्याओं का निराकरण करें।