संसद परिसर में दिखी सौहार्द की तस्वीर: मोदी और राहुल ने ज्योतिबा फुले को दी श्रद्धांजलि, की संक्षिप्त बातचीत
NTN NEWS REPORT// नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में शनिवार को भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और सौहार्द की एक सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली। प्रधानमंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक-दूसरे का नमस्ते कर अभिवादन किया और कुछ देर बातचीत भी की। दोनों नेता समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर संसद भवन के प्रेरणा स्थल स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
न्यूज एजेंसी पीटीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में लोकसभा अध्यक्ष , केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री , कानून मंत्री समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी वहां पहुंचे।
जैसे ही प्रधानमंत्री अपनी गाड़ी से उतरे, वहां उपस्थित सभी नेताओं ने उनका स्वागत किया। राहुल गांधी ने भी नमस्ते कर अभिवादन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्वयं राहुल गांधी के पास पहुंचे और दोनों के बीच कुछ देर तक बातचीत हुई। इस दौरान अन्य नेता भी चर्चा में शामिल होते नजर आए।
राजनीतिक कटुता के बीच सौहार्द का संदेश
सार्वजनिक मंचों पर अक्सर तीखे राजनीतिक बयान और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते हैं, ऐसे में संसद परिसर में दोनों प्रमुख नेताओं की यह सौहार्दपूर्ण मुलाकात चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से साझा किया गया और लोगों ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं का सकारात्मक संकेत बताया।
ज्योतिबा फुले: समानता और शिक्षा के अग्रदूत
महात्मा ज्योतिराव फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र में हुआ था। वे 19वीं सदी के प्रमुख समाज सुधारकों में से एक थे। उन्होंने महिलाओं और वंचित वर्गों की शिक्षा और अधिकारों के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उनका निधन 28 नवंबर 1890 को हुआ था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि महात्मा ज्योतिराव फुले एक दूरदर्शी समाज सुधारक थे, जिन्होंने अपना जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के मूल्यों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष की शुरुआत फुले ने ही की थी और शिक्षा को सशक्तिकरण का माध्यम बनाया।
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश इस वर्ष उनके जन्म के द्विशताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है और उनके विचार सामाजिक प्रगति के मार्ग पर प्रेरणा देते रहेंगे।
वहीं राहुल गांधी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ज्योतिबा फुले का जीवन वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि भेदभाव और असमानता के खिलाफ उनका संघर्ष देश को समानता और न्याय का रास्ता दिखाता है।
संसद परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक महान समाज सुधारक को श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि राजनीतिक मतभेदों से परे लोकतांत्रिक गरिमा और आपसी सम्मान का संदेश भी देता नजर आया।