
नेहल वडोलिया ने बताया बोल्ड सीन्स की शूटिंग का सच, कहा- कैमरे के सामने नहीं होती कोई फीलिंग!
NTN REPORT// मुंबई। अभिनेत्री नेहल वडोलिया ने एक पॉडकास्ट में बोल्ड सीन्स की शूटिंग से जुड़े अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि पर्दे पर ऐसे दृश्य भले ही ग्लैमरस या सहज नजर आएं, लेकिन इन्हें फिल्माना कलाकारों के लिए आसान नहीं होता। नेहल के मुताबिक बोल्ड सीन्स की शूटिंग के दौरान भावनाओं से ज्यादा तकनीकी निर्देशों और कैमरे के हिसाब से काम करना होता है।
बोल्ड सीन शूट करने में कंफर्ट जरूरी
‘टॉक विद मावेंद्र’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान नेहल ने कहा कि बोल्ड सीन्स की शूटिंग में कलाकार का सहज महसूस करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि वह ऐसे दृश्यों की शूटिंग आमतौर पर सबसे आखिर में करना पसंद करती हैं।
नेहल के अनुसार, बोल्ड सीन्स के बाद शारीरिक परेशानियां भी हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे दृश्यों की शूटिंग के बाद होंठों पर सूजन और शरीर पर निशान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसी वजह से वह पहले संवाद वाले दृश्यों की शूटिंग पूरी कर लेती हैं।
‘ये सीन्स मजे में शूट नहीं होते’
नेहल ने साफ कहा कि दर्शकों को यह समझना चाहिए कि पर्दे पर दिखने वाले बोल्ड सीन उसी तरह मनोरंजन के लिए शूट नहीं किए जाते, जैसा कई बार बाहर से देखने पर लगता है। उनके मुताबिक सेट पर हर चीज पहले से तय होती है और कलाकार को निर्देशक के निर्देश के अनुसार ही प्रदर्शन करना होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे दृश्यों को कम से कम टेक में पूरा करने की कोशिश की जाती है, ताकि कलाकारों को बार-बार उसी स्थिति से गुजरना न पड़े।
बोल्ड सीन्स में ‘फीलिंग’ नहीं होती
नेहल ने कहा कि कैमरे के सामने बोल्ड सीन करते समय वास्तविक भावनाएं नहीं होतीं, क्योंकि कलाकार लगातार निर्देशन और तकनीकी जरूरतों के अनुसार काम कर रहे होते हैं। कैमरा एंगल, दृश्य की टाइमिंग और निर्देशक के निर्देश पर ध्यान देना प्राथमिकता होती है।
उन्होंने बताया कि बोल्ड सीन्स के बाद शरीर पर निशान पड़ना भी आम परेशानी हो सकती है। उनके मुताबिक ऐसे दृश्यों को करना कई बार काफी कठिन और असहज अनुभव होता है।
नेहल ने किए ‘एक्स्ट्रीम सीन्स’ का भी जिक्र
अभिनेत्री ने बातचीत में यह भी बताया कि उन्होंने अपने करियर में एक्स्ट्रीम कैटेगरी के सीन्स भी किए हैं। उन्होंने कहा कि बोल्ड कंटेंट की भी अलग-अलग कैटेगरी होती हैं और एक्स्ट्रीम के बाद एरोटिका जैसी श्रेणियां आती हैं।
नेहल का कहना है कि किसी भी बोल्ड दृश्य की शूटिंग के पीछे एक पूरा पेशेवर सेटअप होता है और कलाकारों की सुविधा तथा सहमति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
टीवी से शुरू हुआ था करियर
नेहल वडोलिया ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन इंडस्ट्री से की थी। उनका सपना टीवी धारावाहिकों में मुख्य अभिनेत्री के तौर पर पहचान बनाने का था। हालांकि, उन्हें ज्यादातर कैमियो और सहायक भूमिकाओं में काम करने के मौके मिले।
इसके बाद उन्होंने बोल्ड कंटेंट वाले शोज में काम करना शुरू किया और इसी वजह से उनकी पहचान एक ग्लैमरस अभिनेत्री के रूप में बनी। अभिनय के साथ-साथ नेहल इंटीमेसी कॉर्डिनेटर के तौर पर भी काम करती हैं।
नेहल वडोलिया की बातों से यह सामने आता है कि पर्दे पर कुछ सेकंड का बोल्ड दृश्य दिखने के पीछे कलाकारों के लिए लंबी तैयारी, तकनीकी निर्देशन और कई बार शारीरिक असहजता भी शामिल होती है। उनका अनुभव मनोरंजन उद्योग में ऐसे दृश्यों की शूटिंग के व्यावहारिक पहलुओं को सामने रखता है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।