होर्मुज तनाव के बीच भारत ने UNSC में उठाई गाजा के मानवीय संकट की आवाज, समुद्री सुरक्षा और टू-स्टेट समाधान पर दिया जोर!
NTN REPORT// दुनिया की निगाहें इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव और व्यावसायिक जहाजों पर हो रहे हमलों पर टिकी हुई हैं। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने स्पष्ट किया कि होर्मुज की स्थिति जितनी गंभीर है, उतना ही आवश्यक गाजा में जारी मानवीय संकट पर भी वैश्विक समुदाय का ध्यान केंद्रित होना चाहिए। भारत ने समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक समाधान पर जोर देते हुए गाजा में मानवीय सहायता बढ़ाने की आवश्यकता भी दोहराई।

पश्चिम एशिया भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने सुरक्षा परिषद की पश्चिम एशिया पर आयोजित तिमाही बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि भारत का पश्चिम एशिया के देशों के साथ प्रतिवर्ष लगभग 180 अरब डॉलर का व्यापार होता है। इसके अलावा इस क्षेत्र से भारत में 31 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आता है, जबकि खाड़ी देशों में कार्यरत भारतीय हर वर्ष 52 अरब डॉलर से अधिक की धनराशि भारत भेजते हैं। उन्होंने कहा कि लगभग एक करोड़ भारतीय इस क्षेत्र में रहते और काम करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
कॉमर्शियल जहाजों पर हमलों की भारत ने की कड़ी निंदा
भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जीएफएस गैलेक्सी, एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा जैसे व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।
भारतीय प्रतिनिधि ने बताया कि इन घटनाओं में कई भारतीय नागरिक घायल हुए, एक भारतीय की मृत्यु हो गई तथा एक अन्य अब भी लापता है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही शीघ्र बहाल करने की आवश्यकता पर बल दिया।
साथ ही भारत ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को केवल संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण प्रयासों के माध्यम से ही कम किया जा सकता है।
गाजा के मानवीय संकट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
भारत ने सुरक्षा परिषद में कहा कि होर्मुज की स्थिति चिंता का विषय जरूर है, लेकिन इसके कारण गाजा में जारी मानवीय संकट को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
भारत ने गाजा में आम नागरिकों की लगातार हो रही मौतों और व्यापक तबाही पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
भारत ने यह भी दोहराया कि उसने अब तक फिलिस्तीन के विकास और मानवीय सहायता के लिए करीब 175 मिलियन डॉलर की सहायता उपलब्ध कराई है।
विशेष अस्पताल और प्रशिक्षण संस्थान बनाने की घोषणा
भारत ने हाल ही में फिलिस्तीन में एक विशेष अस्पताल, आर्टिफिशियल लिम्ब सेंटर तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की घोषणा भी की है। भारत ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य फिलिस्तीनी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
टू-स्टेट समाधान पर दोहराया समर्थन
भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह दो-राष्ट्र (टू-स्टेट) समाधान का समर्थन करता है। भारत के अनुसार, सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर इजरायल के साथ शांति और सुरक्षा के वातावरण में रहने वाला स्वतंत्र, संप्रभु और व्यवहार्य फिलिस्तीन ही इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का स्थायी समाधान है।
भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, हिंसा रोकने और वार्ता के माध्यम से स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।