
NTN REPORT// एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बस्तर जिले के थाना कोड़ेनार में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक पिलेश्वरी साहू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रधान आरक्षक पर एक सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले में जब्त ट्रैक्टर के दस्तावेज जल्द उपलब्ध कराने तथा वाहन सुपुर्दगी की प्रक्रिया में मदद करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप था।

दुर्घटना मामले की जांच के दौरान मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता बंगालू यादव, निवासी ग्राम कोड़ेनार, जिला बस्तर ने एंटी करप्शन ब्यूरो, जगदलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने खेती के कार्य के लिए अपने नाम पर आयशर ट्रैक्टर (क्रमांक CG 17 KY 1023) खरीदा था, जिसे उन्होंने घरेलू उपयोग के लिए ग्राम बड़े कालूर निवासी बुधराम को चलाने के लिए दिया था।
वर्ष 2025 में उक्त ट्रैक्टर से जुड़ी एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति ट्रॉली से गिर गया था, जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। इस मामले की जांच थाना कोड़ेनार में पदस्थ प्रधान आरक्षक पिलेश्वरी साहू कर रही थीं।
जल्द कागजात और सुपुर्दगी दिलाने के नाम पर मांगे 10 हजार रुपये
शिकायत के अनुसार, जांच अधिकारी प्रधान आरक्षक ने ट्रैक्टर के दस्तावेज जल्द उपलब्ध कराने तथा वाहन सुपुर्दगी की कार्रवाई कराने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
हालांकि शिकायतकर्ता रिश्वत देना नहीं चाहता था और उसने आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने के उद्देश्य से एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया।
सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल, रंगे हाथ हुई गिरफ्तारी
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर 23 जुलाई 2026 को ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान प्रधान आरक्षक पिलेश्वरी साहू को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी प्रधान आरक्षक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में एंटी करप्शन ब्यूरो लगातार सक्रिय है और रिश्वतखोरी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है।