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खेल

इतिहास रचते हुए पीवी सिंधु बनीं जापान ओपन चैंपियन, सुपर 750 खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी

NTN REPORT// नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का महिला एकल खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में सिंधु ने मेजबान जापान की अकाने यामागुची को सीधे दो सेटों में 21-17, 21-17 से हराकर पहली बार जापान ओपन का खिताब अपने नाम किया। करीब 50 मिनट तक चले मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से अंत तक आक्रामक और संतुलित खेल दिखाते हुए अपनी प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

फाइल फोटो

जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं

इस ऐतिहासिक जीत के साथ पीवी सिंधु जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के किसी भी वर्ग में कोई भारतीय खिलाड़ी चैंपियन नहीं बन पाया था। इतना ही नहीं, पहली बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने जापान ओपन के फाइनल में पहुंचकर ट्रॉफी अपने नाम की है। सिंधु की यह उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।

19 महीने बाद मिला बड़ा खिताब

यह जीत सिंधु के लिए बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने लगभग 19 महीने बाद बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का कोई खिताब जीता है। इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2024 में सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का खिताब जीता था। इसके बाद चोट, फिटनेस और फॉर्म से जूझने के कारण वह लगातार बड़े खिताब से दूर रहीं। जापान ओपन में मिली जीत ने उनकी दमदार वापसी का संकेत दे दिया है।

करियर का पहला सुपर 750 खिताब

पीवी सिंधु ने अपने करियर में पहली बार बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 श्रृंखला का खिताब जीता है। इसके साथ ही वर्ष 2019 में विश्व चैंपियन बनने के बाद यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब भी है। यह उपलब्धि उनके करियर के सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक मानी जा रही है।

पुरानी प्रतिद्वंद्वी पर शानदार जीत

31 वर्षीय पीवी सिंधु और अकाने यामागुची के बीच यह कुल 30वां मुकाबला था। अब तक दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए मुकाबलों में सिंधु ने 16 जबकि यामागुची ने 14 जीत दर्ज की हैं। पिछले कुछ वर्षों में जापानी खिलाड़ी का पलड़ा भारी रहा था और पिछले 10 मुकाबलों में से 7 में उन्होंने जीत हासिल की थी। ऐसे में फाइनल में मिली यह जीत सिंधु के लिए मानसिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण रही।

इस वर्ष मलेशिया में दोनों खिलाड़ियों की पिछली भिड़ंत अधूरी रह गई थी, जब पहला गेम हारने के बाद यामागुची चोट के कारण मुकाबले से हट गई थीं। जापान ओपन के फाइनल में सिंधु ने शानदार प्रदर्शन कर उस मुकाबले की चर्चा को पीछे छोड़ दिया।

सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन को हराया

फाइनल से पहले सेमीफाइनल में भी सिंधु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन की ओलंपिक चैंपियन चेन युफेई को 21-19, 15-10 से हराया था। हालांकि दूसरे सेट के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण युफेई मुकाबला पूरा नहीं कर सकीं। पूरे टूर्नामेंट में सिंधु बेहतरीन लय में दिखाई दीं और उसी आत्मविश्वास को फाइनल में भी बरकरार रखते हुए खिताब जीत लिया।

भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

जापान ओपन सुपर 750 का खिताब जीतकर पीवी सिंधु ने न केवल अपने करियर में एक नया अध्याय जोड़ा है, बल्कि भारतीय बैडमिंटन को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उनकी यह जीत युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है और यह साबित करती है कि कठिन दौर के बाद भी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर शानदार वापसी की जा सकती है।

यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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